गर्भावस्था 19वां सप्ताह – शिशु विकास, गर्भावस्था लक्षण और प्रेगनेंसी केयर टिप्स

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था का मतलब है आप 5 माह की गर्भवती हो गई है 19 सप्ताह गर्भवती होने पर आपका अत्याधिक ध्यान जल्द ही होने वाले “मिड प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड टेस्ट” (जिसे लेवल 2 अल्ट्रासाउंड भी कहते हैं) पर होगा। जिसकी जांच में आप शिशु को बहुत करीब से देखने वाली होती है
आप शिशु के पूरे शरीर को देखेंगी – बाहर से भी और अंदर से भी, अब आपको प्रेगनेंसी के इस नए और रोमांचित सफर के लिए तैयार हो जाना चाहिए। जहां आप शिशु की लातों को भी महसूस करने वालीं होती हैं
आप शायद 19 सप्ताह में होने वाले विकास प्रक्रिया को देखकर हैरत में पड़ सकती है क्योंकि यह सब देख पाना काफी रोमांचित भरा रहने वाला है।
 20 सप्ताह के दौरान होने वाले एनाटॉमी स्कैन (अल्ट्रासाउंड टेस्ट) के जरिए डॉक्टर शिशु का लिंग पता लगाने में भी सक्षम है, हालांकि, ऐसा करना गैर कानूनी है। लेकिन इस सप्ताह आप शिशु के जननांगों के अलावा भी बहुत कुछ देखने वाली होती है
19 week of pregnancy मतलब – 5 माह गर्भावस्था
2nd trimester मतलब – गर्भावस्था दूसरी तिमाही
21 week’s to go मतलब – 21 सप्ताह बचें

Table of Contents

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था – शिशु का विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स और देखभाल से जुड़ी जरूरी बाते | 19 week pregnant in hindi

19-week-pregnancy-in-hindi

Here’s quick summary
  • शिशु की संवेदनशील त्वचा अब वर्निक्स की परत से ढकने जा रही होती है एक सफेद, गाढ़ा परत जो उसकी त्वचा को सुरक्षा प्रदान करता है
  • शिशु के फेफड़े भी विकसित होने लगें हैं मुख्यत: उनमें हवा की छोटी छोटी थैलियां जिसे ब्रोंकायोल्स कहते हैं।
  • शायद इस सप्ताह पहली बार आप शिशु की हरकतो को महसूस करने वाली है 

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था में शिशु का विकास | Baby development by week 19 in hindi

उन्नीस सप्ताह में शिशु का आकार कितना हैं – baby size at 19 week 

शिशु अभी सिर से पांव तक 6 इंच लंबा हो गया है इस सप्ताह उसका वजन भी आधा पाउंड के जितना बढ़ गया होता हैं मतलब आपका शिशु मात्र एक छोटे से अंश बराबर से इतना बड़ा हो गया होता है।

फैट कोशिकाएं बनने लगीं

शिशु में पहले ही सफेद फैट कोशिकाएं बन रहीं होती हैं जिनमें ऊर्जा एकत्रित होती है। लेकिन अब शिशु में ब्राउन फैट कोशिकाएं भी बनने लगे हैं। ब्राउन फैट कोशिकाएं शिशु को गर्भ के बाहर गर्म रखने में मदद करती है।

शिशु के बाल

शिशु के सिर पर हेयर केनाल और टनल जों तव्चा में बालों को संभाले रखता है वह पूरी तरह बन गए होते हैं सिर के बाल तो 21 सप्ताह तक दिखने भी लगते हैं

शिशु के छोटे दांत

हालांकि, जन्म के 6 महीनों बाद तक आप शिशु के दांतो को नहीं देख पाएंगी, अभी शिशु के मसूड़ों में उसके पहले दांत विकसित हो रहे होते हैं।

