गर्भावस्था तीसरा सप्ताह – शिशु विकास, गर्भावस्था लक्षण और प्रेगनेंसी केयर टिप्स

प्रेगनेंसी के 3 हफ्ते खुद आप भी नहीं जानती होंगी आप प्रेग्नेंट है या नहीं! पेट निकाला जैसे प्रेगनेंसी के लक्षण तो पहली तिमाही के बाद ही दिखना शुरू होते है मतलब अगर महिला अपने गर्भवती होने की बात छिपाना चाहे तो बेझिझक छिपा सकतीं हैं

गर्भावस्था तीसरे सप्ताह में यह माना जाता है महिला अधिकृत रुप से कंसीव कर चुकीं हैं और वह गर्भावस्था के पहले माह में है। हालांकि, अभी कुछ सप्ताह है जब गर्भवती होने की ये बात महिला प्रेगनेंसी टेस्ट से कन्फर्म करेंगी

इस सप्ताह कोशिकाओं का एक छोटा गुच्छा (जो शिशु में परिवर्तित होगा) तेजी से विकसित होने लगा है प्रेगनेंसी हार्मोन स्त्रावित होने से महिला के सूघने की शक्ति में भी बड़ा परिवर्तन आया है जिसमें गर्भवती के सूंघने की शक्ति बड़ जाती है यह भी गर्भवती होने का ही एक लक्षण है।

अभी आपको थोड़ा इंतजार करना होगा, प्रेगनेंसी के लक्षण अधिकांशतः चौथे सप्ताह से दिखना प्रारंभ होते हैं प्रेगनेंसी के तीसरे हफ्ते फर्टिलाइजेशन (अंडाणु और शुक्राणु का मिलन) होता है जो शिशु के विकास का पहला चरण होता है जहां निषेचित अंडाणु सिंगल सेल (कोशिका) से मल्टी सेल (बहु कोशिकाओं) में विभाजित होता है

3rd week of pregnancy मतलब – 1 माह गर्भावस्था

1st trimester मतलब – गर्भावस्था दूसरी तिमाही

37 week’s to go मतलब – 37 सप्ताह बचे

Table of Contents

गर्भावस्था तीसरा सप्ताह लक्षण – शिशु का विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स, केयर टिप्स और देखभाल से जुड़ी जरूरी बाते | 3 week pregnant in hindi

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Here’s quick summary

  • एंब्राय जो जल्द ही कोशिकाओं के गुच्छे से बेबी फीटस में बदलने वाला है आकार में अभी पिन के नोक बराबर हैं
  • निषेचित अंडाणु (ब्लास्टोसिस्ट) जों अब नए सफर की शुरूआत कर रहा है गर्भाशय तक पहुंचने में उसे तीन से चार दिन लग जाएंगे, तथा दो से तीन दिन निषेचित अंडाणु को गर्भ में स्थापित होने में लगेंगे
  • लड़का होगा या लड़की, अभी तो आप इसका पता नहीं लगा सकती (14 सप्ताह से पहले), हालांकि, शिशु का लिंग उसी समय निश्चित हो जाता हैं जब फर्टिलाइजेशन होता हैं

तीसरे सप्ताह गर्भावस्था में शिशु में विकास | baby development by week 3 in hindi

3 सप्ताह गर्भावस्था में शिशु का आकार – baby size 

इस सप्ताह जब महिला ओव्यूलेट करती हैं शायद कंसीव भी कर लें, यहीं वह समय होता हैं जब आपका बेबी फिटस छोटे से गेंद (कोशिकाओं के गुच्छे) से बेबी (शिशु) बनने के सफर में आगे जाता हैं।

जब शुक्राणु का अंडाणु में प्रवेश होता है तुरंत ही ये अंडाणु के बाहरी आवरण में एक कवच बनाने लगता है ताकि दूसरे शुक्राणुओं उसमें प्रवेश न कर सकें, हालांकि, ये अंडाणु अधिक देर तक ऐसे हि नहीं रहता

फर्टिलाइजेशन के कुछ घंटों में ही सिंगल सेल कोशिका विभाजित होकर डबल सेल कोशिका में बंट जाती है इसी तरह शुक्राणु और अंडाणु मिलने के कुछ दिनों में ही अनेकों कोशिकाओं में बंट जाती हैं जिनमें से कुछ शिशु बनते है तो कुछ प्लेसेंटा का निर्माण करते हैं लेकिन अभी ये अंडाणु आकार में बहुत छोटा होता हैं।

