सोनोग्राफी से कैसे पता लगाए की पेट में लड़का है | अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत | अल्ट्रासाउड रिपोर्ट बाय और गर्ल

प्रेगनेंसी किसी सस्पेंस से कम नहीं, क्युकी आने वाले चंद सप्ताह क्या हो जाए कुछ कह नहीं सकते। हालांकि, कुछ चीजे आप समय से पहले ही जान सकती हैं शिशु का लिंग भी... कैसे?अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत - baby boy symptoms in 3rd month


सोनोग्राफी-से-कैसे-पता-लगाए-कि-पेट-में-लड़का-है


जितना शिशु विकसित होगा, माता पिता को उसके बारे में जानने कि रूचि भी उतनी अधिक तीव्र होती जाती हैं। ऐसे में कई बार पैरेंट्स के मन में कैसे पता लगाए कि पेट में लड़का है या लड़की अनजाने अथवा जिज्ञासा में आ ही जाते हैं - baby boy and girl


पहले के समय तो sonography test नहीं हुआ करती थी, जिससे पता लगाए कि पेट मे लड़का है अथवा लड़की, लेकिन आज जब अजन्मे बच्चे का जेंडर जानने कि बात हो, पहला ख्याल सोनोग्राफी से जेंडर जानने का ही आता हैं - fetal ultrasound


अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत ढूंढना आज के समय सोनोग्राफी से पेट में लड़का है या लड़की पता लगाने का एक बेहतरीन माध्यम है - ultrasound report of boy and girl



वैसे sonography test करने के पीछे दूसरे कारण भी हो सकते है जैसे शिशु में जन्मजात होने वाली बीमारियों का पता लगाना, फलस्वरूप आप सोनोग्राफी से पता लगा सकते हैं कि पेट मे लड़का है या लड़की - बेबी बॉय सोनोग्राफी रिपोर्ट, अतः इस लेख में आज हम सोनोग्राफी जेंडर टेस्ट के विषय में जानेंगे...



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सोनोग्राफी से कैसे पता लगाए कि पेट में लड़का है | अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत - sonography test for baby boy and girl



Here's quick summary


Baby boy symptoms | अल्ट्रासाउंड में लड़का पैदा होने के लक्षण जानें

  • टर्टल साइन : अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट में कछुए जैसा चिन्ह दिखाई पड़ना पेट में लड़का होने का संकेत होता है।
  • हैमबर्गर साइन नहीं होना
  • सेजिटल साइन से लड़का होने का लक्षण 
  • इरेक्ट पेनिस होना पेट में लड़का रहता
  • यूरिन फ्लो लड़का होने का संकेत
  • शिशु का लिंग भी लड़का होने का लक्षण


आइए detail में जानते हैं...


सोनोग्राफी एक ऐसी तकनीक है जिसमे हाई फ्रिक्वेंसी साउंड वेव का इस्तेमाल शरीर अन्दर मौजूद अंगो के इमेज क्रिएट करने के लिए किया जाता है। जिसे अल्ट्रासाऊंड टेस्ट भी कहा जाता है। ये एक  नॉन इनवेसिव टेस्ट (non invasive test) हैं



वैसे तो अल्ट्रासाउंड का अधिकतर उपयोग प्रेगनेंसी में शिशु का विकास दर देखने के लिए किया जाता है फलस्वरूप अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत  जेंडर भी पता कर सकते हैं - baby boy in womb symptoms




सोनोग्राफी कैसे कार्य करता है | सोनोग्राफी टेस्ट फॉर जेंडर इन हिंदी - Ultrasound test in hindi



सोनोग्राफी टेस्ट फॉर जेंडर इन हिंदी - यदि इससे पहले कभी अपने अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट नहीं देखा हैं तो आपको अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट कैसे पढ़े जानने की जरूरत है - Ultrasound in hindi


जिसके बाद ही आप सोनोग्राफी रिपोर्ट से अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत या लड़की को जान सकेंगी, चलिए Ultrasound report kaise samjhe जानते हैं...


अल्ट्रासाऊंड बॉडी के अन्दर की इमेज लेने के लिए हाई फ्रिक्वेंसी साउंड वेव यूज करता हैं जब ये साउंड वेव किसी बॉडी पार्ट से टकराते, तब ये वापस रिफ्लेक्ट हो जाते है तथा कंप्यूटर की मदद से इनसे इमेज तैयार किए जाते हैं।


सोनोग्राफी की सटीकता कुछ प्रकरणों पर निर्भर करती है जैसे - गर्भ में शिशु की उम्र, उपकरण, निरीक्षक, लेकिन अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत ऐसे पता लगा सकते हैं -




अल्ट्रासाउड रिपोर्ट बाय और गर्ल |अल्ट्रासाउंड में लड़के की क्या पहचान है -  ultrasound report boy or girl 



