कब सम्बंध बनाने से महिला गर्भवती होती हैं - पीरियड्स में प्रेगनेंसी कैसे होती हैं?

गर्भवती होना, एक ओर जहां खुशियां लेकर आता है वही कुछ कपल्स के लिए ये परेशानी का कारण भी बन जाता है। शादी के बाद कपल्स अक्सर क्वालिटी टाइम बिताने की चाहत में फैमिली प्लानिंग कुछ सालों बाद करते हैं।


इसी बीच, कई बार महिलाएं सेक्स लाइफ एंजॉयमेंट के चक्कर में अनचाहे गर्भ का शिकार बन जाती हैं। वहीं कुछ कपल्स की इच्छा होती है वे बिना किसी चिंता के अपनी सेक्स लाइफ एंजॉय करें। ये उनके दिमाग में अनेक तरह के सवाल खड़े कर देता हैं जैसे - गर्भ कब नहीं ठहरता है? पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी ठहरती है?


पीरियड और प्रेगनेंसी ये कुछ ऐसे संवेदनशील विषय है जिन पर बात करने से भी लोग कतराते हैं। जानकारी के अभाव में भी कपल्स को ये तक नहीं पता होता आखिर प्रेगनेंसी कैसे होती है? गर्भ कब नहीं ठहरता है? पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी ठहरती है?


आइए इस लेख में हम आपके इन्हीं कशमकश को दूर करने का प्रयास करते हैं जो गर्भधारण (प्रेगनेंसी) को लेकर आपके मन में उठ रहे होते हैं - कब संबंध बनाए जिससे महिला गर्भवती ना हो? माहवारी के वे दिन जब महिला के गर्भधान की संभावना सबसे अधिक होती है...




पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी ठहरती हैं - प्रेगनेंट होने के लिए कब संबंध बनाए | Period ke kitne din baad sambandh bannana chahiye


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बात अगर गर्भधारण की हो तो इसकी शुरुआत महिला के मासिक धर्म चक्र शुरुआत के साथ ही हो जाती है। मासिक चक्र ही वह प्रक्रिया है जो महिला को गर्भधारण के लिए सक्षम बनाती है।



प्रेगनेंसी कैसे होती है? - पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी ठहरती है


बस संबंध बना लेना हि गर्भवती होने के लिए काफ़ी नहीं होता। इसके पीछे अनेक छोटी-छोटी परंतु अत्यंत आवश्यक कड़ियां शामिल होती है। ओव्यूलेशन, फर्टिलाइजेशन, इंप्लांटेशन ये कुछ ऐसे महत्वपूर्ण क्रियाएं हैं इनमें से यदि एक भी सही ढंग से ना हो पाए तो महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता है।


परंतु यहां चिंता करने वाली बात नहीं, ये सभी क्रियाएं निश्चित ही क्रमानुसार होते है तथा यहां पहले से सभी को पता होता है कब कौन सा कार्य होना है जिससे महिला सही समय आने तक गर्भधारण कर लेती है।




प्रेग्नेंट कितने दिन में होते हैं - पीरियड के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है


ये तो कोई नहीं बता सकता एक महिला जो प्रेगनेंसी के लिए प्रयास कर रही है गर्भधारण में कितना समय लगने वाला है। सामान्यतः शुरुआत से ही अगर कोई समस्या ना आए और सब सही से हों तो पीरियड में संबंध बनाने के 6 से 14 दिनों के भीतर ही महिला पूर्ण रूप से गर्भवती हो जाती है।


ध्यान रखने वाली बात ये है पीरियड में कुछ ऐसे दिन भी होते हैं जब महिला के गर्भ धारण करने की संभावना अत्यंत कम और बहुत ज्यादा होती है जिसे हम आगे जानेंगे।




गर्भ कब नहीं ठहरता हैं - garbh kab nahi thaharta hai


बात अगर संबंध बनाने की हैं तो मासिक धर्म में ओव्यूलेशन का समय ही ऐसा है जब गर्भधारण की संभावना सबसे अधिक होती है। एक महिला में ओव्यूलेशन उनके अगले मासिक चक्र से 14 दिन पहले के दिनों को गिने जाते है। वही मासिक धर्म शुरुआत के 8 से 10 दिन प्रेग्नेंट होने की संभावना बहुत कम होती है ओव्यूलेशन के बाद वाले दिनों में भी गर्भधारण की संभावना बहुत कम हो जाती है।