इंप्लांटेशन – implantation

भले शिशु अभी बहुत छोटा है लेकिन इसे कम समझने की भूल ना करें, निषेचित अंडाणु (जिसे ब्लास्टोसिस्ट भी कहते हैं) जब विकसित हो जाता हैं तब यहीं ब्लास्टोसिस्ट शिशु का निर्माण करता है, हालांकि, अभी ये ब्लास्टोसिस्ट कोशिकाओं में बंटते (विभाजित होते हुए) फैलोपियन ट्यूब से गर्भाशय की ओर बढ़ रहा है जिसमें 5 से 6 दिनों का समय लगता है

जब ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय में पहुंच जाता हैं यह खुद को गर्भाशय की दीवार से चिपकाने लगता हैं गर्भाशय से चिपकने के बाद ब्लास्टोसिस्ट आने वाले 9 महीनो में शिशु के रुप में विकसित होगा, दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आप पूर्ण रुप से गर्भधारण कर चुकी हैं और एक नए सफर की शुरुआत करने जा रही हैं

लड़का होगा या लड़की

अभी तो आप नहीं जान सकेंगी, आपको बेबी बॉय होने वाला या बेबी गर्ल, हालांकि, बात अगर शिशु के लिंग की करें ये तो उसी समय निश्चित हो जाता हैं जब फर्टिलाइजेशन (अंडाणु और शुक्राणु मिलते हैं), शायद डिलीवरी के बाद ही आप अपने बेबी बॉय या गर्ल को देख सकेंगी

चलिए जाने कैसे शिशु बेबी बॉय या गर्ल बनता हैं? फर्टिलाइजेशन के बाद एक निषेचित अंडाणु में 46 क्रोमोसोम आ जाते हैं 23 – 23 माता और पिता के, यहां महिला केवल X क्रोमोजोम ही प्रदान करती हैं वहीं पुरुष X या Y क्रोमोजोम दे सकते हैं जब निषेचित अंडाणु XX क्रोमोजोम मिलने से बना हो तो लड़की होती है अगर निषेचित अंडाणु XY क्रोमोजोम मिलने से बना है तो लड़का होता हैं।

जुड़वा बच्चों का जन्म कैसे होता हैं ? – what about twins

3 सप्ताह के विकास में एक शिशु कई बार दो शिशुओं में भी बदल जाते हैं जिसे आईडेंटिकल ट्विंस कहते हैं। आईडेंटिकल ट्विंस एक ही अंडाणु और शुक्राणु तथा समान जेनेटिक मैटेरियल से बनते हैं जो निषेचित होकर दो समांतर कोशिकाओं में बंटने से बनते हैं, हालांकि, ऐसा कंसेप्शन के पहले सप्ताह ही हों सकता हैं 

ट्विंस (जुड़वा बच्चे) होने की एक और संभावना होती है जिसे फ्रेटरनल ट्विंस कहते हैं। भले ये एक ही अंडाणु और शुक्राणु से ना आते हो, फ्रेटरनल ट्विंस के लिए दो अलग अंडाणु और शुक्राणु की आवश्यकता पड़ती है अगर ओव्यूलेशन के समय दो अंडाणु निकलते हैं और दोनों ही फर्टिलाइज हों जाते है तो फ्रेटरनल ट्विंस का जन्म होता हैं

तीसरे हफ्ते गर्भवती में शारीरिक बदलाव | your body at 3 week pregnant in hindi

कॉरपस लेटियम और प्रेगनेंसी हार्मोन

अभी कुछ सप्ताह आप महसूस करेंगी जैसे सब कुछ सामान्य हि हैं कोई अनिश्चित बदलाव नहीं हुआ, हालांकि, अगर सब कुछ सही से हुआ है आपने ओवुलेशन में संभोग किया तथा अंडाणु और शुक्राणु निषेचित हो गए हैं और निषेचित अंडाणु सफलता पूर्वक गर्भाशय में स्थापित हो गया है

