21 प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय

बदलते समय ने लोगों की सोच में बहुत परिवर्तन लाया हैं शादी से पहले जहां लोग संबंध रखने से कोसों दूर थे आज बात शारीरिक संबंध तक पहुंच जाती है



पर समस्या ये नहीं, इसके चलते अनजाने ही सही महिलाओं को अनचाहे गर्भ ( Unwanted pregnancy) का सामना करना पड़ता है।


वैसे तो आज के समय प्रेगनेंसी रोकने के 100% गारंटी इलाज मौजूद है


परन्तु जानकारी के अभाव में महिलाओं को प्रेगनेंसी रोकने के लिए कई बार बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय ही लोगों के जेहन में आते हैं।


कई बार तो घरेलू उपाय से प्रेगनेंसी रोकने का नुस्खा भी असफल रहता है जिससे अधूरे गर्भपात का सामना करना पड़ जाता है। 


चलिए इस लेख के माध्यम से हम आपको प्रेगनेंसी रोकने के 100% गारंटी इलाज बताते है साथ ही यह भी क्यों आपको प्रेगनेंसी रोकने के लिए घरेलू उपाय  प्रयोग नहीं करना चाहिए



प्रेगनेंसी रोकने के लिए क्या करना पड़ेगा


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यदि आप गर्भपात के विषय में सोच रहे तो सबसे पहले तो आपको अंदेशा होना चाहिए, आप क्या करने जा रहे है ! क्युकी garbhapat पीड़ादायक, संवेदनशील, तथा कई बार जानलेवा भी हो सकता है।

 

गर्भपात के समय अनेकों प्रकार की समस्या आएंगी जिसका आपको सामना करना पड़ेगा। इसलिए इन बातो को सुनिश्चित करें



गर्भपात से पूर्व सावधानियां


  • यदि आप 10 सप्ताह से कम की गर्भवति है तो आपको मेडिकल अबोर्शन करना चाहिए। 10 सप्ताह से अधिक होने पर सर्जिकल अबोर्शन बेस्ट रहेगा। 
  • यदि आप शारीरिक अथवा मानसिक रूप से अस्वस्थ है तो गर्भपात करना हानिकारक हो सकता है। 
  • गर्भपात किसी निर्देशक के देख रेख में करना ज्यादा बेहतर होगा। 
  • अपूर्ण गर्भपात की अवस्था में आपको मेडिकल हेल्प की जरूरत पड़ेगी। 
  • आपातकालीन स्थिति के लिए आपको मेडिकल हेल्प सुनिश्चित करना चाहिए


इन सभी तैयारियों के बाद ही आपको प्रेगनेंसी रोकने के उपाय अपनाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए...



प्रेगनेंसी रोकने के कितने उपाय है

यदि आप भी प्रेगनेंसी रोकने अथवा गर्भपात के लिए घरेलू उपायों को बेस्ट मानती है तो रुकिए, क्या आप जानती है घरेलू उपायों प्रेगनेंसी रोकने से आपको किन समस्याओं से जूझना पड़ सकता हैं


यदि आप मेडिकल अबॉर्शन अथवा सर्जिकल अबॉर्शन का रास्ता चुनती है तो ये वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित हैं। इनसे आपको 100% गर्भपात होगा ही


हालंकि, दवाइयों से गर्भपात ( medical abortion ) आप 10 सप्ताह के बार नहीं अपना सकती, इसके पश्चात आपको क्लीनिकल अबॉर्शन ( sergical method ) ही चुनना होगा।


जरूरी बात : यदि आप घरेलू उपाय से गर्भपात करने की सोच रहे तो हम आपको बताएंगे क्यों आपको प्रेगनेंसी रोकने के लिए इनका उपयोग नहीं करना चाहिए !



21 प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय


गर्म पानी से नहाना

गर्भावस्था में गर्म पानी ( गुनगुने पानी ) से नहाना किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन अगर पानी ज्यादा गर्म है इतना कि आपके कोर बॉडी टेंपरेचर को 102°F तक बढ़ा दे 


10 मिनट से अधिक ऐसा होने पर...

