गर्भावस्था 15 पंद्रह सप्ताह | 15 week pregnancy in hindi

इस हफ्ते 15 week pregnancy क्या क्या होगा




ये आपकी दूसरी तिमाही का दूसरा सप्ताह है। जहां आपके साथ शिशु में भी कई बदलाव हुए तथा इसके बहुत से अंग भी विकसित हो चुके है एवं आने वाले सप्ताहो में मेच्योर होंगे।


15 week में आपका शिशु अपना शरीर हिला डुला सकता है इसकी कलाईयां मुड़ने तथा पैर स्ट्रेच होने लगे। अब तो शिशु सांस भी ले सकता है।



  •  शिशु की त्वचा पतली होने से इनमें रक्त वाहिनियों का निर्माण हो रहा ।
  • शिशु का स्केलेटन बनने लगता मतलब कि शिशु का यदि एक्स-रे कराया जाए तब उसके शरीर की हड्डियां दिखने लगेगी।
  • सभी चीजे व्यवस्थित होने लगी अर्थात शिशु के आंख - कान जैसे अंग अपनी उचित स्थान पर आने लगी हैं।



15 week pregnancy मतलब - 4 महीने 2 सप्ताह

Second trimester मतलब - दूसरी तिमाही

25 weeks left मतलब - 25 सप्ताह बचे 


शिशु का विकास | baby development in 15 week pregnancy in hindi


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शिशु का इंसानी रूप


अगर आप सोचे आप pregnant क्यों दिख रही हैं? क्योंकि 15 week Pregnant होने पर शिशु काफी तेजी से विकसित होने लगता है। 


इस सप्ताह सप्ताह शिशु 4 इंच तक लंबा हो जाता है अनुमान लगाया जाए तो यह अमरूद जितना बड़ा है। परन्तु जैसे जैसे सप्ताह बीतते जा रहे शिशु भी इंसानी रूप लेने लगता है।


भले उसके कान अभी गर्दन में हो आंख चेहरे पर घूम रहे हो परन्तु इस सप्ताह से ये अपने मूल स्थान पर आने लगते है।



 बाहर घूमने की शिशु की तैयारी


क्या आपको पता है शिशु अभी अपनी तैयारी करने में काफी व्यवस्थ रहता। जी हां, अभी से यह बाहर आने के बार जो कार्य करने होते उनकी प्रैक्टिस कर रहा है।


प्रतिरोज शिशु सांस लेने की क्लास भी लेता है। तथा यूरिन और शरीर से गंदगी निकालने जैसे कार्य भी करने लगा है। जो इसे बाहर आने के बाद करना पड़ेगा।


रोज सांस लेने के साथ अब तो शिशु हाथ पाव भी हिलाने लागता है। इधर उधर घूमने का प्रयास भी करता है। लेकिन अभी आप ये सब महसूस नहीं कर सकती क्युकी ये बस 4 इन्च तक का ही हैं।



15 सप्ताह गर्भवास्था में आपका शरीर | your body at 15 week pregnancy in hindi


गर्भावस्था का सुहाना महीना


इस तिमाही, आरामदायक महसूस करके आपको कैसे लग रहा है ? शायद पिछली तिमाही की याद कर रहीं होंगी। क्यों?


इस सप्ताह परेशान करने वाले प्रेगनेंसी सिंप्टम्स मानो गायब हो गए हो। वैसे 15 week pregnancy में भी आपका आकार इतना भी नहीं बड़ा आप एक जगह से दूसरी जगह ना जा सके।


शायद मुंह में भी अब लार ग्रंथियों ने अपना प्रभाव कम कर दिया है मतलब आप खुल के हंस सकती है। लेकिन फिर भी pregnancy weeks में आपको अपने मुंह के स्वस्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। क्युकी ये भी काफी बतलाओ से गुजर रहा होता है।



ब्लीडिंग गम और डेंटल केयर


आईने में देखने पर मसूड़े लाल और सूजे हुए दिख सकते हैं। क्युकी खासकर ये pregnancy में अत्यधिक संवेदनशील बन जाते है। इनसे खून भी आ सकता है।


