गर्भावस्था 5वां सप्ताह - शिशु विकास, गर्भावस्था लक्षण और प्रेगनेंसी केयर टिप्स

जहां तक बात है शिशु की 5 सप्ताह गर्भावस्था में भ्रूण का विकास धीरे-धीरे शिशु में होने लगता है, हालांकि, अभी भी ये बहुत छोटा है इस सप्ताह शिशु में दिल और सरकुलेट्री सिस्टम्स (संचालन प्रणाली) का विकास होता हैं


5 सप्ताह गर्भवती होने पर आप दो माह की गर्भावस्था में आ जाती है इस सप्ताह निश्चित रूप से आप प्रेगनेंसी टेस्ट कर रही होंगी, क्योंकि इस दौरान महिला में शरीर में प्रेगनेंसी हार्मोन एचसीजी की मात्रा इतनी पर्याप्त होती है जिससे वे एक पॉजिटिव प्रेगनेंसी टेस्ट कर सकती हैं। हालांकि, अभी से आप मॉर्निंग सीकनेस जैसे प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षणों को महसूस करने लगी होंगी...


5 सप्ताह गर्भावस्था में अधिकांशतः महिलाओं को पता होता है उन्हें क्या चाहिए होता हैं, ये जानना कि आप गर्भवती हो गई हैं निश्चित ही चिंता का विषय बन सकता है मगर अब आपको आने वाले 35 सप्ताह के बारे में सोचना शुरु कर देना चाहिए 


5 week of pregnancy मतलब - 1 माह गर्भावस्था

1st trimester मतलब - गर्भावस्था दूसरी तिमाही

37 week's to go मतलब - 37 सप्ताह बचें



गर्भावस्था पांचवा सप्ताह - शिशु विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स और देखभाल से जुड़ी जरूरी बाते | 5 week pregnant in hindi

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Here's quick summary


  • प्लेजेंटा जो पहली तिमाही से पहले ही तैयार हो जाता हैं यहीं गर्भ में माता और शिशु को जोड़ता है तथा पूरी प्रेगनेंसी शिशु को पोषित करता है
  • अब समय है आपको एक पॉजिटिव प्रेगनेंसी टेस्ट लेना चाहिए क्युकी एचसीजी (प्रेगनेंसी हार्मोन) की मात्रा इतनी पर्याप्त हो चुकी है जिससे पॉजिटिव होम प्रेगनेंसी टेस्ट लिया जा सकता हैं।
  • फर्टिलाइजेशन के बाद एंब्राय गर्भ में स्थापित हो गया है तथा अब उसमें न्यूरल ट्यूब और स्पाईनल कॉर्ड (मेरुदंड) और दिमाग का विकास होने लगा हैं


हालांकि, गर्भ में चलते फिरते शिशु को आप महसूस कर रही होंगी, उसके होने का अहसास आपको साफ साफ पता चल रहा होगा।





पांच सप्ताह गर्भावस्था में शिशु में विकास | baby development by week 5 in hindi



शिशु का आकार 5 सप्ताह गर्भावस्था में - baby size at 5 week 


5 सप्ताह गर्भावस्था में शिशु अभी भी बहुत छोटा होता है एक अनुमान के तौर पर अभी शिशु एक सन्तरे के बीज के जितना बड़ा है।



मेंढक का बच्चा


शिशु अभी मेंढक के बच्चे के समान दिख रहा होता है। मतलब पांच सप्ताह गर्भावस्था के दौरान भ्रूण का आकार बहुत कुछ मेंढ़क के बच्चे जैसे रहता हैं पीठ में एक ट्यूब (न्यूरल ट्यूब) जो आगे चलकर मेरुदंड, स्पाईनल कॉर्ड और दिमाग में विकसित होता है।


सामने की तरफ एक उभरा हुआ निशान होता है जो शिशु के दिल में विकसित होता हैं तथा शिशु का दिल ही सबसे पहला कार्य करने वाला अंग बनता हैं