गौर से देखें तो, प्रेगनेंट होने या ना होने, दोनों में ही मेंस्चूरेशन (मासिक चक्र) का होना अत्यंत आवश्यक नजर आता है इसलिए यदि आपको जानना है पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी ठहरती हैं या पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए जिससे प्रेगनेंट हो सकें तो आपको मासिक धर्म से जुड़ी कुछ महत्त्वपूर्ण कड़ियों को समझना होगा




पीरियड क्या है - what is Period


पीरियड्स (मेंस्चूरेशन) महिलाओं में होने वाली एक क्रिया है जब लड़की किशोरावस्था में पहुंचती है (लगभग 13 से 14 वर्ष की आयु में) तब उनका पहला पीरियड्स शुरू हो जाता है


अलग-अलग महिलाओं में मासिक धर्म की अवधि अलग होती हैं मगर सामान्यतः ये 19, 21, 28 या 32 से 35 दिनों के हुआ करते हैं। मासिक धर्म ही वह प्रक्रिया है जिसमें महिला का शरीर उन्हें गर्भधारण के लिए तैयार करता हैं।




माहवारी के कितने दिन बाद बच्चा ठहरता है | माहवारी के कितने दिन बाद बच्चा नहीं ठहरता है?


जिस प्रकार अलग-अलग महिलाओं के मासिक धर्म अवधि में भिन्नता होती है यहां ये बात ध्यान रखने योग्य हैं पूरे माहवारी में महिला समान रूप से गर्भधारण नहीं करतीं है


बल्कि जिस समय गर्भधारण की सबसे अधिक संभावना होती है उसे महिला की "फर्टाइल विंडो" कहा जाता है। "फर्टाइल विंडो" से यहां आशय महिला में होने वाले अंडोत्सर्ग (ओव्यूलेशन) से हैं। ओव्यूलेशन के दिनों में समय संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।


वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो पुरुष के शुक्राणु महिला शरीर में 5 से 6 दिनों तक जीवित रह सकते हैं। यानी इन दिनों के अंतराल में यदि कभी भी ओव्यूलेशन होता हैं तो महिला गर्भधारण कर सकती हैं। 


ओव्यूलेशन के भी 4 से 5 दिन प्रमुख होते हैं जिसके अंतिम दिन में एक अंडाणु ओवरी से निकलकर निषेचन के लिए फैलोपियन ट्यूब (डिंबवाही नलिका) में आता हैं। जिससे गर्भधारण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। हालांकि, किसी महिला में ओव्यूलेशन कब होने वाला है इसका पता लगाना उतना भी कठीन कार्य नहीं है आज के समय "ओव्यूलेशन किट" जैसे प्रोडक्ट आपकी इसमें भरपूर सहायता कर सकते हैं।


लेकिन मासिक चक्र शुरुआत के 8 से 10 दिन व ओव्यूलेशन के बाद वाले दिनों में गर्भधारण होने की संभावना बहुत निम्न होती है। या यूं कहें कि बच्चेदानी खुली नहीं होती हैं…!




पीरियड के कितने दिन बाद तक बच्चेदानी खुली रहती है? | पीरियड के कितने दिन बाद ओवुलेशन होता हैं


मासिक धर्म चक्र में कभी भी ओवुलेशन का दिन अथवा समय निर्धारित नहीं होता है लेकिन अनुमान के लिए एक्सपर्ट इसे अगले मासिक चक्र से 14 दिन पहले के दिनों को गिनते हैं


ये वहीं 4 से 5 दिन का समय हैं जब अंडोत्सर्ग (ओवुलेशन) होंता है। इसकी पहचान आप ओव्यूलेशन के लक्षणों को देखकर भी कर सकते हैं



ओव्यूलेशन होने के एक से दो दिन पहले शरीर LH हार्मोन (luteinising harmon) की मात्रा बढ़ा देता है। इसी LH हार्मोन की मात्रा जांच कर हि आजकल के किट, स्ट्राइप ओव्यूलेशन का पता लगाते हैं। LH हार्मोन बढ़ने से शरीर में बहुत से लक्षण दिखाई पड़ते हैं जिसे ओवुलेशन के लक्षण कहते हैं।



