गर्भावस्था 20वां सप्ताह - शिशु विकास, गर्भावस्था लक्षण और प्रेगनेंसी केयर टिप्स

कुछ गर्भवती माएं सोचा करती है गर्भावस्था के इस दौर में "बीस सप्ताह प्रेगनेंसी" तक शिशु पूर्ण रूप से विकसित हो गया होता है?? जरुर शिशु विकास की प्रक्रिया में बहुत आगे आ चुका है परन्तु अभी भी यह पूर्णतः विकसित नहीं हुआ है


 

मतलब अब आप प्रेगनेंसी के मीड यानी गर्भावस्था 20 सप्ताह के इस रोमांचित सफर का आंनद ले रहीं है आपका पेट भी पहले की तुलना में बाहर से दिखने लगा होता हैं तथा शिशु को भी बाहर आने में ज्यादा समय शेष नहीं है


मतलब शिशु भी पहले के मुकाबले काफी विकसित हों गया है इस सप्ताह उसके टेस्टबर्ड्स कार्य करने लगे हैं। शिशु अपना अंगूठा चूसने वाली आदत भी शुरू कर गया हैं 


चलिए जानते है गर्भावस्था के इस सप्ताह क्या क्या बदलाव होने को हैं



20 week of pregnancy मतलब - 5 माह गर्भावस्था

2nd trimester मतलब - गर्भावस्था दूसरी तिमाही

20 week's to go मतलब - 20 सप्ताह बचें




बीस सप्ताह गर्भावस्था - शिशु का विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स और देखभाल से जुड़ी जरूरी बाते | 20 week pregnant in hindi

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Here's quick summary


  • शायद वह समय आ गया है जब पहली बार आप शिशु की हरकतों को महसूस करेंगी, बीस सप्ताह प्रेगनेंसी में
  • शिशु भी खुद को विकसित करने के लिए काफी मेहनत कर रहा है। इस सप्ताह उसने अपने अंगूठा चूसने वाली हरकत भी तेज कर दी है
  • इस सप्ताह यदि आप अल्ट्रासाउंड कराने वाली है तो यकीनन आप शिशु के बारे में और अधिक जान सकेंगे




बीस सप्ताह गर्भावस्था में शिशु का विकास | Baby development by week 20 in hindi



बीस सप्ताह में शिशु का आकार कितना हैं - baby size at 20 week 


अब तो आपका शिशु भी काफी बड़ा हो गया है इस सप्ताह शिशु की लंबाई सिर से पांव तक 6 ½ इंच तक हो गया हैं वजन में भी शिशु लगभग 10 आउंस (0.28 kg) का हों गया होता है 

 

भले शिशु पहले के मुकाबले काफी बड़ा हो गया हो, मगर अभी भी उसका विकसित होना बांकी है। 



शिशु में जननांगों का विकास


इस सप्ताह तक लगभग सभी शिशुओं में जननांग काफी हद तक विकसित हो गए होते हैं जिसे शायद आप अल्ट्रासाऊंड के जरिए भी देख सकते हैं


लड़कों के जन्नाग : यदि गर्भ में लड़का होगा तो उसके टेस्टिकल्स विकसित हों रहे होगें, हालांकि, अभी ये शिशु के पेट में होंगे, जो तीसरी तिमाही में अपनी सही जगह पर आएंगे। 


लड़कियों के जन्नाग : यदि गर्भ में लड़की होगी तो ओवरी में अंडाणुओं का विकास होने लगा होगा, तथा इस सप्ताह तो अंडाणुओं का विकास पीक पर होता हैं यानी लगभग 6 से 7 करोड़ एग सेल्स बन चुके होते हैं 



अन्य विकास


  • शरीर की सुरक्षा के लिए वरनिक्स भी बन गया होता है 
  • हेयर फॉलिकल भी लंबे हो रहे होते हैं
  • Eccrin sweet gland बनने लगा हैं
  • गॉल ब्लैडर भी बाइल जूस बनाने लगा, जो भोजन को पचाने में मदद करता हैं।




बीस सप्ताह में गर्भवती का शरीर | Your body at 20 week pregnant in hindi



20 वीक प्रेगनेंसी बैली


क्युकी अब आप बीस सप्ताह की गर्भवती हो गई हैं अब तो आपकी प्रेगनेंसी बैली भी अपने शेप में आने लगीं होती है।


