गर्भावस्था 40 वां सप्ताह - शिशु का विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स, केयर टिप्स | 40 week pregnancy in hindi

40 सप्ताह गर्भवती होने पर आप गर्भावस्था के उस स्तर में पहुंच जाती है जहां शुरुआत से आप पहुंचने के बारे में सोच रही थी, भाग्यवश आप इस सप्ताह आप एक नन्हे मेहमान का स्वागत कर रही होंगी


चाहे आप शिशु को गोद में खिला रही हों अथवा अभी भी शिशु के बाहर आने की राह देख रही हों, बहुत जल्द ही आप उससे मिलने वाली भी है 


अधिकांश महिलाएं गर्भावस्था के इस स्तर पर गर्भावस्था खत्म करने के लिए पूर्ण रूप से सज्ज होती है मतलब कि 40 सप्ताह गर्भावस्था पूर्ण करना, हालांकि, हों सकता हैं शिशु को थोड़ा समय और लग जाए


40 सप्ताह गर्भावस्था को full term pregnancy मानी जाती है इस समय जन्मे शिशु किसी प्रकार के हैल्थ कॉम्प्लिकेशन नहीं हुआ करती है


40 week full term pregnancy - मतलब 9 माह गर्भावस्था पूर्ण

3rd trimester - मतलब तीसरी तिमाही

0 week left - मतलब 0 सप्ताह बचे



शीशु का विकास | child development at 40 week pregnancy in hindi


Here's quick summary… 


फुल टर्म : 40 सप्ताह में शिशु एक full term बेबी बन जाता है जहां शिशु जन्म के लिए पूरी तरह तैयार भी होता है


ड्यू डेट आगे जाना : अगर शिशु अभी भी नहीं आया है तो चिंता मत करें लगभग 30% प्रेगनेंसी 40 सप्ताह से अधिक को चली जाती है


शिशु से बातें करें : आप और आपके पार्टनर दोनों शिशु से बातें करें जिससे जन्म के बाद वह आप दोनों की आवाज आसानी से पहचान सके



40 सप्ताह में शिशु का आकार - baby size


अभी के समय शिशु का वजन 6 से 9 पाउंड के जितना होगा तथा उसकी लंबाई 19 से 22 इंच तक है हालांकि बहुत से हेल्दी बेबी छोटे या बड़े जन्म ले सकते हैं




गर्भावस्था का अंत


40 सप्ताह गर्भावस्था में आप प्रेग्नेंसी के अंतिम चरण में होती हैं आप और प्लेसेंटा अभी भी शिशु को एंटीबॉडी प्रदान कर रहे होते हैं जिससे आने वाले छह माह तक वह अपनी सुरक्षा करने में सक्षम हो सकें


लेकिन अगर आप शिशु को ब्रेस्टफीडिंग करा रही है तो दूध ही शिशु को एंटीबॉडी देकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बना रहा होता है



जन्म के बाद आपका शिशु


इतने महीनों के बाद अब समय आ गया है कि आप अपने शिशु से मिले



शिशु कैसा दिखेगा


सबसे पहले तो, आप जैसा सोच रही होंगी शिशु वैसा बिलकुल भी नहीं दिखेगा जैसे टीवी, मैगज़ीन में दिखाया जाता है क्योंकि उन शिशुओं को जन्में कुछ सप्ताह बीत चुके होते हैं


जन्म के तुरंत बाद शिशु थोड़ा गीला तथा शरीर पर जन्म के संकेत दिख रहे होते हैं


शिशु का सिर मुलायम और लचीला है जो उसे जन्म के समय बर्थ कैनाल से बाहर आने में सहायता करता है वेजाइना से डिलीवरी होने पर कुछ दिनों तक उसका सिर कोन शेप में होता है


  • शिशु की त्वचा में सफेद मोम जैसा पदार्थ के कुछ अंश दिखाईं देंगे जैसे - वरनिक्स, लूनागो तथा एक बालो जैसे कवर अंश जो गर्भ में शिशु को ढके हुए थे
  • शिशु की आंखें हल्की सूजी होंगी
  • उसके हाथ और पैर हल्के नीले
  • सफेद दाने, पिंपल, घमोरियां शिशु के चेहरे पर हों सकती हैं
  • शिशु के ब्रेस्ट और जेनिटल सूजे हो सकते है


वैसे तो शुरुआत में शिशु आपको थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन एक हेल्दी बर्न शिशुओं में यह सब सामान्य रहता है कुछ दिनों और सप्ताह के बाद बदलाव होने लगेंगे



जन्म के बाद टेस्ट और प्रोसीजर


शिशु के जन्म के बाद कुछ टेस्ट और प्रोसीजर होते हैं जिन्हें पूरा किया जाना होता है तथा कुछ जो कुछ दिनों के बाद होंगे


स्किन टो स्किन कॉन्टैक्ट : जन्म के तुरंत बाद बहुत से हॉस्पिटलों में शिशु को मां का पहला स्पर्श कराया जाता है शिशु को माता के पेट अथवा सीने पर रखा जाता है लेकिन अगर आपका C-section हुआ होगा तो इसमें थोड़ा समय लगेगा


