गर्भावस्था 34वां सप्ताह - शिशु विकास, गर्भावस्था लक्षण और प्रेगनेंसी केयर टिप्स

34 सप्ताह में पहुंच कर आपने प्रेगनेंसी के 8 माह के सफर को पूर्ण कर लिया हैं यहां तक ना सिर्फ गर्भवती महिला में परिवर्तन आए होते है बल्कि शिशु का विकास भी लगभग पूर्ण हो गया होता है।


हालहीं में शिशु ने अपना वजन 5 पाउंड तक बढ़ा लिया है मतलब आपके गर्भाशय के आकार में बहुत बढ़ोतरी हुई हैं। आपका शिशु सुन सकता है यहां तक कि वह आपके गुनगुनाने का भी मजा उठा रहा होता है कुछ एक्सपर्ट्स तो यह भी कहते हैं जन्म के बाद शिशु माता की आवाज पहचान भी लेता है

34 सप्ताह का शिशु सुन सकता है देख सकता है सांस ले सकता है इसके अलावा आप उसके अन्य हरकतों की भी महसूस कर रही होती है। शिशु जानता है कब उसे बाहर आना है।

चौतीस सप्ताह का शिशु बिल्कुल वैसे ही दिख रहा होता है जैसे वह जन्म के बाद दिखता है मगर अभी भी शिशु पूर्ण रूप से विकसित नहीं, इस समय शिशु में वहीं छोटे-मोटे विकास की प्रक्रिया पूर्ण हो रहीं हैं। उसके नाखून भी बढ़ गए हैं त्वचा भी कोमल हो गई है शिशु लगातार वजन गेन कर रहा होता है तथा जल्दी ही आप उससे मिल भी पाएंगी।


34 week of pregnancy मतलब - 8 माह गर्भावस्था
3rd trimester मतलब - गर्भावस्था तीसरी तिमाही
6 week's to go मतलब - 6 सप्ताह बचें



चौतीस सप्ताह गर्भावस्था - शिशु का विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स और देखभाल से जुड़ी जरूरी बातें | 34 week pregnant in hindi

34-week-pregnancy-in-hindi


Here's quick summary

  • शिशु का स्पर्श - 34 सप्ताह में आपका शिशु लगभग पूरी तरह विकसित हो गया होता हैं कि आप उसके कुछ शारीरिक अंग जैसे - हाथ, पैर को अपने पेट पर महसूस कर सकती हैं।
  • शिशु का भी अपना एक निश्चित सोने और जागने का समय है।
  • शिशु की त्वचा मोम कि तरह कोमल है वर्निक्स जों शिशु की त्वचा को घेरे हुए था वह भी धीरे धीरे हटने लगा है।



चौतीस सप्ताह गर्भावस्था में शिशु का विकास | Baby development by week 34 in hindi



34 सप्ताह में शिशु का आकार कितना हैं - baby size


एक अनुमानित तौर पर 34 सप्ताह का शिशु एक बड़े अन्नानास के जितना बड़ा होता हैं। गर्भावस्था बढ़ने के साथ शिशु भी आकार में बड़ा हो रहा होता है चौतीस सप्ताह में एक शिशु सिर से कुल्हों तक लगभग 12 इंच तक लंबा होता है। वहीं यदि शिशु की लम्बाई सिर से पांव तक मापी जाए तो शिशु 18 इंच लंबा हो गया होता है।

यहां केवल शिशु के आकार में ही बढ़ोतरी नहीं हुई हैं बल्की उसके वजन में भी वृद्धि हुई होती हैं। 34 सप्ताह में शिशु का वजन 5 पाउंड (लगभग 2.3 किलोग्राम) के जितना हों गया होता है।


वर्निक्स - Vernix


वर्निक्स एक मोम के समान (चिपचिपी) परत हैं जो गर्भ में शिशु को ढके हुए होता हैं यह शिशु की त्वचा को एमनियोटिक फ्लूइड के संपर्क में आने से बचाता हैं। मगर जैसे जैसे शिशु की त्वचा मोटी होते जाती है वर्निक्स की परत हटने लगती हैं यह धीरे धीरे एमनियोटिक फ्लूइड में मिलने लगता हैं। 