देखिए...अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बाय और गर्ल पहचान करना कोई खेल नहीं है, इसे एक प्रोफेशनल या एक्सपीरियंस व्यक्ति ही कर सकता है। क्युकी सोनोग्राफी रिपोर्ट समझने के लिए बहुत सी बारीकियों को समझना पढ़ता है जो आपको सिर्फ एक्सपीरियंस से ही आएगा।


लेकिन एजुकेशन पर्पज के लिए - कुछ ऐसे साइन होते जिससे आप अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बाय और गर्ल या गर्भ में लड़का हैं या लड़की सोनोग्राफी से पता लगा सकते है



लिंग नहीं तो लड़की होगी


अक्सर लोगों को लगता है, यदि गर्भ में शिशु का लिंग नहीं इसका मतलब वह लड़की है। (Its girl baby)


दूसरे शब्दों में कहा जाए तो, यदि निरीक्षक शिशु का लिंग ढूंढने में नाकामयाब रहा तो यह मान लिया जाएगा गर्भ में शिशु लड़की है।


परन्तु क्या आप जानते हो, शुरुआत में बेबी बॉय अथवा बेबी गर्ल के ultrasound image देखने पर आपको दोनों में ही लिंग कि नामौजूदगी मिलेगी, क्योंकि शुरुआतीदौर में penise और clitoris लगभग एकही शेप और साइज के होते हैं।



हैमबर्गर साइन ( hamburger sign )


जब कोई निरीक्षक ultrasound image से शिशु का जेंडर पता करने की कोशिश करता है असल में वह लड़की के जननागों को खोजने का प्रयास करता है।


लबिया (Labia) और क्लिटरिस (clitoris), जब ये दोनों ultrasound image में दिख जाते हैं तो इसे हैमबर्गर साइन कहा जाता हैं। क्युकी ये एक हैमबर्गर के सामान ही दिखता है।


यहां clitoris ( होठों के समान दिखता ) तथा इसके बीच में Labia रहता है। जो देखने में हैमबर्गर के जैसे दिखता है।



टर्टल साइन ( turtle sign )


जब निरीक्षक अल्ट्रासाऊंड इमेज में बेबी बॉय को ढूंढने का प्रयास करता है असल में वे एक कछुए के आकार का चिन्ह खोजने का प्रयास करते हैं।


यहां लिंग की नोक दोनों टेस्टिकल्स के पीछे से बाहर निकल रहे होते हैं। लेकिन बहुत बार इस तरह के चिन्हों को पहचान पाना काफी मुश्किल होता है।


इसलिए इन साइन के अलावा कुछ और भी चीजें देखें जाते हैं। जैसे बेबी की पोजीशन, gestation age 



सेजीटल साइन ( segittal sign )


प्रत्येक शिशु में शुरूआत में दोनों पैरो के बीच एक ट्यूबरकल नाम का अंग होता इसे नब भी कहते हैं। ये एक धनु के आकार का चिन्ह होता है 


इसे midline sagittal plane भी कहा जाता है। यदि ये नीचे की ओर 10 डिग्री एंगल में प्वाइंट करता है तो गर्भ में शिशु लड़की होती हैं। यदि नब ऊपर की तरफ 30 डिग्री एंगल में पॉइंट कर रहा होता है तो लड़का होता हैं।



इरेक्ट पेनिस ( Eract penise )


गर्भ में शिशु के लिंग में तनाव से भी अल्ट्रासाऊंड में लड़के की क्या पहचान है जान सकते है क्योंकि कई बार जब आप ultrasound image देख रहे होते हैं तो उसमें आपको साफ-साफ शिशु के लिंग में तनाव दिख जाता हैं।


शिशु के लिंग में तनाव आने से उसके जेंडर, अल्ट्रासाऊंड में लड़के की क्या पहचान है ये पहचानना काफी आसान हो जाता हैं।


वैसे शिशु के लिंग में इरेक्शन आना सामान्य है अतः आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं क्योंकि बेबी बॉय में अक्सर ये देखे जाते हैं।



फ्लो ऑफ यूरिन


Sonography test करवाने पर कई बार उसमे शिशु के यूरिन का फ्लो भी दिखाई दे जाता है। इससे आप अल्ट्रासाउड रिपोर्ट बाय और गर्ल जेंडर का पता लगा सकते हैं यदि यूरिन का फ्लो ऊपर की ओर सेे जाा रहा हो तो लड़का, लेकिन यूरिन फ्लो नीचे से जाए तब लड़की होती हैं।



सोनोग्राफी से पता लगाए कि पेट में लड़की है | गर्भ में बेटी होने के लक्षण - baby girl sonography report


यदि आप केवल लड़की होने की पहचान सोनोग्राफी से करना चाहती है - बेबी गर्ल फिटस पहचान के लिए सोनोग्राफर ultrasound image में इन दो साइन को देखता है -