त्वचा की सुरक्षा

सुरक्षा के लिए शिशु की त्वचा एक कवच बना रहीं होती है ये गाढ़ा, सफेद, मोम की परत जैसा कवच जिसे वर्निक्स कहते है जिससे अनेको कार्य होते हैं जैसे –
  • शिशु को बर्थ कैनाल से बाहर आने में मदद करता है
  • गर्भ में शिशु को एमनियोटिक द्रव से बचाता है
  • इंफेक्शन से बचाता
  • शिशु के तापमान को संतुलित रखता
  • शिशु की त्वचा मॉइश्चराइज रखता
  • घावो को भरता

उन्नीस सप्ताह में गर्भवती का शरीर | Your body at 19 week pregnant in hindi

पैरों में ऐंठन

थकान भरे दिन के बाद बिस्तर पर जाने का मन करना, गर्भावस्था में, इस चाहत में कि कहीं आरामदायक नींद आ जाए। सच में अगर आपका भी मन यही करता है कि सब छोड़ बस आराम करें तो आप अकेली नहीं है
शायद आप उन गर्भवती माओं में है जिन्हें पैरों की ऐठन रातों को जागने में मजबूर करती हैं ये दर्द भरे ऐठन जो तलवों से ऊपर नीचे हो रहे होते है इस ऐठन का होना दूसरी और तीसरी तिमाही में सामान्य है जो दिन के किसी भी समय आपको परेशान कर सकता हैं।
हालांकि, कोई नहीं जानता आखिर ये सब क्यों होते है मगर इसके पीछे भी कुछ कारण बताएं जाते हैं जैसे – पूरी प्रेगनेंसी का भार लिए फिरने के कारण पैर थक जाते हैं या पैरों तक रक्त पहुंचने वाली रक्त नलिकाएं दबाव में आ गई होती हैं। कई बार इसे डाइट या हाइड्रेट नहीं होने के कारण भी माना जाता है।
कारण जो भी हो, आपको इसका तुरंत उपचार करना चाहिए, अपने पैरों को सीधा करें और उन्हे मोड़िए व घुमाइए 

शिशु की हरकतों को महसूस करना

शायद बहुत लोगों ने आपको बताया होगा, इस सप्ताह से गर्भवतियां शिशु की हरकतों को महसूस करने लगी होती हैं। लेकिन अभी तक आपको पेट में गैस के अलावा कुछ और महसूस नहीं हुआ होगा।
शिशु की पहली हरकत आप बहुत से रूपो में महसूस कर सकती है शायद पेट में होने वाली बुदबुदाहट या गैस असल में आपके शिशु की हरकतें हो जो 18 से 22 सप्ताह के बीच से ही महसूस होने लगते हैं मगर जैसे जैसे आपका शिशु बड़ा होगा आप आसानी से उसकी हरकतों को पहचानने लगेंगी 

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण | 19 week symptoms of pregnancy in hindi

 बढ़ती भूख

अधिक समय तक भूखी रह पाना शायद आपके लिए अब कठिन लगने लगा होगा, एक बेहतर सलाह यहीं होंगी अपने आसपास जंक फूड ना रखें, इसके बदले अपने किचन को पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों से भरे, हालंकि, कभी कबार आप जंक फूड का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते हैं।

स्ट्रेच मार्क्स

ऐसा अनुमानित किया जाता है प्रेगनेंसी में लगभग 90% महिलाएं स्ट्रेच मार्क्स डेवलप करती है इसलिए आप अकेली नहीं, वैसे पूरी प्रेगनेंसी भर आप इस समस्या से छुटकारा नहीं पा सकती, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स के मुताबिक मॉइश्चराइजर का उपयोग खुजली, इरीटेशन दूर करने और स्ट्रेच मार्क्स कम करने में मदद करता हैं

कब्ज की समस्या

गर्भावस्था में कब्ज का होना सामान्य है इसे प्रेगनेंसी का ही एक लक्षण मानिए, इससे बचने के लिए आपको एक बार अपने मेडिकेशन व सप्लीमेंट पर ध्यान देना चाहिए कभी कभी आयरन गर्भावस्था में कब्ज की समस्या बढ़ा देता है आपको अपने विशेषज्ञ से इस पर चर्चा करनी चाहिए शायद वे आपको पाचन सही रखने के लिए कोई उपाय बता पाएं

