सोनोग्राफी रिपोर्ट कैसे पढ़े इन हिंदी | अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट कैसे समझे - Ultrasound report kaise samjhe

क्या आपने कभी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट को देखा और यह सोचने पर मजबूर हुए, आखिर आप देख क्या रहे हैं ? अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कैसे समझे ? Ultrasound in hindi


जब दूसरे लोग सोनोग्राफी ( अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ) पढ़कर तरह-तरह की बातें कर रहे होते हैं ओवरिन डायग्नोसिस, गर्भाशयशोथ ट्रीटमेंट लेकिन अभी भी आप यह निर्णय कर पाने में असमर्थ है कि क्या, क्या है?


देखिए, अगर आपको सोनोग्राफी ( अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट ) में सबकुछ काला-काला ही दिखता है तो चलिए बेसिक से समझते हैं जिससे आपको एक समझ मिल सके आखिर आप देख क्या रहे हैं सोनोग्राफी रिपोर्ट कैसे पढ़े इन हिंदी



अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कैसे समझे | सोनोग्राफी रिपोर्ट कैसे पढ़े - Ultrasound report kaise samjhe


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अल्ट्रासाउंड एक non invasive test हैं मतलब ये एक ऐसा टूल है जिसकी मदद से आप शरीर अन्दर मौजूद टिशूज  के इमेजेस ले सकते हैं।


सबसे अच्छी बात Ultrasound की ये है एक्स-रे की तरह ये हड्डियों के पार नहीं जाता। लेकिन सोनोग्राफी रिपोर्ट पढ़ने के लिए आपको उसकी anatomy को समझना होगा। 


शरीर में मौजूद प्रातियेक tissue अलग-अलग तरह के साउंड बनाते हैं। कुछ ध्वनि तरंगों को अवशोषित कर लेते तो कुछ उन्हें रिफ्लेक्ट करते हैं। कोशिकाओं का घनत्व उस गति को निर्धारित करता जिस पर गूंज वापस आती है।


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सोनोग्राफी रिपोर्ट में काले रंग का हिस्सा फ्लूइड या हवा के कारण बनता हैं ग्रे कलर में दिखने वाले अंग, शरीर की कोशिकाए रहती हैं यहां टिशू जितने सघन होंगे वे उतने चमकीले ( सफेद ) अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में दिखते हैं तथा जो सबसे ज्यादा सफेद नजर आता हैं वह हड्डियां रहती है।



अब शायद, जब आप सोनोग्राफी रिपोर्ट को पढ़ेंगे तो यह समझ जाएंगी कि आप क्या देख रही हैं मतलब ultrasound image में क्या दिखाई दे रहा हैं।


बेहतर ultrasound image के लिए आपके equipment भी अच्छे होने चाहिए, तभी चीजे आपको साफ नजर आएंगी। तभी आप सोनोग्राफी रिपोर्ट पढ़ पाएंगी।


इमेज के ऊपर से देखना शुरू करें - sonography in hindi


वैसे तो आपको ultrasound image के ऊपर दिए नम्बरो पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं, क्युकी इसमें हॉस्पिटल अपनी जानकारी के लिए इंफॉर्मेशन लिखते है।


आपको वहां से शुरू करना चाहिए जहां से इमेज बनना शुरू हुआ है। यहीं आपको बताता है कि अल्ट्रासाऊंड (sonography test) आपके किस बॉडी पार्ट का और कितने हिस्से का लिया गया है।



विजुअल इफेक्ट्स इन सोनोग्राफी - sonography in hindi


ultrasonography बॉडी अन्दर इमेज बनाने के लिए ultrasound waves का प्रयोग करता हैं इसलिए ज्यादातर इमेज साफ नहीं रहतीं, सोनोग्राफी रिपोर्ट पढ़ने के लिए आपको इसमें होने वाले कुछ इफेक्ट्स को भी समझना होगा।


अलग अलग विजुअल इफेक्ट्स अल्ट्रासाऊंड की सेटिंग, एंगल, और टिशू की डेंसिटी से भी आते है



एन्हांसमेंट ( Enhancment ) : जब शरीर में एक्स्ट्रा फ्लूइड की वजह से बॉडी का कोई हिस्सा ज्यादा ब्राइट नजर आने लगे तो यह एन्हांसमेंट कहलता है। जैसे - किसी गांठ या cyst में


अटेन्युएशन ( attenuation ) : इसे शेडोइंग ( shadowing ) भी कहा जाता हैं। ये तब होता हैै जब स्कैन किया जाने वाला एरिया जरूरत सेे ज्यााद डार्क नजर आने लगे। 