ओव्यूलेशन के लक्षण - symptoms of oviulation



सर्वाइकल चेंजस - servical changes


जब वो ओव्यूलेशन होने वाला होता है तब सर्विक्स हाई, सॉफ्ट और हल्का सा खुल जाता है सर्वाइकल म्यूकस जो सामान्यतः गाढ़ा, चिपचिपा और क्रीमी होता हैं वह भी पतला होने लगता हैं तथा यहीं सर्वाइकल म्यूकस शुक्राणुओं को तैरकर अंडाणु तक पहुंचने में भी मदद करते है।



इनक्रीस सेक्स ड्राइव - increased सेक्स drive


संभोग की तीव्र ईच्छ होना यानी सेक्सुअल डिजायर का बढ़ना प्रकृति का ईशारा होता है महिला में ओव्यूलेशन होने वाला है मतलब यदि आप पहले के मुकाबले ज्यादा सेक्स के प्रति उत्तेजित महसूस कर रही हैं तो आपको पता होना चाहिए कि आप जल्द ही ओव्यूलेट करने वाली हैं।



मित्तेलशमर्ज़ - Mittelshmerz


मित्तेलशमर्ज़ एक हल्का और अचानक से होने वाला दर्द है जो लोअर एब्डोमेन के किसी एक साइड मासिक चक्र के बीच में होता है। वैसे यह लंबे समय तक नहीं रहता मगर ये ओव्यूलेशन का संकेत होता है।




पीरियड के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है | पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी ठहरती है | period ke kitne din baad garbh thahrta hai


ओवरी से अंडाणु निकलकर डिंबवाही नलिका में आते है जहां ये किसी स्वस्थ्य शुक्राणु से निषेचित होता है  


अंडाणु रिलीज होने के केवल 12 से 24 घंटे ही जीवन सक्षम रहता हैं। यानी इस समयावधि के बाद यह धिरे धिरे विघटित होते हुए नष्ट हो जाता है और फिर एक नए मासिक चक्र की शुरुआत होती है। लेकिन यदि इस बीच अंडाणु सफतापूर्वक किसी शुक्राणु से फर्टिलाइज हो जाता है तो महिला में गर्भधान कि प्रक्रिया शुरु हो जाती हैं।




गर्भ ठहरने के कितने दिन बाद पता चलता है महिला गर्भवती हैं या नहीं


अंडाणु और शुक्राणु के मिलन को ही गर्भधारण समझने कि भूल न करें, क्युकी ये तो सिर्फ गर्भधारण की पहली शुरुआत होती हैं। निषेचन के बाद अंडाणु खुद को अंदर से "टू सेल", "फोर सेल", "ऐट सेल" इसी तरह अलग अलग कोशिकाओं में विभक्त करता हुआ गर्भाशय की ओर निकल पड़ता हैं।


लगभग 3 से 4 दिन के सफ़र के बार निषेचित अंडाणु गर्भाशय तक पहुंचता है। जहां अब ये खुद को स्थापित करेगा। कुछ केसो में देखा जाता है निषेचित अंडाणु गर्भाशय तक पहुंचने से पहले ही खुद को डिंबवाही नलिका में स्थापित कर लेता है जिसे "एक्टोपिक प्रेगनेंसी" कहते हैं।


निषेचित अंडाणु जब सफलतापूर्वक खुद को गर्भाशय में स्थापित कर लेता है तब ही महिला पूर्ण रूप से गर्भवती बनती है अब फर्टिलाइजेशन और फिर इंप्लांटेशन होने के दिनों को मिलाएं तो 6 से 14 दिन ही पता चल जाएगा आप गर्भवती है या नहीं…!