इस समय भ्रूण तीन कोशिकाओं के परत में विकसित हो रहा होता हैं जो आगे चलकर शिशु के विभिन्न अंगों का निर्माण करते हैं -



एक्टॉडर्म (Ectoderm) : यह बाहरी परत होता हैं जो शिशु के दिमाग, त्वचा, बालो और नाखूनों में विकसित होता हैं 


मेटॉडर्म (metoderm) : यह बीच की परत होती है। जो स्वसन अंगों का निर्माण करती हैं जैसे दिल, रक्त कोशिकाएं इसके अलावा हड्डियों तथा किडनी का भी निर्माण करती है।


एंडोडर्म (endoderm) : यह अंदरूनी परत है जो आगे चलकर फेफड़े, आंतो और यकृत का निर्माण करती है।




गेस्टेशन सैक - Gestation sac


यह एक थैले के समान (आकृति) का होता है जो शिशु के लिए कवच का काम करता है इसी के अंदर शिशु नौ महीने विकसित होता है भले अभी शिशु का आकार बहुत छोटा है लेकिन आप गेस्टेशन सैक को अल्ट्रासाउंड की सहायता से देख सकते है। 



शिशु की हार्टबीट (धड़कन) - baby heartbeat


एक शिशु के निर्माण में बहुत से विकास प्रक्रियाओं की आवश्यक्ता होती है शरीर के सभी जरूरी अंग - तंत्रिका तंत्र, पाचन तंत्र, स्वसन तंत्र, शारीरिक अंग जैसे - दिल, फेफड़े, और आंते शुरूआत से ही बनने लगते हैं


पहला अंग जों शिशु में विकसित होता है सर्कुलेट्री सिस्टम और इसके सहायक अंग जैसे दिल, जो पांच सप्ताह से ही धड़कना शुरू कर देता है 


जब महिला 5 सप्ताह की गर्भवती होती हैं तब शिशु के दिल में दो छोटे चैनल्स विकसित होते हैं जिसे हार्ट ट्यूब कहते हैं जब ये दोनों जुड़ते हैं तब शिशु का दिल कार्य करना शुरू कर देता है



जुड़वा बच्चे होना - having twins


गर्भावस्था में जुड़वा बच्चे होने की संभावना 100 में से 3 रहतीं है लेकिन यदि आपने IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) की सहायता से गर्भधारण किया है तो जुड़वा होने की संभावना अधिक होती है। जिसका पता आपको अल्ट्रासाउंड के जरिए ही मिल सकता हैं





पांच सप्ताह में गर्भवती का शरीर | your body at 5 week pregnant in hindi



एचसीजी और होम प्रेगनेंसी टेस्ट


अभी तक तो महिला अपनी पीरियड भी मिस कर चुकी होती हैं जिसे गर्भधारण का सबसे सटीक लक्षण माना जाता है इसलिए अब समय है आपको एक पॉज़िटिव होम प्रेगनेंसी टेस्ट लेना चाहिए, क्योंकि महिला जब 5 सप्ताह की गर्भवती होती है एचसीजी (प्रेगनेंसी हार्मोन) पर्याप्त मात्रा में होता है जिससे प्रेगनेंसी का पता आसानी से लगाया जा सकता है


मतलब अब आप यह जान सकती हैं क्या आप गर्भवती है या नहीं, वैसे गर्भधारण की सच्चाई आपको बहुत सी असिमिताओ (खुशी, डर, चिंता) जैसे बदलावो से भर देगा, गर्भावस्था के इस समय मूड स्विंग होना भी सामान्य होता हैं




स्वभाव में बदलाव


हालांकि ये आप भी नहीं जानती होंगी, गर्भवती होने पर आपके स्वभाव में किस तरह के बदलाव होंगे। आप उत्सुक रहेंगी, सहमी या डरी हुई, आत्याधिक चिंतित महसूस करेंगी