हैमबर्गर साइन 


यह बिल्कुल हैमबर्गर के सामान दिखता है जहां labial दोनों clitoris के बीच ( होंठो के सामान ) में रहता है। जिसे सोनोग्राफी में देखकर लड़की होने की पहचान की जाती हैं।



सेजीटल साइन ( Sagittal sign )


प्रत्येक शिशु में शुरूआत में दोनों पैरो के बीच एक ट्यूबरकल नाम का अंग होता इसे नब भी कहते हैं। ये एक धनु के आकार का चिन्ह होता है 


इसे midline sagittal plane भी कहा जाता है। यदि ये नीचे की ओर 10 डिग्री एंगल में प्वाइंट करता है तो गर्भ में शिशु लड़की होती हैं।




सोनोग्राफी से पता लगाए कि पेट में लड़का है| बेबी बॉय सोनोग्राफी रिपोर्ट - baby boy symptoms in 3rd month 



फ्लो ऑफ यूरिन


कई बार सोनोग्राफी करवाने पर उसमे शिशु के यूरिन का फ्लो भी दिख जाता है। इससे भी आप अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत जेंडर का पता लगा सकते हैं यदि यूरिन का फ्लो ऊपर की तरफ जाए तो लड़का होता हैं।



मेल जेनिटल्स


लेवल 2 अल्ट्रासाउंड ऑफ बेबी बॉय - कई बार 18 से 20 वीक प्रेगनेंसी के सोनोग्राफी इमेज में बेबी बॉय के जननांग भी दिख जाते हैं जिससे उसके जेंडर की पहचान हो जाती है।



सेजीटल साइन ( Sagittal sign )


यदि नब ऊपर की तरफ 30 डिग्री एंगल में पॉइंट कर रहा होता है तो ये अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत हैं मतलब गर्भ में शिशु बेबी बॉय रहता हैं। लेकिन अगर ये बीच में है तो जेंडर बता पाना मुश्किल होगा।




शिशु के जेंडर पता करने के अन्य तरीके - baby boy in womb symptoms




वैसे तो शिशु के जेंडर पता करने के बहुत से तरीके है जैसे पुराने समय के दादी माओ के नुस्खे, आज विज्ञान के पास भी बहुत सी तकनीके है जिनसे आप पता लगा सकते है कि पेट में लड़का है या लड़की जैसे -



दादी मां के नुस्खों से जाने लड़का होगा या लड़की


वैसे तो इन उपायों के सत्य होने के कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है लेकिन ये आपको जन्म से पहले शिशु का लिंग बता सकते हैं...



दिल की धड़कन - fetal heart rate


गर्भ में शिशु का दिल अगर 140 bpm से कम धड़क रहा है तो वह लड़का है लेकिन 140 bpm से अधिक रहने पर ये लड़की होने को बताता है।



शारीरिक तापमान - body temperature


गर्भावस्था में जब गर्भवति का शारीरिक तापमान ठंडा अत्याधिक प्रतित हो इसका मतलब पुत्र होता हैं वहीं गर्म होने पर पुत्री होती हैं।



खाने की तलब - food cravings


इसके मुताबिक गर्भवती को ज्यादा मीठा खाने का मन करता होगा तो लड़की का जन्म होता हैं। लेकिन गर्भवती को खट्टा अधिक पसंद आए तो लड़का होता हैं।



सपने से जेंडर जाने - dreams


बताया जाता है यदि गर्भवती के सपने में पुरुष अधिक आते हो तो यह लड़की के जन्म का संकेत देता है वहीं स्त्रियां अधिक दिखने का मतलब लड़का होना रहता है।



पेट पर लाइन से जेंडर जाने - linea Niagara


गर्भवती के पेट की भूरी लाइन अगर नाभि के नीचे तक जाती है तो यह गर्भ में बेटी होने की बताता है अगर भूरी लाइन नाभि ऊपर तक जाए तो ये बेटा होता हैं।


जरूर पढ़ें : 20 तरीको से पेट में लड़का है या लड़की जानें



वैज्ञानिक तरीके से जाने शिशु का लिंग


यहां सिर्फ अल्ट्रासाउंड या सोनोग्राफी नहीं जिससे बेबी बॉय या बेबी गर्ल पता लगाया जा सके, विज्ञान के पास बहुत से तकनीके हैं जिससे लड़का होगा या लड़की पता किया जा सकता है जैसे -


NIPT test


नॉन इनवेसिव पैरेंटल टेस्ट यह एक non invasive test हैं जिसका मतलब इसमें किसी प्रकार से चीर फाड नहीं किया जाता, इस टेस्ट में शिशु के क्रोमोसोम्स से किसी प्रकार की अबनॉर्मिलिटी का पता लगाया जाता हैं।