क्युकी इस सप्ताह जब अंडाणु रिलीज होता हैं जिस फॉलिकल से यह निकला होता है उस खाली जगह में एक पीले रंग की कोशिका बन जाती हैं इसे कॉरपस लेटियम सिंड्रोम कहते हैं यहीं कॉरपस लेटियम प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन हार्मोन का स्त्राव करता है जो पहली तिमाही में शिशु और प्लेजेंटा के निर्माण में मदद करता हैं

फर्टिलाइजेशन हो जाने के 1 सप्ताह बाद ब्लास्टोसिस्ट खुद को गर्भाशय में स्थापित कर लेता हैं और प्लेजेंटा का निर्माण शुरू हो जाता है लगभग 6 से 12 दिनों में जो कोशिकाएं प्लेजेंटा बन रहीं हैं hCG (प्रेगनेंसी हार्मोन) का स्राव कराने लगती है

जब शरीर में hCG हार्मोन बढ़ता है ये अंडाशयों को सिग्नल देता है कि वह अंडाणु रिलीज करना बन्द कर दें, और अधिक से अधिक प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन का स्त्राव करें, जिससे लाइनिंग ऑफ यूट्रस (endometrium) झड़ने से बच जाता हैं जो प्लेजेंटा और शिशु के विकास में मदद करता है।

एचसीजी (hCG) हार्मोन को ही यूरिन और ब्लड में टेस्ट कर पॉजिटिव प्रेगनेंसी का पता लगाया जाता हैं, हालांकि, 1 से 2 सप्ताह आपको प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव नहीं मिलने वाला है

गर्भावस्था में सूंघने की शक्ति बढ़ना

क्या फूलों की सुगंध आप बहुत ज्यादा महसूस करने लगी है? सूंघने की शक्ति बढना भी एक संकेत होता है महिला गर्भवती हो गई है। गर्भावस्था में hCG और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन बढ़ने से शरीर में अनेकों परिवर्तन आते हैं सूंघने की शक्ति बढ़ना भी उन्हीं बदलावो में एक जो गर्भवती होने की भी पहचान कराती हैं

चाहे ये सुगंध दूर बन रहें खाने की हों या सड़क पर पड़े कचरे की, हालांकि, ये आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता हैं। इस अनोखे प्रेगनेंसी सिंप्टम्स की एक बुरी बात ये है ये आपके मॉर्निंग सिकनेस को भी बढ़ा देता है 

कोशिश करें खुद को साफ और स्वच्छ वातावरण में रखने की, घर की खिड़कियां खुली हों जिससे स्वच्छ हवा का प्रवास हों सकें

तीसरे सप्ताह में गर्भावस्था के लक्षण | 3rd week symptoms of pregnancy in hindi

पेट में प्रेशर और कसाव महसूस होना

चिंता ना करें, अगर आपको इस सप्ताह पेट में हल्का प्रेशर और कैपिंग महसूस होने लगे, ब्लीडिंग के साथ, शुरुआती प्रेगनेंसी में ऐसा होना सामान्य है यह संकेत हैं सब कुछ सही चल रहा है आप जो महसूस कर रही है वह गर्भ में भ्रूण के स्थापित होने का संकेत है। शरीर में रक्त स्तर बढ़ना, अगर फिर भी आपको किसी प्रकार की चिंता है तो आप डॉक्टर से परामर्श लें सकते हैं

मैटेलिक टेस्ट

अगर आपको महसूस होता है मानों आपने लोहे के कुछ सिक्के मुंह में रख लिए है तो आप अकेली नहीं है जो ये सब महसूस कर रहीं हैं इस तरह मैटेलिक टेस्ट आना भी प्रेगनेंसी का ही एक लक्षण हैं गर्भवती होने के कारण ही आप ये सब महसूस कर रहीं हैं जो आपको पहली तिमाही भर महसूस हो सकता है इसके लिए जब आप ब्रश करने जाएं तो अपने जीभ को भी ब्रश करें और नमक पानी से गरारे करें

गर्भावस्था तीसरे सप्ताह में पेट निकलना | pregnant belly at 3 week in hindi

क्युकी अभी आप गर्भवती नहीं है अथवा अभी कंसीव कर रही है इसलिए अभी प्रेग्नेंट बैली निकलने का कोई सवाल ही नहीं आता, गर्भावस्था में पेट दिखना अधिकांशतः पहली तिमाही के बाद ही होता हैं, अभी आप बाहर से बिलकुल भी प्रेग्नेंट नहीं दिखने वाली है

