लो स्पर्म काउंट क्या है? स्पर्म कैसे बढ़ाएं | नार्मल स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए | Normal sperm count kitna hona chahiye

स्पर्म काउंट एक अनुपातिक गणना है जिसके आधार पर यह जांचा जाता है किसी पुरुष में औसतन वीर्य की संख्या कितनी हैै तथा इसके आधार पर ही स्पर्म काउंट कम होने, सामान्य होने अथवा ज्यादा होने की बात कही जाती है। एक नार्मल स्पर्म काउंट 15 से 200 मिलियन प्रति इजेकुलेशन होता है।



पुरूषों में स्पर्म काउंट कम होना उन्हें संतान प्राप्ति (गर्भधारण) से वांछित रख सकता है, हालांकि, गर्भधारण केवल sperm count पर निर्भर नहीं करता, बल्कि, स्पर्म की मोटिलिटी रेट (sperm motility) भी उतनेे ही  महत्वपूर्ण होते हैं


एक normal sperm count 15 मिलियन प्रतिमिलीलीटर से 200 मिलियन प्रति इजेकुलेशन होता है। 15 मिलियन या 39 मिलियन प्रति इजेकुलेशन से कम को लो स्पर्म काउंट (low sperm count) माना जाता है। 


शुक्राणु की संख्या कम होना या low sperm count को Oligospermia कहा जाता है वहीं High sperm count में 200 मिलियन या इससे अधिक स्पर्म प्रति इजेकुलेशन में निकलते हैं।


आइए जानते हैं अगर किसी पुरुष में शुक्राणु की संख्या कम है अर्थात normal sperm count नहीं है इसका पता कैसे लगाया जा सकता हैं गर्भावस्था के लिए स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए? नार्मल स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए? स्पर्म काउंट बढ़ाने के उपाय



स्पर्म काउंट क्या है स्पर्म मोटिलिटी रेट क्या होनी चाहिए | सीमेन कितना होना चाहिए | Normal sperm count kitna hona chahiye


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स्पर्म काउंट चार्ट
Total sperm count in ejaculation 39 - 928 million
Ejaculate volume (1.5 - 7.6) ml
Sperm concentration 15 - 259 million per ml
Total motility (progressive and non-progressive) 40 - 81 percent
Progressive motility 32 - 75 percent
Sperm morphology 4 - 48 percent



स्पर्म काउंट वह अनुपातिक गणना है जिसके आधार पर किसी पुरुष में औसतन वीर्य की संख्या जांची जाती है तथा इसके आधार पर स्पर्म काउंट कम होने, सामान्य होने अथवा ज्यादा होने की बात कही जाती है। एक नार्मल स्पर्म काउंट 15 से 200 मिलियन प्रतिमिलीलीटर इजेकुलेशन होता है।


एक हेल्दी स्पर्म मोटिलिटी रेट होता हैं जब शुक्राणुओं के आगे बढ़ने की क्षमता 25 माइक्रोमीटर प्रति सेकंड हो, 25 माइक्रोमीटर से कम को लो स्पर्म मोटिलिटी रेट (low sperm motility) माना जाता है 


स्पर्म काउंट या स्पर्म मोटिलिटी रेट को सीमेन एनालिसेस ( वीर्य जांच ) से पता किया जा सकता है इसे डॉक्टर के ऑफिस, फर्टिलिटी क्लीनिक, अथवा घर पर टेस्ट करके भी किया जाता है।




लो स्पर्म काउंट या स्पर्म मोटिलिटी रेट कम होने के कारण | low sperm count or motility hone ke karan



गर्भावस्था के लिए स्पर्म काउंट बहुत महत्वपूर्ण होता है हालांकि, एक लो स्पर्म काउंट या स्पर्म मोटिलिटी रेट हेल्थ कंडीशन के बारे में बहुत कुछ बताता है


कई बार नार्मल स्पर्म काउंट (normal sperm count) होने के बावजूद पुरूष पार्टनर को गर्भधारण करावाने में सक्षम नहीं हो पाते है 


अगर आप प्रेगनेंसी के लिए sperm count normal kitna hona chahiye जानना चाहती हैं तो सबसे पहले आपको pregnant kaise hote hai जानने कि जरुरत है


शुक्राणुओं में लो मोटिलिटी का होना भी बहुत से चीजों पर निर्भर करता हैं कई बार पुरूषों में यह जेनीटिक्स कारणों से होते हैं वहीं लो मोटिलिटी रेट या स्पर्म काउंट (low motility rate or low sperm count) किसी चिकित्सीय समस्या के कारण भी हो सकते हैं लाइफ्टाइल और वातावरण भी इसमें प्रभावी होते हैं




नार्मल स्पर्म काउंट या स्पर्म मोटिलिटी रेट कैसे पता करें | सीमेन एनालिसेस ( वीर्य जांच ) क्या है | sperm count kitna hona chahiye