 

  • आपका ब्लड प्रेशर कम होने लगता हैं जिससे शिशु तक ऑक्सीजन और दूसरे न्यूट्रिएंट नहीं पहुंच पाते जो मिसकैरेज का कारण बन सकता हैं
  • कुछ स्टडी बनाते, ज्यादा गर्म पानी स्नान चाइल्ड डिफेक्ट का कारण बनता 
  • आपको हाइपोथर्मिया हो सकता है जिसमें शरीर अत्याधिक गर्मी अवशोषित करने लगता है।


अत्याधिक संभोग

अक्सर ये बात कही जाती हैं गर्भावस्था में अत्याधिक संभोग, ऑर्गेज्म मिसकैरेज का कारण बनता है। हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक आधार तो नहीं है जो ये साबित करे की गर्भावस्था में संभोग गर्भपात करा सकता है। बल्कि बहुत से महिलाओं मे प्रेगनेंसी में संभोग करने की इच्छा बढ़ जाती हैं


लेकिन कुछ ऐसे केस होते जब डॉक्टर प्रेगनेंसी में संभोग से परहेज रखने की सलाह देते...


  1. मिसकैरेज हिस्ट्री
  2. प्रेटर्म लेबर की शिकायत
  3. बिना कारण वेजाइनल ब्लीडिंग, डिस्चार्ज होने पर
  4. एमनीओटिक फ्लूइड लिक होने पर
  5. प्रेगनेंसी में सरविक्स पहले से ही ओपन होने पर
  6. प्लेसेंटा गर्भाशय से बहुत नीचे 
  7. ट्विंस या ट्रिपलेट्स



एक्यूपंचर से गर्भपात

शायद आपने इसके बारे में सुना हो, शरीर के कुछ ऐसे पॉइंट्स जिनमें प्रेशर अप्लाई कर लेबर लाया जाता है। पर क्या आप सच्चाई जानते है ?  


एल 14

ये अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच में रहता हैं। कुछ लोग मानते ये बड़ी आंत के बिहेवियर को प्रभावित करता है।


वहीं कुछ लोगो का मानना हैं इससे लेबर पेन लाया जा सकता है। लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उबलभ नहीं है। 


sp6

यह पॉइंट पैरों पर होता है, आपके एकल के ऊपर इसे spleen health से भी जाता है।


रिसर्च के मुताबिक SP 6 पॉइंट पर प्रेशर अप्लाई करना आपके लेबर पेन को कम करता है लेकिन इससे  प्रेग्नेंसी रोकने या लेबर पेन लाने वाली कोई बात नहीं



एस्प्रिन से गर्भपात

वैसे तो प्रेगनेंसी में एस्प्रिन से परहेज करने को कहा जाता है लेकिन कुछ मेडिकल कंडीशन में इसका उपयोग प्रेगनेंसी में भी किया जा सकता हैं।


लो डोज एस्प्रीन 60 से 80mg रोज लेना प्रेगनेंसी में कोई नुकसान नहीं करता, कई बार प्रेगनेंसी लॉस, क्लोटिंग डिसऑर्डर, प्रिकॉलापसिया में लो डोज एस्प्रिन लेना फायदा करता है। 


हाई डोज एस्प्रीन डिफरेंट प्रेगनेंसी स्टेज में लेने से... 


  • पहली तिमाही में हाई डोज मिसकैरेज या चाइल्ड डिफेक्ट का कारण बनता
  • तीसरी तिमाही में हाई डोज एस्प्रिन शिशु के दिल और ब्लड वेसल्स को बंद कर देता हैं
  • हाई डोज एस्प्रिन लंबे समय तक प्रेगनेंसी में लेना शिशु के दिमाग में ब्लीडिंग का कारण बनता हैं



कच्चा पपीता से गर्भपात

प्रेगनेंसी में पके पपीते का सेवन आप जितनी चाहे उतनी कर सकती हैं यह नुकसान नहीं करेगा।