शायद भूख बर्दाश्त करना भी आपके कठीन हो गया होगा, आपका पेट भी इतना निकल चुका हैं कि बाहर लोग यह जानने लगे होते हैं कि आप गर्भवति है। शायद आपके कपड़े भी छोटे होने लगें होंगें


अब चाहें आपका बेबी बंप कितना भी बड़ा या छोटा रहे, वह बिलकुल समान्य है। इसलिए अपने बढ़ते पेट या बहुत छोटे पेट को देखकर घबराए नहीं, याद रखें गर्भावस्था में पेट कब और कितना निकलेगा ये बहुत सी चीज़ों पर निर्भर करता हैं जैसे - हाइट, वेट, ऐज



बालों और नाखूनों का बढ़ना


आप भी यह महसूस कर रही होंगी, पहले के मुकाबले आपके नाखून मजबूत और बाल तेजी से बढ़ रहे हैं। 


वैसे यह सब प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण है। जो पूरे शरीर में न्यूट्रिएंट की मात्रा बढ़ा देता है जिससे इन सभी में विकास बहुत तेजी से होने लगा होता हैं 


भले आपके बढ़े हुए नाखून आपको बहुत आकर्षक लग रहे हो, लेकिन इनसे अत्याधिक लगाव रखने से बचें, क्योंकि डिलीवरी के बाद यह पुन: अपनी अवस्था में आ जाएंगे।




बढ़ती भूख शांत करें


बीते समय में उल्टी और खाने के प्रति अनिच्छा के बाद अब आपका मन खाने से भी नहीं भरता होगा, लेकिन यहां आपको जंक फूड से निश्चित दूरी बनाकर चलना चाहिए, तथा खाने में पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें


आपको एक साथ बहुत सारा खाने से भी बचना चाहिए। शोधो में पता चला जो गर्भवतियां दिन में 5 मील और थोड़ा स्नैक्स लेती है उन्हें प्रेगनेंसी भूख परेशान नहीं करती, आप इसे ट्राई कर सकते हैं


अत्याधिक खाना आपको हार्टबर्न और इंडाईजेशन जैसे समस्या को बढ़ावा देते है जो बिल्कुल भी उचित नहीं





बीस सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण | 20 week symptoms of pregnancy in hindi



हार्टबर्न और अपच की समस्या


अगर आप इस समस्या से बचने का आसान तरीका ढूंढ रही हैं तो शुगरलेस चिंगम चबाना आपकी इसमें काफी सहायता कर सकता हैं। यह मुंह में लार (सलाइवा) की मात्रा बढ़ा देता जो पेट में बनने वाले एसिड को न्यूट्रलाइज करने में मदद करता है।



अचानक सिर दर्द होना


क्या आपको भी ये महसूस हो रहा हैं?? शायद जब आप अत्याधिक गर्म स्थान में हो या जब आपको अधिक गर्मी लगने लगें, अचानक सिर दर्द होना भी प्रेगनेंसी के समान्य लक्षणों में एक है इसलिए कोशिश करें अपने आप को ठंडे स्थान पर रखें व गर्म स्थानों से दूर रहें



चक्कर और बेहोशी


गर्म कमरे में रहना सिर दर्द के अलावा भी बहुत कुछ देता हैं। सिर में भारीपन, खासकर जब शरीर अत्याधिक गर्मी निकाल रहा हो। इसलिए खुद को ठंडा रखे और ढीले कपड़े पहने।



पैरों का फटना


विशेषज्ञों को तो अभी भी ज्ञात नहीं leg cramps होने का कारण क्या है? मगर कुछ शोध दावा करते हैं यह पैरों में रक्त के दबाव के कारण होता हैं। इसलिए टाईट जीन्स पहन कर रक्त प्रवाह में बाधा न डालें, आराम करते वक्त पैरों को ऊपर रखें और बहुत सारा पानी पिए।



पैरों में सूजन


पैरों में पानी या खून जमाव होने से इनमें दर्द का एहसास होता ही है। इसलिए आपको आरामदायक फुटवियर पहने चाहिए। साथ ही टाइट मोजे पहनने से बचें, पैरों में खून की सप्लाई सही से होने दे।