संबंध बनाने के बाद प्रेग्नेंट है या नहीं कैसे पता चलता है | गर्भ कब नहीं ठहरता हैं


अगर आप ऐसा कोई तरीका जानना चाह रहे हैं जो आपको संबंध बनाने के तुरन्त बाद ही ये बता दें महिला प्रेगनेंट हुई या नहीं तो भूल जाएं आपके हांथ कुछ लगने भी वाला है। भले संबंध बनाने वाले दिन ही फर्टिलाइजेशन क्यों ना हों जाएं, मगर पूर्णरूप से गर्भधारण होने के लिए निषेचित अंडाणु को गर्भाशय में स्थापित होना होता है जिसमें समय लगता है।


हालांकि, महिलाओं में मासिक धर्म चक्र रुकने को प्रेगनेंसी का सबसे सटीक लक्षण माना जाता है जो बताता है कि महिला गर्भवती हो गई हैं। लेकिन आप इंप्लांटेशन के लक्षणों से भी कन्फर्म कर सकते हैं प्रेगनेंट हुई हैं या नहीं




FAQ. आपके कुछ महत्त्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर



माहवारी के कितने दिन बाद बच्चा ठहरता है


पूरे मासिक धर्म में कोई भी ऐसा दिन शेष नहीं होता जब महिला गर्भधारण ना कर सकें। यदि वे असुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं तो पूर्ण संभावना रहती है कि उनका गर्भ ठहर जाएं। हालंकि, कुछ दिन ऐसे हैं जिनमें गर्भधारण होने की संभावना बहुत निम्न या कम होती हैं जैसे - मासिक धर्म के शुरूआती 8 से 10 दिन व ओव्यूलेशन होने के बाद




पीरियड के कितने दिन बाद संबंध बनाना चाहिए | या पीरियड के कितने दिन पहले संबंध बनाना चाहिए


मासिक चक्र में कोई भी ऐसा दिन निश्चित नहीं है जहां संभोग करने पर भी महिला गर्भवती ना हो सकें, कुछ मात्रा में संभावनाएं रहती ही हैं। यदि आपने असुरक्षित यौन संबंध बनाया है तो प्रेग्नेंट भी हो सकते हैं।


एक महिला प्रेग्नेंट तब होती है जब अंडाणु और शुक्राणु मिले (फर्टिलाइजेशन हों)। परंतु यहां अंडाणु के भी बाहर आने का निश्चित समय होता है जिसे अंडोत्सर्ग (ओव्यूलेशन) कहा जाता है। यह 4 से 5 दिन का समय हैं। इसे महिला के अगले मासिक चक्र से 14 दिन पहले गिना जाता हैं। इन्हीं दिनों में सेक्स करने से गर्भधान बहुत जल्दी होता है।


हालांकि, यदि पीरियड के शुरुआत में (8 से 10 दिन) के भीतर संबंध बनाए या अंडोत्सर्ग होने के बाद, तो प्रेगनेंट होने की संभावना बहुत कम रहती है।




एमसी के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है | पीरियड खत्म होने के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है


अगर महिला ओव्यूलेशन के दिनों में संबंध बना रहीं है तो यहां उनके गर्भधारण (अंडाणु और शुक्राणु के मिलन) की दो संभावनाएं हो सकतीं हैं -



जब अंडाणु पहले ही डिंबवाही नलिका में शुक्राणु का इंतजार कर रहा हो


यह स्थिति तब आती है जब संबंध ओव्यूलेशन के दिनों में बनाया जाए। क्योंकि जब ओव्यूलेशन हो जाता है। यानी अंडाणु ओवरी से निकलकर फेलोपियन ट्यूब में आ गया है तब अंडाणु और शुक्राणु का मिलन हो सकता हैं। यहां अंडाणु किसी स्वस्थ्य शुक्राणु से फर्टिलाइज होकर जायगोट का निर्माण करता हैं। और महिला में गर्भधारण की प्रक्रिया की शुरुआत होती हैं।


जब शुक्राणु अंडाणु का इंतजार कर रहा हो


यह स्थिति तब आती है जब संबंध ओव्यूलेशन होने से पहले बनाया जाएं। इस अवस्था में पुरुष के शुक्राणु पहले ही फेलोपियन ट्यूब में पहुंच जाएं रहते हैं और ओव्यूलेशन से निकलने वाले अंडाणु का इंतजार कर रहे होते हैं।




अंडा कितने दिन तक जीवित रहता है


ओवुलेशन के बाद एक अंडाणु की जीवन अवधि केवल 12 से 24 घंटे की ही रहती है जिस समय में ही इसे पुरुष शुक्राणु से फर्टिलाइज होना होता है। फर्टिलाइजेशन ना होने की अवस्था में अंडाणु धीरे-धीरे विघटित होते हुए नष्ट हो जाता है। जिसके बाद पुनः एक नए मासिक चक्र की शुरुआत होती है। एक नया अंडाणु निकलने के लिए तैयार होने लगता है।