शुक्राणु जांच या सीमेन एनालिसेस के तीन प्रमुख अंग होते है जिससे नार्मल स्पर्म काउंट या स्पर्म मोटिलिटी रेट पता (Semem analysis) किया जाता हैं


  • शुक्राणुओं की संख्या (घनत्व)
  • शुक्राणुओं का आकार
  • स्पर्म मोटिलिटी और मूवमेंट 


वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या, उनका आकार और मोटिलिटी रेट ये सभी कारण मिलकर ही किसी पुरुष में इनफर्टिलिटी होने या ना होने को बताते है विशेषज्ञ इसकी जांच अलग-अलग semen sample लेकर सटीक परिणाम प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।




नार्मल स्पर्म काउंट क्यों जरूरी है | शुक्राणु की संख्या कितनी होनी चाहिए | सीमेन कितना होना चाहिए - How much sperm is needed for pregnancy



गर्भधारण अर्थात नेचुरली प्रेगनेंसी पाने के लिए हेल्दी और normal sperm count का होना आवश्यक रहता है वैसे तो गर्भधारण करने के लिए बस एक शुक्राणु और अंडाणु की जरुरत होती हैं


मगर गर्भावस्था के लिए हेल्दी और normal sperm count होना महिला के गर्भवती होने के चांसेस बढ़ा देता है। अब आप चाहे गर्भधारण के लिए प्रयास करें या ना करें, स्पर्म काउंट पूरे हेल्थ के लिए इंपॉर्टेंट रहता हैं 


शोधों के अनुसार लो स्पर्म काउंट - हाई बॉडी फैट, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक जैसी समस्याओं का कारण बनता हैं


यदि आप खुद को low sperm count से आशंकित समझते है तो डॉक्टर सबसे पहले आपके टेस्टोस्टरॉन लेवल को जांचेंगे, जिसके पश्चात आपके लाइफस्टाइल और पूरे हेल्थ की जांच कर सही निष्कर्ष निकालेंगे…




अन्य इनफर्टिलिटी टेस्ट | other infertility test


शुरुआती टेस्टिंग के परिणामों के आधार पर डॉक्टर सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए (इनफर्टिलिटी का सही कारण जानने के लिए) कुछ अन्य टेस्ट करने को भी कह सकते हैं जैसे -



स्क्रोटल अल्ट्रासाउंड - scrotal ultrasound


इसमें हाई फ्रिकवेंसी साउंड वेव्स का उपयोग पुरुषों के स्क्रोटम की जांच करने में की जाती है जिससे किसी प्रकार के एबनॉर्मलिटी का पता लगाया जा सके।



हार्मोनल टेस्टिंग - harmonal testing


डॉक्टर यहां ब्लड टेस्ट करने को भी बोल सकते हैं जिसके द्वारा पिट्यूटरी ग्लैंड और टेस्टिकल्स में स्रावित होने वाले हार्मोन की मात्रा जांची जाएगी, जो सेक्सुअल ऑर्गन डेवलपमेंट और स्पर्म प्रोडक्शन में महत्वपूर्ण होते हैं।



पोस्ट इजेकुलेशन यूरिनालिसेस - post ejeculation urineanylisis


पेशाब के साथ वीर्य बाहर आना, जब इजकुलेशन के समय वीर्य बाहर निकलते समय ब्लैडर की तरफ चले जाते हैं इससे वीर्य पेशाब के साथ आने की समस्या होती हैं।



जेनेटिक टेस्ट - Genetic test


जब स्पर्म कांट्रेक्शन अत्यंत कम हो जाए, ये जेनेटिक्स कारणों से होते हैं ब्लड टेस्ट कराना Y क्रोमोजोम में हुए बदलाव का पता लगाता हैं



एंटी स्पर्म एंटीबॉडी टेस्ट - Anti-sperm antibody test


इस टेस्ट में इम्यून सेल्स को चेक किया जाता जो स्पर्म पर अटैक कर उनके कार्य करने की क्षमता को अफेक्ट करते हैं।



स्पेशलाइजड स्पर्म फंक्शन टेस्ट - specialised sperm function test


इस टेस्ट को कराने के पीछे कारण यह जानना होता है, इजेकुलेशन के बाद स्पर्म कितनी देर जीवित रहते, किस प्रकार अंडाणुओं से फर्टिलाइज होते, कहीं कोई समस्या तो नहीं...