विशेषज्ञों का कहना हैं जब शिशु एमनियोटिक फ्लूइड के साथ vernix को निगलता है ये शिशु के पाचन अंगो, फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता हैं।

 

एमनियोटिक फ्लूइड


34 सप्ताह में एमनियोटिक फ्लूइड का स्तर अपनी उच्चतम सीमा पर होता है एमनियोटिक फ्लूइड जिसके अन्दर शिशु गर्भ में अपना जीवन जी रहा होता है अर्थात विकसित हो रहा होता हैं। यहां शिशु लगभग 800ml एमनियोटिक फ्लूइड के बीच में तैर रहा होता है।

शिशु एमनियोटिक फ्लूइड में ही सांस ले रहा होता हैं एमनियोटिक फ्लूइड निगल रहा होता हैं। ये सभी क्रियाएं शिशु के मसल्स, हड्डियों, पाचन तंत्र और फेफड़ों आदि के विकास में मदद करती है।



बेबी सेक्स डिफरेंस - baby sex difference


अगर आपका शिशु लड़का है तो इस सप्ताह उसके टेस्टिकल्स एब्डोमेन से नीचे स्क्रोटम में आ जाएंगे। हालांकि, कुछ फूलटर्म बेबी बॉयस (लगभग 3-4%) undescended testicals के साथ जन्म लेते हैं। जहां उनके टेस्टिकल्स एब्डोमेन में ही होते हैं।

लेकिन जन्म के लगभल 1 वर्ष के भीतर ही उनके टेस्टिकल्स स्क्रोटम के अन्दर आ जाते है।



शिशु के नाखून


शिशु में अन्य विकास क्रियाओं के साथ 34 सप्ताह में, उसके नाखून उंगलियों के टिप तक आ चुके होते है जो अपने पहले post term सफाई के लिए तैयार हो रहे है।


गर्भ के बाहर जीवन


34 सप्ताह से पहले जन्में शिशुओ को moderate preterm कहा जाता है लेकिन 34 सप्ताह के बाद इन्हें late preterm कहा जाता है। एक late preterm बेबी full term baby के समानांतर होता है मगर इसमें विकास अभी पूर्ण रूप से नहीं हुआ होता हैं।

जिन शिशुओं का जन्म 34 सप्ताह में ही हो जाता है उन्हें कुछ हेल्थ इश्यूज का सामना करना पड़ता हैं जैसे - जॉन्डिस, स्तनपान में समस्या, सांस लेने में दिक्कत आदि। हालांकि, उचित संरक्षण में 99% शिशु जिनका जन्म 34 सप्ताह में होता है सरवाइव कर जाते हैं तथा किसी प्रकार की डिसेबिलिटी होने की 5% संभावनाए होती है।




चौतीस सप्ताह में गर्भवती का शरीर | Your body at 34 week pregnant in hindi



अभी भी बढ़ रहा है - still growing


आंखें आपको धोखा नहीं दे रही, क्युकी 34 सप्ताह में आपका गर्भाशय अभी भी बढ़ रहा होता है। चौतीस सप्ताह तक आपका गर्भाशय नाभि से लगभग 5 इंच ऊपर आ गया होता है।


देखने की क्षमता में बदलाव - vision changes


यह भी आपके प्रेगनेंसी हार्मोन के संपर्क में आने से हुए होते है जिस वजह से आप अपने देखने की क्षमता में बदलाव को महसूस कर रही होती हैं। इस समय ना सिर्फ आपको धुंधला दिखने की समस्या हो रही होगी, बल्कि आंसूओं के उत्पादन में भी कमी आई होती है। आंखो में ड्राइनेस और इरीटेशन भी हो रहा होता हैं।

वैसे चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि ये सब थोड़े समय के लिए ही है चीजें फिर से सामान्य हो जाएंगी जब आपकी डिलीवरी हो जाएगी। यहां आपको किसी तरह की दवाई लेने की भी जरूरत नहीं

मगर समस्या यदि कुछ ज्यादा ही संवेदनशील लगें, तो जरूर आपको अपने निर्देशक को इसकी जानकारी देनी चाहिए, क्योंकि ये प्रीकॉलेप्सिया का संकेत हो सकता है।





चौतीस सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण | 34 week symptoms of pregnancy in hindi



ब्लाटिंग और गैस


जैसे जैसे तीसरी तिमाही में आप आगे बढ़ रही होती है यह समस्या भी अधिक बढ़ने लगती है। यहां तनाव लेना बस आपकी समस्या को और बढ़ा सकता हैं क्योंकि जब आप तनाव में होती है तब ज्यादा हवा निगलने लगती है। इसलिए अधिक तनाव लेने से बचें, लंबी गहरी सांसे लें...