शुक्राणु महिला के शरीर में कितने दिन तक जीवित रहता हैं


सामान्यत: एक स्वस्थ्य शुक्राणु महिला के शरीर में 5 से 6 दिन जीवित रह सकता हैं। क्युकी एक शुक्राणु का मुख्य उद्देश्य अंडाणु की खोज कर उसे फर्टिलाइज करना होता हैं। मगर इसके लिए शुक्राणुओं को बहुत से अवरोधों का सामना करना होता है।


जब इजेकुलेशन होता हैं करोड़ों की संख्या में शुक्राणु अंडाणु की तलाश में लग जाते हैं तथा इनका एक ही मकसद होता है अंडाणु से फर्टिलाइजर होना


यहां शुक्राणुओं के रास्ते में सबसे पहली रुकावट ग्रीवा का श्लेम होता है जो सामान्य दिनों में तो गाढ़ा रहता है मगर अंडोत्सर्ग के दौरान इसमें कुछ ढीलापन आता है। इसे पार करने के बाद ही शुक्राणु गर्भाशय में प्रवेश कर पाता है। जहां से इसे तैरते हुए डिंबवाही नलिका के अन्दर जाना होता है। मगर यह रास्ता इतना भी आसान नहीं होता, अंदर पहुंचने के बाद कोई एक शुक्राणु ही अंडाणु को फर्टिलाइजर कर पाता हैं।



माहवारी या पीरियड के बाद गर्भधारण का सही समय क्या होता है | प्रेगनेंट कितने दिन में होते हैं


गर्भधान की चाहत रखने वाले दंपतियों को माहवारी के अंडोत्सर्ग के दिनों में संबंध बनाना चाहिए। असुरक्षित यौन संबंध, जिसमें किसी भी प्रकार के गर्भ निरोधक उपायों का प्रयोग ना किया गया हो, तभी गर्भधारण संभव है




गर्भ कब नहीं ठहरता है


गर्भ नहीं ठहर पाने के कारण अनेक हो सकते हैं। यदि पहली बार आप प्रेगनेंसी के लिए प्रयास करने जा रही हैं अगर प्रयासों के बावजूद आप असफल भी हो जाते हैं तो निराश ना होए। बहुत से लोग इस तरह की परेशानी से गुजरते हैं।


हालांकि, यदि 1 वर्ष पश्चात भी गर्भधारण नहीं हो सका हैं तो यह आवश्यक हो जाता है आप किसी विशेषज्ञ से इसकी जांच करा गर्भ नहीं ठहरने का कारण पता करें। क्योंकि कई बार शारीरिक अथवा मानसिक कारणों से भी गर्भधारण करने में परेशानी आती है।




पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी टेस्ट करें - period ke kitne din baad pregnancy test kare


पीरियड रुकना ही प्रेगनेंसी के शुरुआती सटीक लक्षणों में एक है ये साफ संकेत दे रहा होता है कि महिला गर्भधारण कर चुकी हैं। अगर अभी तक आपने प्रेगनेंसी टेस्ट नहीं किया हैं तो जल्द ही एक पॉजिटिव प्रेगनेंसी टेस्ट करें।




मासिक के कितने दिन बाद सेक्स करना चाहिए कि प्रेग्नेंट हो | पीरियड के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी नहीं होती


मासिक आने के 8 से 10 दिनों बाद संभोग करना चाहिए क्योंकि मासिक शुरुआत के 8 से 10 दिन महिला के गर्भ धारण करने की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन जैसे ही आप मासिक चक्र के बीच में पहुंचते हैं अंडोत्सर्ग की शुरुआत से इस समय गर्भवती होने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है।



 Hindiram के कुछ शब्द


माहवारी (पीरियड) के बाद गर्भ ठहरने के लिए अनेक छोटी बड़ी क्रियाओं का सलतापूर्वक संपन्न होना आवश्यक होता हैं जैसे - ओवुलेशन, फर्टिलाइजेशन, इंप्लांटेशन। यदि इनमें से कोई एक सही से ना हो पाए तो महिला का गर्भ नहीं ठहर पाता हैं

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