लेकिन ऐसा कहा जाता, कच्चे पपीते का सेवन गर्भपात करा सकता है। हां, ये सच है प्रेगनेंसी में कच्चा पपीता खाना प्रीमेच्योर डिलीवरी का कारण बन सकता है। लेकिन गर्भपात होगा ही इसका कोई प्रमाण नहीं है 


रिसर्च के मुताबिक कच्चे पपीते में पैपिन नाम का तत्व रहता है जो इन सब का कारण बनता है लेकिन गर्भपात के लिए ये उपयुक्त तरीका नहीं है। 



अदरक से गर्भपात

अदरक का सेवन प्रेगनेंसी में पेट की ऐंठन, उल्टी और इनडाइजेशन जैसी समस्या में राहत पहुंचाता है। मतलब इसे प्रेगनेंसी में खाया जा सकता हैं।


अधिक मात्रा में अदरक का सेवन कॉन्स्टिपेशन और बॉडी हीट की समस्या दे सकता है वैसे भी प्रेगनेंसी में कॉन्स्टिपेशन की समस्या होती है है जो इसे अधिक हानिकारक बना देगा।


प्रेगनेंसी में अदरक सेवन से मिसकैरेज होने का कोई प्रमाण नहीं है और इससे गर्भपात भी नहीं होगा।



सूखे अंजीर से गर्भपात

बहुत से लोग मानते हैं सूखे अंजीर का सेवन गर्भावस्था में गर्भपात का कारण बनता है लेकिन यह बिल्कुल भी सही नहीं बल्कि प्रेगनेंसी में अंजीर का सेवन बहुत लाभदायक रहता है तथा गर्भवतीयों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए।


हालांकि अंजीर अधिक मात्रा में लेना भी अच्छा नहीं क्युकी…


  • अंजीर पिगमेंटेशन से बचने के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन अधिक मात्रा में सेवन आपको स्किन प्रॉबलम दे सकता है 
  • अधिक मात्रा अंजीर खाना ब्लड ग्लूकोस लेवल को कम कर देता हैं



दालचीनी से गर्भपात

अभी तक जितने भी शोध दालचीनी पर हुए किसी में भी यह साबित नहीं हुआ इससे गर्भपात हो सकता है। हां अधिक मात्रा में इसको लेना हेल्थ प्रॉब्लम दे सकता है।


क्योंकि ये ब्लड ग्लूकोस लेवल को कम कर देता है। गर्भवती महिलाएं जो डायबिटीज की दवाई लेती या खून पतला होने की शिकायत है उन्हें ज्यादा केयरफुल रहकर इसका सेवन करना चाहिए। 



विटामिन सी से गर्भपात

यदि आप अनचाही प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय तलाश रही होगी तो जरूर विटामिन सी टेक्निक के बारे में जानती होंगी


इसमें बताया जाता, यदि आप विटामिन सी अधिक मात्रा में लंबे समय तक ले तो गर्भपात हो जाता है। वैसे देखने में यह काफी आसान लगता है और ये आपको कहीं भी मिल जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं प्रेगनेंसी रोकने के लिए बिल्कुल भी कारगर नहीं है।



इलायची से गर्भपात

इलायची पेट संबंधी समस्याओं से राहत पाने के लिए उपयोग किया जाता है लेकिन यह बात भी लोगों में प्रचलित की इलायची से गर्भपात किया जा सकता हैं।


नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इनफॉरमेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक इलायची पाउडर खाने से गर्भावस्था में उल्टी मतली की समस्या से राहत मिलती है। 


लेकिन कहीं भी इससे गर्भपात की बात नहीं कि गई। यदि किसी भी चीज की अधिकता की जाए तो उससे नुकसान होगा ही


हींग से गर्भपात

कुछ एक्सपर्ट का मानना हैं गर्भवती को पहली तिमाही में हींग का सेवन नहीं करना चाहिए


हींग का प्रयोग अक्सर तले भुने चीजों में किया जाता है जिससे पेट की समस्या ना हो, लेकीन इसका अधिक मात्रा में सेवन ब्लड प्रेशर की समस्या दे सकता है जो पहली तिमाही में बिल्कुल भी नहीं अच्छा नहीं रहता, लेकिन इससे गर्भपात होगा ऐसी कोई बात नहीं हैं 