चक्कर और बेहोशी

बढ़ता गर्भाशय रक्त वाहिनियों पर दबाव डालने लगा होता है जिसका प्रभाव शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ता हैं जैसे मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह कम मात्रा में होना, यहीं सब मिलकर प्रेगनेंसी में आने वाले चक्कर या बेहोशी का कारण बनते है। समान्य होने के बावजूद आपको इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। अगर अचानक आप इसे महसूस करें तो तुरंत बैठ या लेट जाए जिससे शिशु या खुद चोट ना पहुंचा पाएं

पीठ दर्द

जैसे जैसे आपका गर्भाशय बढ़ने और बाहर को निकलने लगता है आप पाएंगी शरीर का भार पीछे की ओर ज्यादा लगने लगा होता हैं यही गर्भवतियों में पीठ दर्द का बहुत बड़ा कारण होता है इस समय आप अधिक वजन उठाकर अपने लोअर बैक पर अधिक प्रेशर न डालें
 

प्रेगनेंसी ब्रेन

अगर आप भी चीजों बार बार भूलने लगीं हैं या अधिक समय सोच मे पड़ी रहती है तो आप अकेली बिल्कुल नहीं है इसे आप प्रेगनेंसी ब्रेन कहें या बेबी ब्रेन, लगभग 81% गर्भवतियां प्रेग्नेंसी में बार बार भूलने, मेमोरी प्रॉब्लम, एकाग्रता में कमी, कन्फ्यूजन जैसी समस्याओं से गुजरती हैं

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था में पेट निकलना | Pregnant belly at 19 week in hindi

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था में वजन का बढ़ना आपको चिंतित कर सकता है। वैसे अभी तक आप 8 से 14 पाउंड तक वजन गेन कर चुकी होंगी, जो एक सामान्य बात है। पहली तिमाही में गर्भवती 3 से 5 पाउंड तक ही वजन गेन करती हैं तथा दूसरी तिमाही में 1 से 2 पाउंड प्रति सप्ताह के दर से वजन गेन करती हैं
अगर अचानक आप वजन बहुत ज्यादा या कम होते महसूस करें तो तुरंत आपको चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए, क्युकी ये किसी गंभीर समस्या का संकेत दे रहा होता हैं।
 

उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड | Ultrasound in 19 week of pregnancy in hindi

मीड प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड जो बहुत जल्द ही आने वाला है जहां निरीक्षक शिशु के पूरे शरीर को स्कैन कर यह जानने का प्रयास करते है सब सही है या नहीं? यहां शिशु के पूरे शरीर को स्कैन किया जाता है जैसे – मस्तिष्क, मेरुदंड तथा शिशु के मुख्य अंगो के विकास को भी देखा जाता हैं
वैसे इन सभी दृश्यों को देखना अपने आप में काफी रोमांचित भरा होता है इस दौरान डॉक्टर शिशु का लिंग भी जान सकते हैं, हालांकि, ऐसा करना गैर कानूनी है।
उन्नीस सप्ताह गर्भावस्था में बस आपको अल्ट्रासाऊंड ही नहीं बल्कि अब शिशु की देख रेख़ के बारे में भी सोचना शुरु कर देना चाहिए, आप अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से सलाह ले सकते हैं
गर्भावस्था में याद रखने वाली चीजें – 19 week pregnant checklist
  • शिशु की केयर करने से सम्बंधित जानकारियां इक्कठी करें
  • पोषक तत्वो से भरपूर भोजन करें
  • अपने पोस्चर को सही रखने पर ध्यान दें
  • अत्यधिक तनाव लेने से बचें
  • यदि किसी लक्षण को लेकर आपको कोई चिंता है तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें 

गर्भावस्था उन्नीस सप्ताह केयर टिप्स | Self care tips 19 week pregnant in hindi

धीरे-धीरे बढ़े

आप लगभग अपनी प्रेग्नेंसी के आधे भाग में पहुंच गई है जहां आप बहुत कुछ करने के बारे में सोच रही होंगी, लेकिन इस समय अत्याधिक जल्दी में होना चक्कर और सिर चकराने जैसे लक्षणों को पैदा कर सकता है इसलिए धीरे धीरे बढ़े, अचानक से खड़ी या बैठ ना जाए