कॉन्स्टिपेशन


यदि अक्सर पेट में आप गड़बड़ी महसूस करती हैं तो खाने में आपको फ्रेश फ्रूट, हेल्दी वेजिटेबल्स और होल ग्रेन जैसे खाद्य पदार्थों को अपने डाइट में शामिल करना चाहिए। यदि आप किसी तरह की मेडिसिन लेते हैं तो बिना डॉक्टर की अनुमती के न लें।


योनी स्त्राव में बढ़ोतरी 


गर्भावस्था में डिस्चार्ज जैसी समस्या का होना समान्य हैं। तथा लगभग सभी गर्भवती महिलाएं इस तरह की समस्या से गुजरती भी है। यह भी प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण ही हो रहा होता है खासकर इसके लिए आप एस्ट्रोजन हार्मोन को अधिक जिम्मेदार मान सकती है। 



बवासीर


जिन प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण आप कब्ज की समस्या से गुजर रही होती हैं वहीं हार्मोन बवासीर का भी कारण बन रहे होते हैं। "किगल एक्सरसाइज" करना यहां आपके लिए काफी मददगार साबित होगा।



पीठ में दर्द


शारीरिक भार में बदलाव तथा प्रेगनेंसी में लगातार बढ़ रहे गर्भाशय के कारण center of gravity में परिवर्तन होता हैं जिसके कारण आपके लोअर बैक में ज्यादा प्रेशर पड़ने लगता है कुछ तरीके जो आपकी मदद कर सकते हैं - 

  • ब्रेक ले और खुद को स्ट्रेच करें
  • सीधे खड़े होकर चले
  • ज्यादा देर बैठे ना रहे



छोटी-छोटी सांसे


बढ़ता हुआ पेट रास्ते में आने वाली सभी चीजों को दूर करने की कोशिश करता है फेफड़ों को भी, जो पूरी तरह फैलने में असमर्थ हो गए होते हैं। यह शिशु की तुलना में आपके लिए ज्यादा असुविधाजनक होता हैं। शिशु को तो प्लेसेंटा से ऑक्सीजन मिल रहा होता हैं लेकिन आपको सीधे खड़े होना, गहरी सांस लेने में मदद करेगा

 

इनसोम्निया - insomina


गर्भावस्था में अत्याधिक हार्मोनल बदलाव बार बार पेशाब, पैरों में जकड़न, हार्टबर्न और सबसे बड़ा आपका बढ़ा हुआ पेट है जैसी समस्या का कारण होते हैं। ये सब कहीं ना कहीं आपके नींद पर भी असर डाल रहे होते हैं।

तीसरी तिमाही के दौरान 4 में से 3 गर्भवतियां नींद न आने की समस्या से परेशान रहती हैं। हालांकि, 34 सप्ताह में आपके शरीर को सख्त आराम की जरूरत होती है इसलिए अधिक तनाव ना लें, बार-बार समय गिनने से कुछ नहीं होगा, खुद को आराम देने के लिए हर संभव प्रयास करें।

अगर फिर भी नींद ना आए तो किताब पढ़े, म्यूजिक सुने, वैसे प्रेगनेंसी इनसोम्निया आपको बाद में भी काम आने वाला है।



ब्रैक्सटन हाइक्स कांट्रेक्शन - Braxton Hicks Contraction Early labour Contraction


ब्रैक्सटन हाइक्स कांट्रेक्शन (नकली संकुचन) इसे आप एक रिहर्सल के जैसे मान सकते हैं जो आपको सही समय के लिए तैयार कर रहा होता है

अब तो आप रोजाना कांट्रेक्शन महसूस किया करती होंगी जैसे - हर थोड़े थोड़े समय में पीरियड के जैसे ऐठन, गर्भाशय में सिकुड़न, लेकिन यदि किसी महिला की पानी की थैली फूट जाएं तो तुरंत उन्हे हॉस्पिटल के लिए रवाना होना चाहिए।