अनिसोट्रोपी ( anisotropy ) : इस तरह के 

इफेक्ट प्रोब एंगल की वजह से बनते हैं उदाहरण के लिए यदि किसी प्रोब को टेंडन के 90° पर रखें तो ये बहुत ब्राइट नजर आते है। इसलिए इस तरह के इफेक्ट को रोकने के लिए एंगल एडजस्ट करना पड़ता हैं।



अल्ट्रासाऊंड बॉडी साइड स्कैनिंग - usg test in hindi


अधिकांश अल्ट्रासाऊंड स्कैनिंग इमेज को मिररड रखा जाता है मतलब की आपके बॉडी के लेफ्ट साइड का इमेज लेफ्ट साइड ही दिखेगा। 


यदि आपका transvaginal अल्ट्रासाउंड होगा तो आपको स्ट्रेट शॉट मिलेगा। इसमें लेफ्ट साइड की इमेज राइट साइड में दिखती हैं। आप इसके बारे में अपने अल्ट्रासाउंड टेक्नीशियन से पूछ सकते हैं।


अल्ट्रासाउंड 3D और 4D इमेज - usg test in hindi 


यदि आप शरीर के बारे में बारीकी से जानना चाहते हैं तो डॉक्टर आपको 3D अल्ट्रासाउंड कराने को बोलेंगे, 3D अल्ट्रासाउंड में बहुत से फीचर्स, डिफेक्टस को आसानी से पता लगाया जा सकता हैं।


अगर बात 4D अल्ट्रासाउंड की करें तो ये भी 3D की तरह है लेकिन इसमें एक वीडियो रिकॉर्डिंग सी बन जाती हैं।


  • 3D अथवा 4D अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग करवाना 26 से 30 सप्ताह में सही रहता हैं।
  • ये अधिक महंगे भी होते हैं। 


गर्भाशय की दीवार का पता लगाए - sonography in hindi


प्रेग्नेंसी में यदि ultrasonography करवाते हैं यहां abdominal ultrasound image के किनारों पर आपको सफेद या ग्रे रंग का आउटलाइन दिखाई देगा जो गर्भाशय रहता हैं गर्भाशय के बीच वाला हिस्सा एमनियोटिक फ्लूइड की वजह से काला नजर आता हैं।


अगर आपके टेक्निशियन ने अल्ट्रासाउंड प्रोब को इस प्रकार से सेट किया होगा कि बच्चा इमेज के बीच में दिखें तो हो सकता है गर्भाशय की व्हाईट या ग्रे आउटलाइन इमेज के एक या दो साइड में ही दिखाई पड़े



अल्ट्रासाउंड इमेज में बेबी को खोजें - sonography in hindi


ultrasound image में बेबी एमनियोटिक फ्लूइड वाले काले हिस्से के बीच में व्हाईट या ग्रे आउटलाइन में दिखाई देगा, हालांकि, यदि आप शिशु के आउटलाइन को सही से नहीं ढूंढ़ पा रहीं होंगी तो इसका एक कारण ये हो सकता है कि आप अभी प्रेगनेंसी के शुरुआती स्टेज में हैं


क्युकी प्रेग्नेंसी के अलग अलग स्टेजेस में शिशु अलग दिखाई पड़ता हैं जैसे - 8 हफ्तों के बाद छोटे भालू के समान, 12 हफ्तों के बाद शिशु का सिर भी दिखने लगता है तथा 20 सप्ताह तक लगभग सभी अंग बनकर दिखने लगते है।



अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बॉय और गर्ल जेंडर पता करें - ultrasound in hindi


वैसे तो सोनोग्राफी रिपोर्ट देखकर जेंडर बता पाना इतना भी आसान काम नही, इसे एक प्रोफेशनल ही सही से बता सकता है। लेकिन चलिए आज हम आपको उन signs के बारे में बताते है जिसे देखकर ही जेंडर पता किया जाता हैं।


हैमबर्गर साइन : यदि निरीक्षक इस निशान को सोनोग्राफी रिपोर्ट में ढूंढ लेता है तो वह लड़की होने की ओर संकेत करता है। 


कछुआ चिन्ह : अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में baby boy के इमेज में इस sign को ढूंढा जाता है जिसके बाद ही लड़के होने की बात कही जाती है।


जरूर पढ़े : सोनोग्राफी से जेंडर कैसे पता करें


अल्ट्रासाउंड कैसे कार्य करता | सोनोग्राफी कैसे की जाती हैं - Level 2 ultrasound in hindi


पहली बार अल्ट्रासाउंड इमेज देखने पर शायद इसमें घुमावदार लकीरों ( ग्रे कलर में ) इसके अलावा आपको कुछ न दिखें।


अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट समझने के लिए व्याख्यानों की जरूरत पड़ सकती हैं साथ ही आपको ultrasound टेक्नोलॉजी कैसे काम करती हैं यह भी जानना होगा ?