नीम से गर्भपात

देखिए नीम से गर्भपात की बात 1985 के अध्ययन में सामने आया जिसके मुताबिक यदि कपल्स नीम का तेल अथवा पेस्ट संभोग के समय जननांगों पर प्रयोग करें तो इससे गर्भधारण नहीं होगा लेकिन इससे प्रेग्नेंसी रोकने जैसी कोई बात नहीं


अनानास से गर्भपात

संतुलित मात्रा में अनानास का सेवन गर्भावस्था में फायदा करता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें मौजूद ब्रोमेलिन नाम का तत्व गर्भपात का कारण बन सकता है 


अनानास का अत्याधिक सेवन सीने में जलन, शर्करा, वजन ज्यादा होना जैसे प्रॉब्लम दे सकता हैं। मतलब यदि आप गर्भपात करना चाहें तो यह अच्छा उपाय नहीं होगा।


जायफल से गर्भपात

अभी तक किसी भी वैज्ञानिक शोध या परीक्षण में सामने नहीं आया कि जायफल सेवन से गर्भपात हो सकता है। 


हां... गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके अधिक सेवन से परहेज करने को कहा जाता है इससे प्यास, चक्कर आना, मतली उल्टी जैसी समस्या हो सकती है।



सीताफल के बीजों से गर्भपात

ऐसा माना जाता है कि यदि आप अनचाहे गर्भ से बचना चाहते हैं तो सीताफल के बीज को पीसकर इसके पेस्ट को संभोग के समय जननांगों पर लगाने से गर्भधारण नहीं होता लेकिन ये किसी भी प्रकार से वैज्ञानिक शोध में प्रमाणित नहीं है।



हल्दी से गर्भपात

वैसे बात यहां हल्दी कि नहीं, क्योंकि इससे गर्भवती को कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि इसमें पाए जाने वाले curcumin नामक पदार्थ है


ये प्रेगनेंसी हार्मोन एस्ट्रोजन को प्रभावित करत हैं जिससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है इसलिए हल्दी की मेडिसिनल अमाउंट लेने से मनाही की जाती हैं। 


तुलसी से गर्भपात

तुलसी के पत्ते या काढ़ा से गर्भपात करने की बात सुनने में तो आसान लगती है। लेकिन इससे गर्भपात नहीं होगा।


तुलसी से गर्भपात की बात इस लिए कही जाती है क्युकी इसमें पाए जाने वाला ईयूजोनल नाम का पदार्थ गर्भपात या अर्ली लेबर का कारण बन सकता है। लेकिन इससे गर्भपात होगा ही इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है 



अत्याधिक कसरत और व्याम से गर्भपात

यदि आप गर्भपात के लिए घरेलू उपाय ढूंढ रही होंगी तो शायद इसके बारे में जरूर जानती होंगी, यदि आप अत्याधिक कसरत और व्याम करें तो इससे गर्भपात हो सकता है।


गर्भपात का तो पता नहीं लेकिन ऐसा करना आपके लिए जानलेवा साबित जरुर हो सकता हैं। इसलिए गर्भपात के लिए यह उपाय भी सही नहीं


 

गर्भपात का 100% गारंटी तरीका


मेडिकल अबॉर्शन

दवाइयों से प्रेगनेंसी खत्म करना मेडिकल अबॉर्शन कहलाता है। इसमें किसी प्रकार की सर्जरी करने की जरूरत नहीं होती, मेडिकल अबॉर्शन से आप 10 week pregnancy को खत्म कर सकते है।


मेडिकल अबॉर्शन में मुख्यत: दो मेडिसिन का प्रयोग किया जाता है - mifepristone और misoprostal पहली मेडिसिन माइफप्रिस्टने आप डॉक्टर के क्लीनिक में लेंगी तथा दूसरी मेडिसिन मिसोप्रोस्टल आप घर पर भी ले सकती है।