भले आपको प्रेगनेंसी के बारे में सीखने की कोई दिलचस्पी ना हो, परंतु सलाह रहेगी आप प्रेग्नेंसी में खुद को समझने का प्रयास करें, अपने स्वभावो पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें




शुरुआती प्रेगनेंसी के लक्षण - early pregnancy sign


वैसे तो प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण बहुत से होते हैं शायद आप अत्याधिक रूप से थकान महसूस करेंगी, स्तनों में कसाव या फिर पेट में मतली का होना


एक शिशु को पोषित करना फिर चाहे वह संतरे के बीज जीतना ही क्यों ना हो बहुत कठिन कार्य रहता है जिसमें आपका शरीर भी प्रतिक्रियाएं दे रहा होता हैं




प्रेगनेंसी हारमोंस का बढ़ना


बहुत अधिक मात्रा में हार्मोन (केमिकल सिग्नल) जो शरीर में होते हैं यही सब मिलकर शारीरिक बदलाव का कारण बनते हैं वह इस सप्ताह बनने लगते हैं।


इन सभी में एस्ट्रोजन जो शरीर में प्रोजेस्ट्रोन और एचसीजी लेवल को बढ़ाए रखता है प्रोजेस्ट्रोन जो प्लेजेंटा के कार्यशिलता को बरकरार रखती है तथा गर्भाशय में संकुचन के होने से बचाता है और स्तनों में विकास को प्रेरित करता है।


एचसीजी जो कॉरपस लेटियम को सपोर्ट करता है जब तक प्लेजेंटा बनकर कार्यशील ना हो जाए, चिंता ना करें अगर इन हार्मोनस् के कारण डिस्कंफर्ट महसूस करें क्युकी सभी महिलाएं इन्हे महसूस करती हैं


 


पांच सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण | 5 week symptoms of pregnancy in hindi



मॉर्निंग सिकनेस


मॉर्निंग सिकनेस गर्भावस्था में होने वाली उल्टी और मतली है जो गर्भावस्था में महिलाओं को अलग-अलग समय पर प्रभावित करता है ये अधिकांशतः प्रेगनेंसी के 5 से 6 सप्ताह में शुरू होते हैं तथा कुछ महिलाओं के लिए तो पेट में मतली का होना गर्भवती होने का पहला संकेत होता है


कुछ तरीके हैं जिससे आप खुद को मॉर्निंग सिकनेस से आराम दिला सकते हैं जैसे अपने डाइट और लाइफ स्टाइल में बदलाव लाकर, नेचुरल रेमेडीज और मेडिकेशन के जरिए मगर बेहतर होगा इसके बारे में आप अपनें निरीक्षक से चर्चा करें



फूड एवर्जन


कुछ खाद्य पदार्थों के प्रति अनिच्छा होना जिसे फुड एवर्जन भी कहते हैं प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षणों में एक हैं तथा लगभग सभी गर्भवती महिलाएं प्रेगनेंसी में फूड एवर्जन महसूस करती है यह सभी प्रेगनेंसी में होने वाले हार्मोन बदलाव और सेंस ऑफ स्मेल के कारण होता हैं जिसके कारण ही महिलाओं को मांस, कॉफी, डेयरी या स्पाइसी खाद्य पदार्थ के प्रति अरुचि बढ़ने लगती है अलग अगर आपको खाना बनाते समय तकलीफ हो तो घर में किसी की मदद जरूर लें



बार बार पेशाब लगना


प्रेगनेंसी हार्मोन और शरीर में बढ़े फ्लूइड के कारण बार बार पेशाब जैसी समस्या आती हैं गर्भावस्था के दौरान बार बार बाथरूम जाना प्रेगनेंसी की सबसे बड़ी समस्याओं में एक है लेकिन इस बीच आपको खुद को हाइड्रेटेड रखने में कोई कमी नहीं करनी चाहिए तथा आपको जरूरी मात्रा में फ्लूइड लेते रहना है