उदाहरण के लिए -


जैसे रात में चमगादड़ हाई फ्रिक्वेंसी साउंड निकाल कर रास्ते में आने वाली चीजों को पहले ही भांप लेते हैं क्युकी जब साउंड किसी वस्तु से टकराकर वापस आता है वह जानवर उस साउंड फ्रिक्वेंसी से डायरेक्शन और दूरी पता लगा लेता है। 


इसी तरह ट्रांसड्यूसर भी हाई फ्रिक्वेंसी साउंड निकलता है जो शरीर अंदर tissues से टकराकर वापस आता है


कठोर और सघन tissues से साउंडवेव पार नहीं हो पाता जिसके कारण सांउडवावे ट्रांसडयूसर के पास रिफ्लेक्ट हो जाता है। जिससे एक मजबूत इमेज बनता है जो सफेद कलर में दिखाई पड़ता है।


लेकिन वही फ्लूइड में साउंड वेव आसानी से पार चला जाता हैं जिसके कारण कोई इमेज नहीं बनता।


हालांकि, लगभग सभी टिशू कुछ ना कुछ इमेज देते हैं जो लगभग ग्रे कलर में होते हैं। जहां इसकी मात्रा अत्याधिक हो वह काले रंग में दिखाई पड़ता है। कुछ-कुछ सफेद धब्बों के साथ ( snowglobe effect ) 


जितना समय साउंड वेव को रिटर्न होने में लगता है वह बताता है कि ऑब्जेक्ट कितनी दूरी पर है। उदाहरण के लिए अगर सिग्नल को ज्यादा समय लग रहा हैं वापस आने में तो यह संकेत देता है कि ऑब्जेक्ट भी नीचे की ओर हैं और उसके मुताबिक इमेज बनता है।



पर्पज ऑफ अल्ट्रासाऊंड टेस्ट | कैसे पढ़े सोनोग्राफी रिपोर्ट इन हिंदी - uses of ultrasound


सोनोग्राफी : ultrasound test एक बेहतर माध्यम है शरीर अंदर मौजूद कोशिकाओं के आकार तथा सघनता को मापने के लिए जिससे मेडिकल ट्रीटमेंट में सहायता हो सके, ultrasound imaging करवाना बेस्ट भी है। बिना किसी चीर फाड़ के शरीर के अंदर झांक सकते हैं।


abdominal ultrasound अक्सर गॉलब्लैडर डिजीज, किडनी स्टोन, किडनी डिजीज, लीवर डिजीज, अपेंडिक्स, ओवरिन् सिस्ट्स, एक्टोपिक प्रेगनेंसी, यूटरिन ग्रोथ, फाइब्रॉयड जैसे कंडीशन में किए जाते हैं।


सोनोग्राम करवाने का सबसे कॉमन रीजन गर्भ में शिशु और गर्भाशय के ग्रोथ को देखना। sonography test के जरिए आप शरीर में रक्त अथवा फ्लूइड के फ्लो को भी जान सकते हैं।


कंप्यूटर यहां आसानी से पता लगा लेता है कि शरीर में फ्लूइड ट्रांसडीयूजर से किस दिशा में जा रहा है। तथा उसकी दिशा के अनुसार इमेज भी बनता है। लेकिन यदि ऑर्गन खाली अथवा गैस से भरा है तो अल्ट्रासाउंड भी उसे नहीं दर्शा पाते



रिस्क एंड कंट्राडिक्शन इन सोनोग्राफी - ultrasonography


सोनोग्राम एक non-invasive इमेजिंग टेस्ट हैं। जिसमें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती, ultrasound waves को हर्मलेस माना जाता है


टेस्ट को स्क्रीन सर्फेस पर किया जाता है तथा अधिक रूप से भी यूज करने पर असुविधा नहीं होती हैं।


हालांकि, ultrasonography से निकले एनर्जी वेव में अधिक समय तक एक्सपोज होने से इरीटेशन हो सकती, इस लिए इसे एक श्रेष्ठ निरीक्षक तथा उचित उपकरणों के माध्यम से किया जाता है। अतः सोनोग्राफी इमेजिंग टेस्ट बेस्ट रहता है।


Hindiram के कुछ शब्द


सोनोग्राफी रिपोर्ट कैसे पढ़े इन हिंदी | अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट कैसे समझे इन सब के लिए आपको sonography (ultrasound) के कुछ बेसिक पता होने चाहिए जो आपको इस लेख में पता चल गया होगा। लेकिन अगर आप इसे गहराई से समझना चाहते है तो आपको  इसमें गहन अध्ययन की आवश्यक्ता पड़ेगी

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