मेडिकल अबॉर्शन कब ना कराए

  • यदि आप प्रेगनेंसी में 10 सप्ताह से आगे आ चुकी हो 
  • अगर आपको IUD की समस्या हो
  • अगर आपकी ectopic प्रेगनेंसी है
  • मेडिकल कंडीशन जैसे - ब्लीडिंग, हार्ट और ब्लड वेसल डिजीज, लिवर, किडनी, लंग्स प्रॉबलम
  • आपको मेडिसिन से एलर्जी हो



मेडिकल अबॉर्शन कैसे कराए

मेडिकल अबॉर्शन कराने के लिए आपको डॉक्टर से मिलना होगा, क्युकी जिन मेडिसिन का उपयोग अबॉर्शन में किया जाता है वे आपको डॉक्टर से प्रमाणित होने पर दिए जायेंगे। 


  • आपकी मेडिकल हिस्ट्री देखी
  • प्रेगनेंसी कंफर्म करेगें
  • प्रेगनेंसी ऐज, एक्टोपिक प्रेगनेंसी जांचने के लिए अल्ट्रासाउंड भी हो सकता हैं
  • ब्लड और यूरिन टेस्ट


मेडिकल अबॉर्शन कैसे होगा

मेडिकल अबॉर्शन नीचे दिए गए दवाइयों के उपयोग से पूर्ण किए जाते है…


ओरल माइफप्रिस्टने और ओरल मिसोप्रोस्टल

ये दोनों मेडिसिन अधिकतर मेडिकल अबॉर्शन में प्रेगनेंसी टर्मिनेट करने में उपयोग किये जाते है। इन्हें आपको प्रेगनेंसी के शुरुआती 7 हफ्तों में लेना होता हैं। 


माइफप्रिस्टने प्रोजेस्टेरोन हार्मोन प्रभावित कर उसे रोक देता है। जिससे गर्भाशय की दीवार पतली होने लगती, इसके कारण एंब्रोय भी उसमे इंप्लांट नहीं रह पाता। 


मिसोप्रोस्टल गर्भाशय में कॉन्ट्रैक्शन लाता है जिससे एंब्रोए बाहर निकल जाता है। माइफप्रिस्टोन टेबलेट कभी भी डॉक्टर के ऑफिस में लेंगे तथा उसके 24 से 48 घंटों के भीतर दूसरी टेबलेट मिसोप्रोस्टल लेंगी


गर्भपात हुआ की नहीं चेकअप के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ सकता है।


ओरल mifepristone और वेजाइनल, बकल, सब्लेंगुअल misoprostal

इसमें भी समान दवाइयों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन इससे misoprostal टेबलेट घोल कर, वेजाइनली,  मुंह में, दांत या जीभ के नीचे उपयोग करते हैं। 


वेजाइनल, बकल, सब्लेंगुअल तरीकों से प्रेगनेंसी टर्मिनेट करना साइड इफेक्ट को कम कर देता है। इससे ये ज्यादा इफेक्टिव भी हो जाता है। इसे आप 9 weeks तक ले सकती हैं। 



Mithotrexate एंड वेजाइनल misoprostal

Mithotrexate ( otrexup, rasuva, others ) बहुत रेयर केस में अनवांटेड प्रेगनेंसी खत्म करने के लिए उपयोग किया जाता है जैसे - ectopic pregnancy ( गर्भाशय के बाहर ) इस तरह के अबोर्शन 7 week तक किए जाते है।


Mithotrexate इंजेक्शन या वेजाइनली यूज़ किया जाता है वहीं misoprostal को बाद में आप घर में भी ले सकती हैं।



वेजाइनल misoprostal अलोन

वेजाइनली मिसोप्रोस्टोल अकेले उपयोग कर प्रेगनेंसी टर्मिनेट की जा सकती है। लेकिन अकेले इसका प्रयोग कम इफेक्टिव रहता हैं।


मेडिकल अबोर्शन के बाद लक्षण

जब मेडिसिन का उपयोग आप अबॉर्शन में करेंगी तब आपको वेजाइनल ब्लीडिंग, एब्डोमिनल क्रेपिंग जैसे लक्षण दिखेंगे इसके साथ...