भारी थकान


गर्भावस्था की पहली तिमाही में आपके एनर्जी का एक बहुत बड़ा भाग शिशु के लाइफ सपोर्ट सिस्टम (प्लेजेंटा) को तैयार करने में चला जाता है जिसके कारण भी आपको थकान महसूस हो सकती हैं



मिस्ड पीरियड


मासिक धर्म चक्र बन्द होना प्रेगनेंसी के सबसे सटीक लक्षणों में एक है जो बताता है महिला गर्भधारण कर चुकी हैं इसलिए आपको प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए, प्रेगनेंसी में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन का बहुत बड़ा महत्व होता हैं जों प्रेगनेंसी कायम रखने तथा गर्भाशय की लाइनिंग को झड़ने से बचाता हैं



ब्रेस्ट चेंजेज


गर्भावस्था के इस समय महीला अपने स्तनों में हल्का सूजन, दर्द और कसांव महसूस कर सकती हैं साथ ही स्तनों मे झुनझुनी और आकार बढ़ना भी प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षणों में एक होता है




गर्भावस्था चौथे सप्ताह में पेट निकलना | pregnant belly at 5 week in hindi



5 सप्ताह गर्भवतीयों की प्रेगनेंट बैली, इस समय महिला अपने पेट में छोटे मोटे बदलाव देख सकतीं है, हालांकि, बाहर से तो आपको सब कुछ सामान्य हि लगेगा मगर अन्दर से आप ऐसा महसूस करेंगी जैसे आपने बहुत सारा खाना खा लिया हो...


ऐसा भी हो सकता हैं आप कोई बदलाव ही न देखें क्योंकि सभी की प्रेगनेंसी अलग होती है इसलिए गर्भावस्था में पेट भी उन्हें अलग समय और भिन्न रूप में दिखाई पड़े, हालांकि पहली तिमाही के दौरान आपको बहुत ज्यादा खाने की आवश्यक्ता नहीं क्युकी इस समय गर्भवती मुश्किल से 3 से 5 पाउंड तक ही वजन गेन करती हैं


जरुर पढें : प्रेगनेंसी में पेट कब निकलता है?

 



गर्भावस्था के पांचवें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड | Ultrasound in 5 week of pregnancy in hindi



अभी तो आपका शिशु बहुत छोटा है मगर इस सप्ताह आप अल्ट्रासाउंड कराती हैं तो शिशु में आप गेस्टेशन सैक को देख सकती हैं यदि आपके पेट में जुड़वा बच्चे होंगे तो अल्ट्रासाउंड के जरिए आप दो गेस्टेशन सैक देख सकती हैं




गर्भावस्था पांच सप्ताह के लिए टिप्स | Self care tips 5 week pregnant in hindi



बहुत सी महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी को लेकर अत्याधिक उत्सुक हो जाती है। हालांकि प्रेगनेंसी के बारे में जानना सच में तनावपूर्ण रहता है लेकिन अब आपको आने वाले 35 सप्ताहों के लिए खुद को तैयार करने के बारे में सोचना चाहिए


 

इंतजार खत्म करें


अगर आपने अभी तक नहीं किया तो अब समय है आपको एक पॉजिटिव प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए, एक पॉजिटिव होम प्रेगनेंसी टेस्ट पीरियड मिस होने के दिन गर्भवती होने का 99% संकेत होता है




फोलिक एसिड लें


गर्भावस्था में शुरूआत से ही गर्भवती को फोलिक एसिड (vitamin-B9) लेना शुरू कर देना चाहिए, आप vitamin-B9 (फोलिक एसिड) के सप्लीमेंट भी ले सकती हैं। ये आपको प्रिनेटल विटामिंस में भी मिल जाएंगा, जब शिशु में दिमाग का विकास होता हैं फोलिक एसिड शिशु को किसी भी तरह के न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचाता है।