लो स्पर्म काउंट और लो स्पर्म मोटिलिटी ट्रीटमेंट | low sperm count or low sperm motility treatment in hindi


जीवन शैली में कुछ छोटे - मोटे बदलाव करना लो स्पर्म काउंट और लो स्पर्म मोटिलिटी रेट ठीक करने में आपकी बहुत मदद कर सकता हैं जैसे -


  • रोजाना एक्सरसाइज करना
  • हेल्दी वेट मेंटेन करना
  • सेल फोन कम इस्तेमाल करना
  • एल्कोहल कम करना
  • स्मोकिंग छोड़ना



इन्फेक्शन से बचाव करना


एंटीबायोटिक प्रयोग प्रजनन अंगों में हुए इंफेक्शन को रोकता है जो फर्टिलिटी पर पड़ने वाले प्रभाव की रोकथाम करता हैं, हालांकि, हर बार ये इनफर्टिलिटी ठीक करने में पर्याप्त नहीं हो पाता है



सर्जरी 


उदाहरण के लिए - varicoceles जिसे सर्जरी से ठीक किया जा सकता है वासडिफरेंस में ब्लॉकेज को भी सर्जरी से रिपेयर किया जा सकता है। जहां स्पर्म नहीं होता वहां टेस्टिकल से सीधे स्पर्म पहुंचाया जा सकता हैं



ट्रीटमेंट फॉर सेक्सुअल इंटरकोर्स प्रॉब्लम


दवाइयों और सही सलाहो की मदद से उर्वरक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और प्रीमेच्योर इजेकुलेशन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता हैं।



हार्मोन ट्रीटमेंट और मेडिकेशन


डॉक्टर हार्मोन रिप्लेसमेंट अथवा कोई मेडिकेशन रिकमेंड करेंगे, जिससे इनफर्टिलिटी (हाई और लो लेवल ऑफ हार्मोन के कारण हुआ हो) को ठीक किया जा सके



ऐसीस्टेटेड रीप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी


ART ट्रीटमेंट में, स्पर्म को नार्मल इजेकुलेश से लिया जाता अथवा सर्जिकल या डोनर से, जिसके बाद इसे फीमेल जेनिटल ट्रैक्ट में आईवीएफ का प्रयोग कर स्थापित किया जाता है जिससे गर्भधारण संभव हो सके,



जब इन्फर्टिलिटी ट्रीटमेंट काम ना करें


जब पुरुष इन्फर्टिलिटी ठीक ना किया जा सके अर्थात पुरुष पिता ना बन सके, इस कंडीशन में डोनर स्पर्म अथवा चाइल्ड एडॉप्ट कर सकते है।




लाइफस्टाइल और होम रेमेडीज फॉर इन्फर्टिलिटी ट्रीटमेंट - lifestyle or home remedies for infertility treatment



गर्भधारण के चांसेस बढ़ाने के लिए इन उपायों का प्रयोग करें -


ज्यादा सेक्स करें


प्रतिदिन संभोग अथवा ओव्यूलेशन के 4 दिन पहले से संभोग करते आना गर्भधारण करने की संभावना को बढ़ा देता हैं



सेक्स करना जब फर्टीलाइजेशन हो


एक महिला गर्भधारण ओव्यूलेशन होने पर करती है जो मासिक धर्म चक्र के बीच में अथवा अगले मासिक चक्र से 14 दिन पहले होता है। ओव्यूलेशन का समय ध्यान रखते हुए यदि आप संभोग करे तो गर्भधारण जरुर होगा 



लुब्रिकेंट अवॉइड करें


लुब्रिकेंट या कोई भी तैलीय पदार्थ, सलाइवा का उपयोग संभोग के दौरान करना, शुक्राणओं की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है



शुक्राणु बढ़ाने की दवा सप्लीमेंट


  • ब्लैक सीड
  • फोलिक एसिड
  • जिंक लेना
  • हॉर्स चेस्टनट
  • एन एक्स जिनसो
  • कोएंजाइम मीक्यो10



नार्मल स्पर्म काउंट के लिए आपको क्या करना चाहिए - normal sperm count ke liye kya kare


  • किसी भी असामान्य सिंप्टम्स को नोटिस करें 
  • पता करें, कहीं आपकी फैमिली हिस्ट्री में इनफर्टिलिटी की समस्या तो नहीं
  • अपने द्वारा लिए जाने वाले दवाइयों को जाने



हेल्दी स्पर्म काउंट के लिए क्या करें - healthy sperm count ke liye kya kare 


  • वजन कम करें
  • एक्सरसाइज करें
  • विटामिन ले
  • नशीले पदार्थो से दूर रहें
  • अवॉइड टॉक्सिंस
  • कॉटन बॉक्सर अंडरवीयर पहने
  • साफ वातावरण में रहें



Hindiram के कुछ शब्द


स्पर्म मोटिलिटी कितना होना चाहिए? नार्मल स्पर्म काउंट कितना होना चाहिए? सीमेन कितना होना चाहिए? गर्भावस्था के लिए स्पर्म काउंट कितना होता हैं? ये सभी प्रश्न कहीं ना कहीं एक पुरुष को उसके सेक्सुअल परफॉर्मेंस और संतान प्राप्ति की क्षमता में प्रश्न खड़ा कर देता हैं आशा है इस लेख से आपको sperm count or sperm motility rate से जुड़े सभी प्रश्नों के हल मिल गए होंगे

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