गर्भावस्था के तीसरे सप्ताह में अल्ट्रासाउंड | ultrasoumd test in 3rd week of pregnancy in hindi

प्रेगनेंसी के तीसरे सप्ताह में किसी भी अल्ट्रासाऊंड टेस्ट की जरुरत नहीं होती हैं अल्ट्रासाऊंड टेस्ट टेस्ट की जरूरत आपको 9 से 10 सप्ताहों के बाद ही पड़ेगी

गर्भावस्था तीसरे सप्ताह के लिए टिप्स | self care tips 3 week pregnant in hindi

आयरन और विटामिन सी से भरपूर भोजन खाएं

खाने में विटामिन सी की भरपूर मात्रा लेना शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद करता हैं गर्भावस्था में आयरन शरीर में बढ़े रक्त स्तर को सपोर्ट करने में मदद करता हैं

विटामिन से आपको फलों सब्जियों जैसे – कीवी, आम, स्ट्रॉबेरी, मेलन, टमाटर जैसे खाद्य पदार्थों में मिल जाएगा, आयरन आपको सोया प्रोडक्ट्स, पोल्ट्री, और ड्राई फ्रूट से मिल जाएंगे

प्रेगनेंसी टेस्ट लेने का समय

एक पॉजिटिव प्रेगनेंसी टेस्ट लेने से पहले आपको पीरियड मिस होने का इंतेजार करना चाहिए, पीरियड मिस होने के बाद होम प्रेगनेंसी टेस्ट (HPT) से रिजल्ट में सटीकता की संभावना बढ़ जाती हैं

अधिक से अधिक प्रोटीन के

दिन में तीन सर्विंग प्रोटीन की ले, प्रोटीन शिशु में कोशिकाओं के विकास और निर्माण में मदद करता हैं प्रोटीन के बेहतरीन सोर्स जैसे – अंडे, मछली, डेयरी और दाले हैं

कैल्शियम से भरपूर भोजन खाए

कैल्शियम ना सिर्फ आपके लिए जरूरी, शिशु में भी हड्डियों के बनने और विकसित होने के लिए कैल्शियम महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिससे प्रेग्नेंसी में मजबूत शरीर का गठन हो सकें

कैल्शियम मांसपेशियों के लिए भी जरूरी है गर्भावस्था में अगर आप भरपूर कैल्शियम नहीं लेते हैं तो शिशु अपने कैल्शियम की पूर्ति आपके हड्डियों से लेने लगता हैं, कैल्शियम आपको दही, अंडे जैसे सफेद चीजों से मिल जाएगा।

साफ भोजन खाए

डॉक्टरों के मुताबिक प्रेगनेंसी के पहले तिमाही में गर्भवती केवल 2 से 3 किलो वजन ही गेन करती है इसलिए आपको प्रेगनेंसी समझ कर अधिक मात्रा में भोजन करने से बचना चाहिए, यहां आपको अत्याधिक वसा पूर्ण भोजन से भी परहेज करना चाहिए, खासकर मैदे और जंक फूड, क्युकी ये प्रेग्नेंसी के लिए बिल्कुल भी लाभदायक नहीं होते हैं

शरीर को पानी की कमी ना होने दें

अगर आपको जी मचलने या उल्टियां जैसे लक्षण दिखने लगें अथवा किसी कारण प्रेगनेंसी में पानी कमी होने लगे, इन सभी का एक ही इलाज है

आराम करें, और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करे, डायरिया जैसे लक्षणों में आपको इसपर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती हैं, आप नारियल पानी या जूस पी सकते हैं, अदरक की चाय भी डायरिया के लिए बेस्ट होता हैं

Hindiram के कुछ शब्द 

पहले के समय गर्भवति होने की जांच पीरियड मिस होने पर ही किया जाता था, लेकिन आज के समय बहुत सी ऐसी सुविधाए है जो आपको बहुत जल्दी गर्भवती होने सटीक परिणाम बता सकते है

भले 3 week of pregnancy में आप पुरी तरह गर्भवती नहीं होती, हालंकि, इस सप्ताह महिला अधिकृत रूप से गर्भधारण कर चुकी होती हैं तथा आने वाले कुछ दिनों में आप पॉजिटिव प्रेगनेंसी टेस्ट भी कर रही होंगी

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