गर्भनाल : शिशु के बाहर आने के बाद शिशु को प्लेजेंटा से अलग करने के लिए गर्भनाल काट दिया जाता है जो उसे पूरी प्रेगनेंसी में पोषित कर रहा था


हाइट और वेट : जन्म के बाद शिशु की लंबाई और वजन नापा जाता है


APGAR स्कैन : जन्म के बाद शिशु की स्किन कलर, हॉट रेट, स्वसन तंत्र, मसल्स टोन और दूसरे प्रतिक्रियाओं की जांच की जाती है इसे जन्म के 5 मिनट बाद उसी समय भी किया जा सकता है जब वह मां के सीने पर हो


विटामिन के इंजेक्शन : जन्म के 6 घंटे के अन्दर शिशु को vitamin k इंजेक्शन दिया जाता है जिससे ब्लड क्लॉटिंग सही से हो सके ताकि इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा ना रहे


हेपेटाइटिस बी वैक्सीन : जन्म के 24 घंटे के अंतराल में शिशुओं को hept B वैक्सीन दी जाती है इसके लिए आपसे एक डॉक्यूमेंट भी साइन कराया जाएगा




चालीस सप्ताह गर्भावस्था में आपका शरीर | your body at 40 week pregnancy in hindi 



क्योंकि शिशु अपनी मर्जी से बाहर आने की फिराक में है आप पाएंगी इस सप्ताह भी शायद आप उसका इंतजार कर रही हो, इसलिए सब्र रखें



लेबर पेन कब होगा 


प्रसव के तीन स्तर -

  1. अर्ली
  2. एक्टिव
  3. ट्रांसलेशन



अर्ली लेबर 


अर्ली लेबर में आप जो यूटरिन कांट्रैक्शंस महसूस करेंगे, बहुत कम दर्द भरा होगा तथा हर कॉन्ट्रक्शन के साथ सर्विस डाईलेट होगा, लेकिन जब आप अपना पोजीशन बदलेंगे तो कॉन्ट्रक्शन बंद हो जाएंगा जबकि असल प्रसव में ऐसा नहीं होता है



एक्टिव लेबर 


एक्टिव लेबर तब शुरू होता है जब सर्विक्स 3 से 6 सेंटीमीटर तक खुल गया रहता है जैसे ही आप एक्टिव लेबर में पहुंचती है सर्विस से 1 घंटे में 1 सेंटीमीटर तक खुलने लगता है


  • इस समय कंस्ट्रक्शन रेगुलर और पास पास होने लगता हैं
  • कॉन्ट्रक्शन मजबूत लंबा और अधिक दर्द भरा होगा
  • शिशु बर्थ केनाल की तरफ बढ़ रहा होता है


इसी स्तर के लेबर में आपको हॉस्पिटल के लिए जाना होता है एक्सपर्ट के अनुसार अगर कॉन्ट्रक्शन बहुत तेज कंसिस्टेंटली 1 घंटे में तीन से पांच बार होने लगे तब



ट्रांजीशन लेबर


ट्रांजीशन लेबर पहले प्रसव का आखरी स्टेज होता है यह सबसे कठीन भी रहता है, साथ ही बहुत छोटा भी, ट्रांजिशन लेबर के समय कॉन्ट्रक्शन लंबा और इफेसमेंट के साथ होता है कंट्रक्शन के बीच का समय भी कम होता है इसलिए इस समय रिलैक्स करना बहुत कठिन होता है


इस समय आपकी सर्विस अपनी पूरी width में खुल गई होती है ट्रांजीशन लेबर में आप बहुत सी असुविधाए महसूस करेंगी, मतली और उल्टी भी हो सकती है वैसे यह सभी सामान्य ही है



फुल डाईलेशन


जब सर्विस पूरी तरह खुल जाता है लगभग 10 सेंटीमीटर तक, तब आप प्रसव के दूसरे स्टेट में पहुंचती है जो 20 मिनट से कुछ घंटे रह सकता है


इस समय शिशु का सिर दोनों पैरों के बीच महसूस करेंगे, और उसे पुश करने का मन भी कर रहा होगा



पुश एंड डिलीवरी


जब पुश करने का समय होगा, तब आपको लगेगा, आपको बॉवेलस् को मूव करना है डॉक्टर आपको बताएंगे कि आपको कब पुश करना है हर एक पुश के साथ शिशु नीचे बर्थ कैनाल में आते जाता है


इसी पुश करने वाली स्टेज में एक समय बाद शिशु का सिर वेजाइना से बाहर निकलने लगता है जब शिशु का सिर दिखने लगता है बिना उसके वापस अंदर जाए इस समय आपके डॉक्टर आपको पुश करने को कहेंगे जिससे शिशु बाहर आ सकें