 

चौतीस सप्ताह गर्भावस्था में पेट निकलना | Pregnant belly at 34 week in hindi



34 सप्ताह में आप महसूस करेंगी, आपका पेट थोड़ा या पहले के मुकाबले बहुत नीचे दिख रहा होता है। यह संकेत हैं शिशु पेल्विस पर आ गया हैं। अब आप अच्छे से सांस भी ले पा रही होती हैं। क्योंकि शिशु के नीचे आने से फेफड़ों को फैलाने के लिए भरपूर जगह मिल रहीं होती है।

एक बुरी बात ये है कि शिशु के नीचे आने से उसका सिर ब्लैडर पर प्रेशर डालने लगता हैं जिसके कारण आपको बार-बार पेशाब की तीव्र इच्छा महसूस हो सकती है।

चौतीस सप्ताह गर्भवती के पेट को लंबाई प्यूबिक बोन से गर्भाशय के ऊपरी भाग तक जिसे मौलिक लंबाई भी कहते है 32 से 36 सेंटीमीटर होता हैं। लेकिन यदि आपमें ये लम्बाई कम या ज्यादा है तो इसका मतलब हो सकता हैं आपका शिशु सामान्य से छोटा अथवा बड़े आकार का हों, अथवा शिशु ब्रीच या साइड-वे पोजीशन में हैं, या फिर असमान्य मात्रा में एमनियोटिक फ्लूइड का होना भी इसका कारण हो सकता हैं।

यदि आप 34 सप्ताह जुड़वा बच्चों से गर्भवती है आप खुद को बहुत उत्तेजित (थकी हुई) महसूस कर सकती हैं। यह भी एक निश्चित संकेत है कि शिशु जल्द आने वाला है। जुड़वा बच्चों से गर्भवती होने पर 35 सप्ताह से आप खुद को फूलटर्म मान सकती है। अगर शिशु को जल्दी डिलीवर करने की जरूरत नहीं पड़ती है तो 37 सप्ताह तक आप अपने लेबर में होंगी।



चौतीस सप्ताह गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड | Ultrasound in 34 week of pregnancy in hindi


शायद इस सप्ताह आप निरीक्षक के पास चेकअप के लिए जा सकती हैं। अगर आपके डॉक्टर चाहेंगे तो आपका (BPP) बायोफिजिकल प्रोफाइल टेस्ट हो सकता हैं। इसके अंतर्गत आपका अल्ट्रासाउंड और एक नॉन स्ट्रेस टेस्ट होगा, जिसमें लगभग 20 मिनट तक शिशु की हार्ट रेट को मेजर किया जाएगा। यह दोनों टेस्ट डॉक्टर को यह जानने में मदद करते हैं कि शिशु सही से विकसित हुआ है या नहीं!, तथा शिशु बाहर आने को तैयार है या नहीं!

लेकिन अगले सप्ताह आप डॉक्टर के पास अपॉइंटमेंट में ना जाए, क्योंकि 36 सप्ताह की शुरुआत के साथ आपका एक GROUP B STREP टेस्ट हों सकता हैं जिसमें वेजाइना और रेक्टम में एक तरह के बैक्टीरिया की मौजूदगी को जांचा जाता है।

वैसे तो ये आपके लिए हानिकारक नहीं है लेकिन डिलीवरी के समय शिशु यदि इसके संपर्क में आता है तो यह उसके लिए खतरनाक हो सकता हैं। यदी आप GROUP B STREP के लिए पॉजिटिव पाई जाती है तो डिलीवरी के दौरान आपको एंटीबायोटिक मेडिसीन दिया जाएगा।


गर्भावस्था में याद रखने वाली चीजें - 34 week pregnant checklist

  • प्रीनेटल विटामिंस लेते रहे
  • हेल्दी मिल्स खाएं, ज्यादा से ज्यादा फ्लूइड ले
  • ब्लैडर पूरी तरह खाली करें
  • कीगल एक्सरसाइज करते रहें
  • प्रीनेटल मसाज करें
  • छींक आने या खास्ते समय पैरों को मोड़ ले