योगासन

प्रीनेटल योगा पैरों की ऐठन दर्द के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं लेकिन यहां आपको बिना विशेषज्ञ निर्देश के कुछ भी करने से बचना चाहिए।

फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

एक गर्भवती के लिए फाइबर की उचित मात्रा लेना बहुत आवश्यक होता है लेकिन अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन हानिकारक भी होता हैं इससे ब्लॉटिंग, गैस और ऐठन कि समस्या होने लगती हैं
अगर आप फाइबर की ज्यादा मात्रा लेने की सोच रही हैं तो धीरे-धीरे इसकी मात्रा बढ़ाएं, जिससे शरीर को इसे अवशोषित करने का समय मिल सकें
 

तकिए का उपयोग करें

शायद पहले आपने कभी खराटे नहीं लिए होंगें, मगर बहुत सी गर्भवतियां प्रेगनेंसी में एक बेहतर नींद लेने में भी असक्षम होती है
खर्राटे आना, प्रेगनेंसी की बहुत बड़ी परेशानी होती है जो नेशनल कॉगनेशन के ऊपर आने से होता है। अधिकतर ये 16 सप्ताह से ही शुरू हो जाते हैं लेकिन कभी कभी ये गंभीर समस्या नींद नहीं आने का कारण बन जाते हैं। आपको डॉक्टर से इस पर चर्चा करनी चाहिए

दांतो का ख्याल रखें

जब आप गर्भवती होती हैं आपको दो लोगों के दांतो का ख्याल रखने की जरूरत पड़ती है शिशु और खुद के, एक हेल्दी डाइट लेना दातों को खराब होने से बचाता हैं तथा शिशु में दांतो के हेल्दी विकास में मदद करता है।
  • हेल्दी स्नैक्स ले, जंक फूड के बदले
  • बहुत सारा पानी और दूध पिए
  • बहुत से वैराइटीज के भोजन खाएं जैसे – वेजिटेबल, होलग्रेन, लीन प्रोटीन डेरी प्रोडक्ट
  • पर्याप्त रूप से कैल्शियम, फास्फेट, विटामिन डी, ए और सी डाइट में शामिल करें

उन्नीस सप्ताह के लिए प्रेगनेंसी डाइट

यदि आप वेजीटेरियन है तो आपको जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन बी12, कैल्शियम, विटामिन डी, डीएचए, आयरन और फोलेट की उचित मात्रा लेना आवश्यक हैं 
  • प्रोटीन युक्त भोजन खाए – जैसे नाइट्स, मूंगफली, दाल
  • यदि आप दूध नहीं पीना चाहती, तो आप दही का सेवन करें 
  • हरी सब्जियां खाये, रेशेदार फल और सब्जियां जरूर सेवन करे

FAQ. प्रेगनेंसी में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर

क्या प्रेगनेंसी में सेक्स कर सकते हैं?
जी हां…, प्रेगनेंसी में संभोग करना पूरी तरह सुरक्षित हैं व इससे शिशु को कोई नुक्सान नहीं होता है, बल्कि शिशु को इन सबका कुछ पता ही नहीं होता 
प्रेगनेंसी में कौन सी गलतियां ना करें?
प्रेगनेंसी में नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहें, ऐसे कार्यों को न करें जिसमें अत्याधिक शारीरिक कसरत की जरूरत हो
प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए?
एक प्रेगनेंसी बहुत से उतार चढ़ावो से भरा होता है इसलिए आपको एक हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने की जरूरत है, अपने पार्टनर, परिवारजनों और दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें
Hindiram के कुछ शब्द
19 week of pregnancy in hindi : प्रेगनेंसी का ये सप्ताह गर्भवती और शिशु दोनों के लिए अनेकों बदलाव लेकर आता है लेकिन अभी सबसे जरूरी होगा आप खुद का और शिशु का ख्याल रखें, हेल्दी डाइट ले, और अधिक से अधिक पानी पिए, यदि आपको किसी प्रकार की शंशा हैं तो अपने निरीक्षक से परामर्श कर सकते हैं
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