प्रसव का दूसरा चरण शिशु के जन्म के साथ खत्म हो जाता है



डिलीवरी प्लेसेंटा


जैसे ही आपका शिशु जन्म ले लेता है आप प्रसव के आखिरी पड़ाव में पहुंच जाती हैं जहां डिलीवरी के बाद आपको प्लेसेंटा को भी डिलीवर करना होता है इस समय आप फिर से कॉन्ट्रैक्शन महसूस करने लगती हैं


फिर से आपको पुश करना होता है वैसे प्लेजेंटा 30 मिनट में ही डिलीवर हो जाता है तथा इसके बाहर आने के साथ आपका प्रसव भी समाप्त हो जाएगा




चालीस सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण - 40 week pregnancy symptoms in hindi



ब्रैक्सटन हाइक्स कांट्रेक्शन


सोचिए जो कांट्रेक्शन आप इस सप्ताह महसूस कर रही हैं वह ब्रैक्सटन हाइक्स कांट्रेक्शन है अठवा असल में प्रसव का लक्षण है, जब आप पोजीशन चेंज करेंगी, इधर-उधर घूमेंगी अगर उस समय ये बंद हो जाए तो यह असली प्रसव नहीं है 



चेंज इन फेटल एक्टिविटी


शिशु की हरकतों में बदलाव तथा धीरे धीरे हरकतों के बावजूद आप उसके मूवमेंट को महसूस कर सकती है कितना मूवमेंट सामान्य है 1 घंटे में 10 तक हरकतों को गिने



सर्वाइकल डाइलेशन और एफेसमेंट


वैसे तो इस सप्ताह सर्विक्स पतला तथा खुल गया होगा, जीसे शायद आप महसूस भी नहीं कर सकेंगी, डाइलेशन को सेंटीमीटर में मापा जाता है तथा एफेसमेंट को परसेंटेज में, डॉक्टर मेजरमेंट लेने के बाद आपको रिजल्ट बताएंगे, अली और एफेसमेंट के दौरान सर्विक्स लगातार डाइलेट होता रहता है



डायरिया


प्रेगनेंसी में आपका शरीर बहुत मार झेलता हैं और ऐसा भी हो सकता है जैसे यह सुस्त से ढीला हो गया हो, वैसे यह भी एक संकेत है कि आपका लेबर बहुत पास हैं



पेल्विस पेन


इस सप्ताह अगर शिशु का सिर पेल्विस पर आ गया होगा तो, आप अपने पेल्विस में अनकम्फर्टेबल महसूस करेंगी, मानो किसी सिर पेल्विस पर उछल कूद कर रहा है अगर आप किसी अच्छे थैरेपिस्ट से मसाज करा सके तो यह आपकी असुविधा दूर कर देगा




इनसोम्निया


अब तो ही यह इतना परेशान करने लगे होंगे मानो आप चाहेंगी कि कोई नींद के लिए अच्छी सी हर्बल मेडिसिन ले, हालांकि ऐसा बिल्कुल ना करें, हो सके तो अपने पार्टनर से रिलैक्सिंग मसाज करा सकते हैं



नेस्टिंग इंस्टिंक्ट


शारीरिक ऊर्जा में बदलाव इन दिनों बहुत कॉमन है शायद आप नेस्टिंग इंस्टिंक्ट के लक्षणों को महसूस कर रही हो या फिर आपको टीवी के सामने लेटने का मन कर रहा होगा, चिंता ना करें दोनों पूरी तरह से नॉर्मल है दोनों में अदल-बदल होता होगा




सेल्फ केयर टिप्स | self care tips 40 weeks pregnancy in hindi



प्रसव लाना - inducing labour


अपने डॉक्टर से पूछे कि लेबर कब, कैसे, किस तरह लाया जाएगा, क्युकी जब तक कोई मेडिकल इमरजेंसी ना हो 39 सप्ताह से पहले प्रसव इंड्यूस करना है रिकमेंड नहीं किया जाता है अधिकांश डॉक्टर 41 सप्ताह बाद इसे करते हैं



होम बर्थ


होम बर्थ उन गर्भवती महिलाओं के लिए बेस्ट होता है जिन्हें प्रेगनेंसी में कोई समस्या ना हो, लेकिन अगर आपमें प्रसव इंड्यूस किया जा रहा है या आप और आपके बेबी को मेडिकल देख रेख़ की जरूरत है तो आपको हॉस्पिटल को जाना चाहिए


अगर फिर भी आपको होम डिलीवरी चाहिए तो अपने डॉक्टर से बात करें और सभी मेडिकल सेटिंग को ट्रांसफर करें ताकि डिलीवरी हो सके


Hindiram के कुछ शब्द


40 week pregnancy in hindi - गर्भावस्था पहला सप्ताह में आप pregnant नहीं रहती बल्कि ये समय तो आपके मेश्चुरेशन के शुरूआत का है क्युकी गर्भावस्था महिला के आखरी मासिक चक्र से गीना जाता है इसलिए इसे week 40 of pregnancy भी कहा जाता हैं।


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