गर्भावस्था चौतीस सप्ताह केयर टिप्स | Self care tips 34 week pregnant in hindi



आंखों की देखभाल


गर्भावस्था में आंखें भी प्रेगनेंसी हार्मोन की चपेट में आए होते हैं इसलिए ये काफी संवेनशील बन गए होते हैं। बाहर से आंखों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आप चश्मों का उपयोग करें, आंखों की देखभाल में आईड्रॉप उपयोग करना भी प्रेगनेंसी में सुरक्षित रहता है।

हालांकि, यदि आप अपने निरीक्षक से इस पर चर्चा करेंगे तो ज्यादा बेहतर होगा।



अधिक तनाव लेने से बचें


गर्भावस्था में लगभग 10 से 15% महिलाएं अत्याधिक मानसिक तनाव से गुजरती हैं कई बार तो ये तनाव उन्हें डिप्रेशन जैसे व्याधि की समांतर अवस्था में ले आता हैं। हालांकि, इन सभी के पीछे भी बढ़ा हुआ हार्मोन स्तर होता है 

बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो डिप्रेशन जैसे संकट में आपको जाने से बचा सकती है जैसे - दोस्तो से बाते करना, हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज, योगा और मेडिटेशन करना



अपनी ताकत बढ़ाए


वैसे तो पूरी प्रेगनेंसी भर आपने खुद को बहुत थका हुआ ही पाया होगा, मगर जैसे जैसे शिशु का जन्म नजदीक आ रहा होता हैं आप खुद में एक ऊर्जा का संचार महसूस कर सकतीं है।

यदि आप खुद को एक एनर्जी बूस्ट देना चाहते हैं तो रोज एक्सरसाइज करें, ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग, योगा करना शरीर में रक्त संचार को बढ़ाता हैं endorphins जैसे अच्छे हार्मोन्स का स्त्राव कराता हैं इससे शरीर को शांति और एनर्जी बूस्ट मिलता हैं जो लंबे समय तक कायम भी रहता है।



लेबर के बारे में जाने


बेहतर होगा आप इस विषय में अपने डॉक्टर से जानकारी ले, जैसे कब आपको लेबर हो सकता है कैसे होगा तथा लेबर पेन होने पर आपको क्या करना होगा!, तथा हॉस्पिटल के लिए निकलने का सही समय क्या होगा



चौतीस सप्ताह के लिए प्रेगनेंसी डाइट


यदि आप वेजीटेरियन है तो आपको जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन बी12, कैल्शियम, विटामिन डी, डीएचए, आयरन और फोलेट की उचित मात्रा लेना आवश्यक हैं 

प्रोटीन युक्त भोजन खाए - जैसे नाइट्स, मूंगफली, दाल
यदि आप दूध नहीं पीना चाहती, तो आप दही का सेवन करें 
हरी सब्जियां खाये, रेशेदार फल और सब्जियां जरूर सेवन करे



FAQ. प्रेगनेंसी में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर


क्या प्रेगनेंसी में सेक्स कर सकते हैं?
जी हां..., प्रेगनेंसी में संभोग करना पूरी तरह सुरक्षित हैं व इससे शिशु को कोई नुक्सान नहीं होता है, बल्कि शिशु को इन सबका कुछ पता ही नहीं होता 


प्रेगनेंसी में कौन सी गलतियां ना करें?
प्रेगनेंसी में नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहें, ऐसे कार्यों को न करें जिसमें अत्याधिक शारीरिक कसरत की जरूरत हो


प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए?
एक प्रेगनेंसी बहुत से उतार चढ़ावो से भरा होता है इसलिए आपको एक हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने की जरूरत है, अपने पार्टनर, परिवारजनों और दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें



Hindiram के कुछ शब्द

34 week of pregnancy in hindi : प्रेगनेंसी का ये सप्ताह गर्भवती और शिशु दोनों के लिए अनेकों बदलाव लेकर आता है लेकिन अभी सबसे जरूरी होगा आप खुद का और शिशु का ख्याल रखें, हेल्दी डाइट ले, और अधिक से अधिक पानी पिए, यदि आपको किसी प्रकार की शंशा हैं तो अपने निरीक्षक से परामर्श कर सकते हैं
और नया पुराने