  • पेट में ऐठन 
  • उल्टी और मतली
  • बुखार आना
  • ठंड लगना
  • डायरिया
  • सिर दर्द


अबोर्शन के बाद वार्निंग साइन 

मेडिकल अबॉर्शन के बाद यदि आपको नीचे दिए गए लक्षण दिखे तो सतर्क हो जाए 


  • हेवी ब्लीडिंग - 1 घंटे में दो से तीन पैड भीग जाना 
  • अधिक एब्डोमिनल और बैक पेन
  • बुखार 24 घंटे से भी ज्यादा रहना
  • वेजाइनल डिसचार्ज में दुर्गंध


मेडिकल अबॉर्शन के बाद भी यदि आप आशंकित लगे प्रेग्नेंट होने की या इन कंप्लीट अबोर्शन की तो डॉक्टर अल्ट्रासाउंड चेकअप करेंगे फिर शायद सर्जिकल अबॉर्शन किया जाएगा



सर्जिकल अबॉर्शन

सर्जिकल अबॉर्शन क्या है ? यदि कोई गर्भवति अपनी प्रेगनेंसी टर्मिनेट करना चाहती है तो उसके पास बहुत से रास्ते है जैसे वे मेडिकल अबॉर्शन करा सकती जिसमें कुछ मेडिसिन खानी होती है अन्यथा सर्जिकल अबॉर्शन


सर्जिकल अबॉर्शन को क्लीनिक अबॉर्शन भी कहा जाता है ये मेडिकल अबॉर्शन से ज्यादा इफेक्टिव भी रहते हैं मतलब इनकंप्लीट अबॉर्शन होने की बहुत कम चांस रहते, सर्जिकल अबॉर्शन भी दो तरह के होते हैं…


  1. एस्पिरेशन अबॉर्शन
  2. डाइलेशन एंड इवेक्युएशन अबॉर्शन


गर्भवतियां जिन्हें 14 से 16 सप्ताह हो चुके होते हैं वे एस्पिरेशन अबॉर्शन करा सकती हैं लेकिन डाइलेशन एंड इवेक्युएशन अबॉर्शन 14 से 16 सप्ताह के बाद भी किया जा सकता है।



एस्पिरेशन अबॉर्शन

यदि कोई गर्भवती महिला एस्पिरेशन अबॉर्शन कराती है तो उसे डॉक्टर के क्लीनिक में 3 से 4 घंटे बिताने पढ़ सकते हैं लेकिन इसके प्रोसीजर में 5 से 10 मिनट का ही समय लगता है


एस्पिरेशन अबॉर्शन को वेक्यूम एस्पिरेशन भी कहा जाता है ये सबसे कॉमन टाइप का सर्जिकल अबॉर्शन है जहां आपको पहले दर्द के लिए मेडिसिन दिया जाएगा, जो आपकी सर्विक्स को सुन्न बना देगा।


इसके बाद आपको सेडक्टिव भी दिया जाएगा इससे आप जगी तो रहेगी लेकिन पूरी तरह रिलैक्स होंगी।


गर्भाशय की जांच के लिए सबसे पहले स्पेक्यूलम इंसर्ट किया जाएगा, जिसके बाद आपके सर्विक्स को डायलेटर से स्ट्रेच किया जाएगा। फिर आपके गर्भाशय तक एक ट्यूब इंसर्ट किया जाएगा।


इसमें एक सेक्शन डिवाइस लगा होता हैं जो आपके गर्भाशय को पूरी तरह खाली कर देता है। बहुत सी महिलाएं इस समय थोड़ी मात्रा में क्रापिंग महसूस करती हैं।


इस पूरे प्रोसीजर को खत्म होने के लिए लगभग 5 से 10 मिनट तक का समय लग जाता है। 



डाइलेशन एंड इवेक्युएशन अबॉर्शन

इस तरह के अबॉर्शन अक्सर 15 सप्ताह के बाद किए जाते हैं। इसके प्रोसीजर को खत्म होने में 10 से 20 मिनट तक का समय लग जाता है।