सांसों का छोटा होना


गर्भाशय के बढ़ने से यह फेफड़ो पर प्रेशर डालने लगता हैं यहीं आपके छोटी-छोटी सांसों के लिए जिम्मेदार होते हैं। बीस सप्ताह गर्भावस्था में आप इसे आसानी से महसूस कर पा रही होती हैं खासकर जुड़वा बच्चों से गर्भवती होने पर, इसलिए ज्यादा प्रयत्न न करें और आराम आराम करें

 



बीस सप्ताह गर्भावस्था में पेट निकलना | Pregnant belly at 20 week in hindi


इस सप्ताह यदि आप बाहर निकलते पेट को मापे, प्यूबिक बोन से लेकर गर्भाशय के ऊपरी भाग तक सेंटीमीटर में यह माप आपकी गर्भावस्था की उम्र के बराबर होता हैं उदाहरण के लिए - यदि आप 20 सप्ताह की गर्भवती है तो आपके पेट की लंबाई 18 से 22 सेंटीमीटर आ सकतीं है। इसी विधी के उपयोग से पुरानी माएं अपनी गर्भावस्था की उम्र का पता लगाती थी


हालांकि, यह लम्बाई में यह प्रति सेंटीमीटर की दर से हर सप्ताह बढ़ता है। बहुत ज्यादा या कम माप प्रेगनेंसी कंडीशन के संकेत देता है जैसे - गेस्टेशनल डायबिटीज, ग्रोथ इशू या ब्रीच बेबी, इसलिए समान्य न दिखने पर आगे जांच जरूर कराएं



 

बीस सप्ताह गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड | Ultrasound in 20 week of pregnancy in hindi


अभी तक आपका "मीड प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड" नहीं हुआ है तो आपको इसे जल्द ही करा लेना चाहिए। 18 से 22 सप्ताह के बीच, ये एक डिटेल्ड अल्ट्रासाऊंड होने वाला है जिसमें आप शिशु के उन अंगों की भी देख सकती है जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा - ह्रदय के आन्तरिक भागों को, मस्तिष्क, शिशु के जननांगों को भी आप देख सकती हैं


यहां अल्ट्रासाऊंड प्रोफेशनल जाचेंगे, शिशु के सभी अंगो का विकास सही से हो रहा हैं या नहीं, अगर आप जुड़वा बच्चों से गर्भवती है तो अल्ट्रासाऊंड टेक्निशियन दोनों शिशुओं में उनके सिर का विकास देखेंगे, अगर परिणाम उचित नहीं है तो अधिक जानने के लिए अन्य जांच किए जा सकते हैं




गर्भावस्था में याद रखने वाली चीजें - 20 week pregnant checklist


  • अपने स्वास्थ्य और प्रेगनेंसी सिम्पटम्स से आराम पाने के लिए थोड़ा एक्सरसाइज करें
  • पेट के बल कभी ना लेटे
  • अगर वजन बढ़ने या पेट निकलने को लेकर आपके मन में कोई सवाल है तो अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं
  • प्रीनेटल सप्लीमेंट लेते रहें
  • अपने पोस्चर का ध्यान रखें



गर्भावस्था बीस सप्ताह केयर टिप्स | Self care tips 20 week pregnant in hindi



ज्यादा स्ट्रेच ना करें 


गर्भवतीयों के लिए अधिक शारीरिक हरकत इंजरी का कारण बन सकता हैं। इसलिए सतर्कता के साथ ही आपको कोई भी एक्सरसाइज या कसरत करना चाहिए, यहां आप खुद को अधिक स्ट्रेच करने की भी कोशिश न करें। अगर कसरत करते समय पीड़ा का ऐहसास हो तो उसे तुरन्त रोक दे।


लंबे समय तक बैठे रहते हैं तो मसल्स रिलैक्स करने के लिए जरूर उठे, आप बीच-बीच में ब्रेक अवश्य ले




हेल्दी फूड खाएं


आपको बढ़ते पेट का भी ध्यान रखना हैं इसका मतलब ये नहीं आप जब चाहे कुछ भी खाने लगे।