वैसे इसके लिए आप pregnancy harmons को जिम्मेदार ठहरा सकती है। जो आपके दांतों के इंफेक्शन का कारण बनते है। अगर ध्यान से इन्हे दिखेंगी आपको इनमें गांठे भी दिख जाएंगी जिसे - pregnancy tumer भी कहा जाता है। हालंकि ये नुकसानदायक बिल्कुल नहीं तथा जन्म पश्चता गायब भी हो जाएंगे।


एक मुसीबत आपको यहां ये हो सकती, ध्यान नहीं देने से मसूड़ों की सूजन इंफेक्शन बन सकता है। जो दांतों के हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जिसे periodontitis कहते हैं। 


एक शोध में सामने आया periodontitis प्रीमेच्योर बर्थ और प्रिलेबर पेन का कारण भी बनता है। मतलब की बचाव में ही फायदा है। अतः दांतो की सफाई पर भी ध्यान दे।


वजन बढ़ने को तैयार


वैसे पहली तिमाही में शायद ही आपका वजन बढ़ा होगा, खासकर उन प्रेगनेंसी हार्मोन्स की बदौलत, लेकिन अब समय आ गया जब आपको वजन बढ़ाने के लिए खुद को तैयार करना होगा।


दूसरी तिमाही आने से शिशु और अधिक तेजी से विकसित होने लगता। तथा आपमें में कम बदलाव नहीं होते। इसलिए अपने ऊपर भी थोड़ा ध्यान जरूर दे। हफ्ते में लगभग 1 पाउंड तक वजन बढ़ाए।


अगर आप अपना वजन घर पर ही मापना चाहे तो हफ्ते में एक दिन, एक ही समय, एक ही वातावरण, तथा एक ही कपड़ों को पहन कर अपना वाहन मापे। फिर इसे आप अपने निरीक्षक को भी बता सकते है।



15 सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण | 15 week pregnancy symptoms in hindi



हार्टबर्न और अपच


शायद आप यह नोटिस करें एक बार में अत्याधिक खाना आपको जलन और अपच जैसे समस्याओं के लिए सवेदंशिल बना देता होगा। इससे बचने के लिए आपको थोड़ा-थोड़ा तथा दिन में तीन की जगह छह: बार खान चाहिए। इससे आपका पाचन सही रहेगा।



 फूले नसों का दिखना


एक अच्छी बात इन नसों की यह है य आपको किसी प्रकार से हानि नहीं पहुंचाते बल्कि यह तो आपके और शिशु के लिए लाभदायक रहता। इससे ही शिशु तक पर्याप्त मात्र में पोशाक तत्व शिशु तक पहुंचते है। वैसे ये आपके आराम करने का अच्छा बहाना बन सकता है इसलिए आराम भी करे।



बेहोशी और चक्कर


अगर लेटने के लिए जगह ना मिले तो किसी जगह बैठ जाए। तथा अपने सिर को घुटनों के बीच लाए और लंबी तथा गहरी सांस ले। इससे आपको चक्कर नहीं आएगा।


अचानक सिर दर्द


सिर में दर्द होना किसी भी कारण से आ सकता हैं। शायद आपके प्रेगनेंसी हार्मोन, थकान, टेंशन इससे बचने के लिए आप कंप्रेसर अपने माथे पर रख सकती हैं। तथा आप डार्क और शांत कमरे में बैठे।



राउंड लिगामेंट पेन


प्रेग्नेंसी में लोअर एब्डोमेन अर्थात पेट के निचले हिस्से में दर्द होना राउंड लिगामेंट पेन कहलाता है। गर्भाशय को सपोर्ट करने वाला मोटा बैंड, जो पेट के दोनों तरफ रहता, गर्भाशय के फैलने से पड़े दबाव में पतला हो जाता हैं। खीचाव के कारण ही इनमें दर्द का अहसास होता हैं।



प्रेगनेंसी ब्रेन


यह प्रेगनेंसी की बहुत बड़ी निशानी है प्रेगनेंसी में दिमाग की कोशिकाएं कम हो जाती, जिसके कारण आपको चीजें याद रखने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आप चाहे तो चीजों को लिख कर याद रख सकती हैं।