सही खाद्य पदार्थों का चुनाव करें


गर्भावस्था में गर्भवती को अपने सभी मनपसंद खाद्य पदार्थों से परहेज करने की आवश्यकता नहीं, लेकिन क्योंकि आप गर्भवती हैं आपको एक हेल्दी प्रेगनेंसी डाइट लेने को अधिक महत्व देना चाहिए, इसी बीच आप चाहें तो थोड़ी मात्रा मे अपनी पसंदीदा चीजें खा सकती है लेकिन बेहतर होगा आप उन खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो आपके लिए हनिकाकर हों सकते हैं जैसे -


  • क्रीमी चीजें
  • कच्चा या क्रीमी दूध और जूस
  • बिना पका या बहुत ज्यादा पका हुआ भोजन



प्रेगनेंसी डेन्जर (खतरो) को जानें


पूरी प्रेगनेंसी के दौरान हानिकारक चीजों से दूर रहना ही समझदारी होगी, खासकर पहली तिमाही के समय क्योंकि जब एंब्राय छोटे छोटे कोशिकाओं से विकसित हो रहा होता हैं बाहरी वातावरण से विकास की यह प्रक्रिया बहुत जल्दी प्रभावित हो जाती है


इसलिए गर्भावस्था के इस दौर में कुछ भी लेने से पहले आपको निरीक्षक से परामर्श लेना चाहिए, चाहे वह मेडिसीन हो या कोई हर्बल सप्लीमेंट, इस समय खासकर आपको नशीले पदार्थों, स्मोकिंग से दूर रहना चाहिए और ऐसे हरकतें करने से बचें जो शारीरिक रूप से आपको नुकसान पहुंचा सकते है 




अपनी ड्यूटी पता करें


डॉक्टर से जांच कराने पर वे आपको प्रेगनेंसी ड्यू डेट के बारे में जरूर बताएंगे लेकिन इसे आप खुद ही पता कर सकती हैं एक प्रेगनेंसी 280 दिन यानी 40 सप्ताहों की होती है तथा महिला के आखिरी मासिक चक्र के पहले दिन को प्रेगनेंसी की शुरुआत मानी जाती हैं -


कैलेंडर देखें और पता करें कब आपके मासिक चक्र का पहला दिन था वहां से फिर 280 दिन यानी 40 सप्ताह आगे गिने

साल को भूल जाए, आखिरी मासिक चक्र की पहली तिथि को ले और उसमें 3 महीने घटाएं और 7 दिन जोड़े



एक्टोपिक प्रेगनेंसी


एक्टोपिक प्रेगनेंसी गर्भावस्था की ऐसी कंडीशन है जहां शिशु गर्भ के बाहर स्थापित हो जाता हैं अधिकांशतः फैलोपियन ट्यूब मैं, वैसे एक्टोपिक प्रेगनेंसी 1 से 2 % गर्भावस्थाओ में होती है, एक्टोपिक प्रेगनेंसी हानिकारक है जिसमें गर्भावस्था आगे बढ़ने का कोई सवाल ही नहीं होता, लक्षण जैसे - वेजाइनल ब्लीडिंग, दर्द, चक्कर आने पर डॉक्टर से परामर्श लें, समस्या गंभीर होने पर डॉक्टर आपको अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दे सकते है



पांच सप्ताह के लिए प्रेगनेंसी डाइट


प्रोटीन युक्त भोजन खाए - जैसे नाइट्स, मूंगफली, दाल; यदि आप दूध नहीं पीना चाहती, तो आप दही का सेवन करें, हरी सब्जियां खाये, रेशेदार फल और सब्जियां जरूर सेवन करे



Hindiram के कुछ शब्द 


पांच सप्ताह गर्भावस्था - 5 week of Pregnancy शिशु के लिए विकास का समय है इस समय गर्भवती को स्वयं का ध्यान रखते हुए शिशु के लिए सोचना चाहिए, आराम करे और अपनी प्रेगनेंसी के अनोखे सफर का आंनद ले

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