बीस सप्ताह गर्भावस्था से आप प्रति सप्ताह एक पाउंड के दर से वजन बढ़ा रही होती हैं। कोशिश आपको यहीं करनी चाहिए कि अपने निरीक्षक के बताए अनुसार कम या ज्यादा वेट गेन करें।


हेल्दी और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन से वेट गेन करना बेस्ट रहता हैं। ये शिशु के विकास में भी मदद करता हैं। 




आयरन की मात्रा 


बीस सप्ताह गर्भावस्था तक शरीर में जो आयरन की मात्रा मासिक चक्र के समय एकत्रित हुआ था वह भी खत्म होने को है। गर्भावस्था में महिलाएं एनीमिया के लिए संवेदनशील रहती है। आयरन की कमी इसका प्रमुख सूचक होता हैं इसलिए आपको प्रेगनेंसी में आयरन भरपूर रुप से लेना चाहिए


जो महिलाएं एक से अधिक शिशुओं से गर्भवती होती हैं वे अत्याधिक तौर पर एनीमिया के लिए संवेदनशील हैं अतः उन्हें खासकर आयरन, विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए




शिशु की हरकतें


यदि पहली बार आप मां बनी है शायद अटठारह सप्ताह से ही आप शिशु की हरकतों को महसूस करने लगी होंगी। हो सकता हैं आप उसकी हरकतों को पेट की गैस समझने की भूल कर बैठें हो।




ऑइल फ्री स्किन केयर प्रोडक्ट चुने


जब कभी आप अपने लिए स्किन केयर प्रोडक्ट खरीदने जाए, ध्यान रखें आपको सदैव non-codmogenic और unscented प्रोडक्ट ही खरीदना है इसकी जांच आप प्रोडक्ट के लेबल में कर सकते है


ऑइल फ्री स्किन केयर प्रोडक्ट चेहरे पर ऑयल नहीं निकलते और चेहरे के पोर्स बंद होने से बचाते है जिससे त्वचा अच्छे से सांस ले सकें


यदि आपकी स्किन ऑयली है तब तो जरुर आपको ऑइल फ्री स्किन केयर प्रोडक्ट का ही चुनाव करना चाहिए। स्किन ड्राई है तो आपको इसे मॉइश्चराइज भी करते रहना चाहिए






बीस सप्ताह के लिए प्रेगनेंसी डाइट


यदि आप वेजीटेरियन है तो आपको जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन बी12, कैल्शियम, विटामिन डी, डीएचए, आयरन और फोलेट की उचित मात्रा लेना आवश्यक हैं 


  • प्रोटीन युक्त भोजन खाए - जैसे नाइट्स, मूंगफली, दाल
  • यदि आप दूध नहीं पीना चाहती, तो आप दही का सेवन करें 
  • हरी सब्जियां खाये, रेशेदार फल और सब्जियां जरूर सेवन करे




FAQ. प्रेगनेंसी में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर



क्या प्रेगनेंसी में सेक्स कर सकते हैं?

जी हां..., प्रेगनेंसी में संभोग करना पूरी तरह सुरक्षित हैं व इससे शिशु को कोई नुक्सान नहीं होता है, बल्कि शिशु को इन सबका कुछ पता ही नहीं होता 



प्रेगनेंसी में कौन सी गलतियां ना करें?

प्रेगनेंसी में नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहें, ऐसे कार्यों को न करें जिसमें अत्याधिक शारीरिक कसरत की जरूरत हो



प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए?

एक प्रेगनेंसी बहुत से उतार चढ़ावो से भरा होता है इसलिए आपको एक हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने की जरूरत है, अपने पार्टनर, परिवारजनों और दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें



Hindiram के कुछ शब्द


20 week of pregnancy in hindi : प्रेगनेंसी का ये सप्ताह गर्भवती और शिशु दोनों के लिए अनेकों बदलाव लेकर आता है लेकिन अभी सबसे जरूरी होगा आप खुद का और शिशु का ख्याल रखें, हेल्दी डाइट ले, और अधिक से अधिक पानी पिए, यदि आपको किसी प्रकार की शंशा हैं तो अपने निरीक्षक से परामर्श कर सकते हैं

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