इसका प्रोसीजर भी एस्पिरेशन अबॉर्शन कि तरह शुरू होता हैं डॉक्टर दवा का प्रयोग करेगा, गर्भाशय की जांच, सर्विक्स को स्ट्रेच किया जाएगा


जिसके बाद गर्भाशय में एक ट्यूब इंसर्ट किया जाएगा, इसमें एक सक्शन डिवाइस लगा होगा लेकिन इसके साथ दूसरे टूल्स भी होंगे, फिर आहिस्ता से गर्भाशय को खाली किया जाएगा


जैसे ही ट्यूब बाहर निकाला जाएगा, डॉक्टर एक मेटल लूप शेप का ट्यूब इंसर्ट करेगा। इससे यदि कोई टिशू गर्भाशय में बचा होगा तो उसे बाहर निकाला जाएगा।



सर्जिकल के लिए क्या करना होगा

सर्जिकल अबॉर्शन से पहले आपका हेल्थ चेक किया जाएगा, जिसके बाद ही आपके लिए अबोर्शन मेथड चूज किया जाएगा। लेकिन अबॉर्शन से पहले कुछ तैयारी होती है जिन्हें आपको करना पड़ेगा...


  • अबॉर्शन से पहले डॉक्टर आपको कुछ खाने से परहेज करने को कह सकते हैं। 
  • अगर डॉक्टर यदि आपको पेन और डायलेशन  मेडिसिन दे तो आपको केयरफुली उन्हें फॉलो करना होगा
  • प्रोसीजर से पहले 48 घंटे आपको किसी प्रकार की दवाई नहीं लेनी, बिना डॉक्टर के सलाह 



कॉस्ट एंड इफेक्टिवनेस 

वैसे तो क्लीनिकल अबॉर्शन हाईली इफेक्टिव होते हैं यह मेडिकल अबॉर्शन से भी ज्यादा कारगर रहते हैं लेकिन ये ज्यादा महंगे भी होते हैं



क्लीनिकल अबॉर्शन के बाद क्या होगा

ये रिकमेंड किया जाता हैं कि क्लीनिकल अबॉर्शन के बाद महिला पूरे दिन आराम करें, जिसके बाद वह अपने नॉर्मल रूटीन में आ सकती हैं। कुछ महिलाओं को ज्यादा समय लग सकता है रिकवर होने में


कॉमन साइड इफैक्ट्स

प्रोसीजर के तुरंत बाद और रिकवरी पीरियड्स में आप कुछ साइड इफेक्ट एक्सपीरियंस करेंगे जैसे -


  1. ब्लीडिंग, ब्लड क्लॉट्स
  2. क्रैपिंग
  3. उल्टी और मतली
  4. स्वेटिंग
  5. चक्कर आना


क्लीनिकल अबॉर्शन के बाद वार्निंग साइन

कुछ हानिकारक सिम्टम्स जिसे आपको हमेशा ध्यान रखना चाहिए... 


  1. ब्लड क्लोट जाना लंबे समय तक
  2. हैवी ब्लीडिंग 1 घंटे में दो से तीन पैड बदलने पड़े
  3. दुर्गंध के साथ डिस्चार्ज
  4. बुखार
  5. दर्द और क्रेपिंग ज्यादा बढ़ जाए
  6. प्रेगनेंसी सिम्पटम्स एक हफ्ते ज्यादा


गर्भपात के बाद मेश्चुरेशन

आपके पीरियड्स 4 से 8 सप्ताह अबॉर्शन के बाद आ जाएंगे, लेकिन अभी मेश्चुरेशन बिना साइन के हो सकते है। आपको दोबारा संभोग के लिए 2 से 3 सप्ताह रुकना चाहिए जिससे इंफेक्शन का खतरा भी ना रहे


Hindiram के कुछ शब्द


यदि आप अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने के लिए घरेलू उपाय ढूंढ रही होंगी तो आपको सतर्क होने की जरूरत है क्युकी घरेलू उपायों से गर्भपात करना हानिकारक साबित हो सकता हैं। आपको मेडिकल अथवा क्लीनिकल अबॉर्शन का रास्ता ही चुनना चाहिए

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