सेल्फ केयर टिप्स इन प्रेगनेंसी | self care tips in 15 week pregnancy in hindi



निरीक्षक से Preeclampsia की चर्चा करें


हालांकि, यह 20 सप्ताह के बाद दिखाई पड़ता है जो हाई ब्लड प्रेशर के साथ शुरू होता है। इसमें आपके हाथों तथा चेहरे पर सूजन हो सकती है साथ ही यह संकेत भी देता है आपके कुछ अंग सही से कार्य नहीं कर रहे जैसे - यूरिन में प्रोटीन का मिलना


अगर आपको ऐसा कुछ एहसास हो तब आप अपने डॉक्टर से इसपर चर्चा कर सकते हैं। जिसमें शायद वे आपको एस्प्रिन की कम मात्रा लेने का सुझाव भी दे। क्युकी इसका सेवन सकते पहले कि नहीं के बाद इसका सेवन Preeclampsia का खतरा 24% तक कम कर देता हैं।


शिशु का आकार समझे


सबसे आसान तरीका जिससे आप अपने शिशु का आकार पता कर सके, गर्भवती अपने बढ़ते गर्भाशय को नापे वैसे यही दाई माये अपनाया करती शिशु का आकार बताने के लिए वे गर्भवती की प्यूबिक बोन से लेकर गर्भाशय के उपरी भाग को मापती जिससे ही शिशु का आकर निकाल कर बताया करती।



अमनियोसेंटेशिश के बारे मे पूछे


अभी शिशु अनेकों रसायनों से घिरा है तथा इनमें शिशु की अनेकों जानकारियां भी समाहित रहती जैसे - जेनेटिक, इसलिए गर्भाशय से एमनीओटिक फ्लूइड लेना जिसे अमनियोसेंटेशिश भी कहते है। शिशु के बारे में जानने का अच्छा तरीका है।


 इससे जन्मजात बीमारियों का पता पहले ही लगाया जा सकता है। अमनियोसेंटेशिश 16 से 20 सप्ताह के बीच किया जाता है जिन्हें महिलाओं को प्रेगनेंसी में जेनेटिक्स की समस्या होने कि आशंका रहती वे एमनीओटिक फ्लूइड लेकर लैब में टेस्ट के लिए भेज सकती है।



फिट इन हेल्दी केयर


यदि आपको अपने भोजन को हेल्दी बनाने में समस्या आ रही हो, आपको दिनचर्या में थोड़ा परिवर्तन लाने की जरुरत है। अपने खाने में न्यूट्रीशनल स्नैक्स भी रखे जिससे शिशु को सही मात्रा में पोषित किया जा सके। आप ओट्स, एग, दही, फ्रूट्स अपने खाने में शामिल कर सकती हैं।



ब्रेकफास्ट जरूर करें


क्या आप ऐसे इंसान है जो कभी नाश्ता नहीं करते, वैसे अगर नाश्ते में आप ओट मिल की जगह चीज सैंडविच भी खा लेगी, शिशु बुरा नहीं मानेगा। रात को सोने से पहले आपको प्रोटीन के लिए जरूर कुछ लेना चाहिए।


सुबह जल्दी ना उठने के कारण आप नाश्ता नहीं कर पाती तो आप अलार्म 15 मिनट पहले का लगाए जिससे आपको नाश्ता करने का समय मिल जाएगा साथ ही रात को जल्दी सोने जाए



लड़का या लड़की


चलिए बताइए शिशु लड़का होगा या लड़की - दिल अगर 140 bpm मतलब लड़का होगा, अगर 140 bpm से ज्यादा तो लड़की, क्यों सही कहा ना ? 


वैसे इस तरह की मान्यताएं तो बहुत है। लेकिन इनके सच होने की संभवना 50-50 रहती। हालांकि, ऐसी चीजों को परिवार के साथ मिल कर सोचना आप सभी को साथ रहने का मौका देता। लेकिन इससे शिशु का लिंग नहीं जान सकती।


HINDIRAM की कुछ बाते 


15 week pregnancy in hindi - इस सप्ताह बहुत से बदलाव हुए है लेकिन अभी pregnant women को अनेकों बदलाव का सामना करना है। इस लिए अपना ध्यान जरूर रखें

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