क्युकी इसमें शिशु के chromosome को टेस्ट किया जाता है जिसमें उसके जेनेटिक्स की सभी जानकारी होती है अतः यह संभव है कि उसका जेंडर भी पता लगाया जा सके


Amniocentesis


शिशु का विकास दर देखने के लिए इस टेस्ट को किया जाता है। इसके लिए डॉक्टर गर्भवती महिला के शरीर से कुछ मात्रा में amniotic fluid लेता तथा टेस्टिंग के लिए भेज देता है।

अमनियोसेंटेसिस में शिशु के जेनेटिक्स के सभी तरह के इंफॉर्मेशन होते है इससे भी शिशु का लिंग जन्म से पहले पता लगाया जा सकता है।


CVS test


ये DNA test के जैसे होता है। जब शिशु विकसित होने लगता, उसके क्रोमोसोम्स माता के रक्त में आने लगते है। जिसे आप CVS test के जरिए पता कर सकते हैं ।


वैसे CVS test करने का मूल्य लक्ष्य शिशु लिंग जांच नहीं, बल्कि शिशु में होने वाले जेनेटिक्स प्रॉब्लम को जानना रहता हैं।


जेनेटिक्स इंफॉर्मेशन की वजह से शिशु का लिंग cvs test के जरिए पता लगाया जा सकता हैं। लेकिन लिंग जांच के लिए यह बिल्कुल भी उचित तरीका नहीं है।



गर्भ में लिंग निर्धारण कैसे होता हैं


गर्भ में शिशु का लिंग निर्धारण उसी समय हो जाता है जब निषेचन अर्थात फर्टीलाइजेशन होता हैं। मतलब पुरूष के शुक्राणु महिला के अंडाणु से मिलते हैं


लिंग निर्धारण पूरी तरह chromosomes पर निर्भर करता हैं...


लिंग निर्धारण में पुरूष का महत्व


पुरुषों के शुक्राणु में [ X ] और [ Y ] तरह के क्रोमोसोम्स रहते है जहां [ X ] फीमेल क्रोमोसोम्स होता हैं तथा [ Y ] मेल क्रोमोसोम 


लिंग निर्धारण में स्त्रियों का महत्व


महिलाओं के अंडाणु में केवल [ X ] तरह के है क्रोमोसोम्स होते है। इसका मतलब यदि आपको लगता हो लड़का या लड़की के जन्म में स्त्रियां जिम्मेदार होती है, ऐसा बिल्कुल भी नहीं..


लड़का होगा या लड़की


फर्टीलाइजेशन के समय यदि पुरूष के [ X ] क्रोमोसोम्स महिला के [ X ] क्रोमोसोम्स से मिलते हैं तब लड़की का जन्म होता है यदि पुरूष के [ Y ] क्रोमोसोम्स महिला के [ X ] क्रोमोसोम्स से मिलते हैं तब लड़का का जन्म होता हैं।


अतः यह पूरी तरह साफ है ना महिला ना पुरुष, दोनों ही बेबी बॉय या बेबी गर्ल के लिए कुछ नहीं कर सकते यह पूरी तरह नेचुरल प्रोसेस है। जिसमे कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता।


चलिए जाने अब तक हमने क्या क्या जाना....



FAQ - अकसर पूछे जाने वाले सवाल


कैसे पता लगाए सोनोग्राफी से पेट में लड़का है ? 

अल्ट्रासाऊंड या सोनोग्राफी रिपोर्ट में कुछ ऐसे साइन होते है जिनसे एक्सपर्ट गर्भ में शिशु का लिंग पता लगाते है जैसे लड़कियों में - हैमबर्गर साइन, सेजीटल साइन तथा लड़को में कछुआ चिन्ह, इरेक्ट पेनिस, फ्लो ऑफ यूरिन आदि


प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड टेस्ट कब कराएं ?

अल्ट्रासाउंड एक रूटीन टेस्ट हैं जो प्रेगनेंसी के डिफरेंट स्टेजेस में किए जाते है। लगभग 18 से 20 सप्ताह के बीच एक ट्रेंड सोनोग्राफर शिशु की जांच के लिए डिटेल अल्ट्रासाउंड स्कैन करता है जिसे level 2 ultrasound भी कहते हैं। ये वही समय है जब सोनोग्राफर गर्भ में शिशु के जरूरी अंगो को मेजर करता है।



Hindiram के कुछ शब्द


सोनोग्राफी से कैसे पता लगाय कि पेट में लड़का है ? इसके लिए आपको अल्ट्रासाउंड इमेज में कुछ निश्चित साइन को देखना चाहिए। अल्ट्रासाउंड में बच्चा लड़का के संकेत जिसकी पहचान करने से आप गर्भ में शिशु के जेंडर की पहचान कर सकते है।

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