गर्भावस्था 29वां सप्ताह – शिशु विकास, गर्भावस्था लक्षण और प्रेगनेंसी केयर टिप्स

उन्नतिस सप्ताह गर्भावस्था में शिशु पहले के मुकाबले काफी विकसित हो गया होता है जब आप 29 सप्ताह गर्भावस्था में पहुंचती है शिशु की हरकते (उसकी लाते) बहुत बढ़ गई होती है। अब तो आप शिशु के बारे में बहुत कुछ जानने भी लगी होंगी (उसकी हरकतों के कारण) शिशु का लात मारना, जकड़ना आपको ऐसा लग सकता है जैसे आपके पेट में कोई डांसर हैं

 

यहां केवल शिशु की हरकते ही नहीं जो बढ़ी हैं बल्की उसके आकार और वजन में भी परिवर्तन आया है। गर्भवती महिला की बात करे तो इस सप्ताह प्रेगनेंसी के नए सिंप्टमसो से आपका सामना होने वाला है

डॉक्टर्स, गर्भवति महिलाएं जो 28 सप्ताह पार कर चुकी होती है उन्हे अक्सर ये सलाह देते है वे शिशु की हरकतों पर ध्यान दे, इसका एक कारण ये है ताकी ये पता लगाया जा सकें अंदर सब सही है! शिशु की हरकते या अनिश्चित लक्षण दिखने अथवा कुछ भी अस्वैधनिक लगने पर सीधे डॉक्टर से संपर्क करें

आइए विस्तार से जानते हैं 29 सप्ताह में गर्भवती महिला और शिशु में किस तरह के बदलाव होते हैं….

29 week of pregnancy मतलब – 7 माह गर्भावस्था

3rd trimester मतलब – गर्भावस्था तीसरी तिमाही

11 week’s to go मतलब – 11 सप्ताह बचें

Table of Contents

उन्नतिस सप्ताह गर्भावस्था – शिशु का विकास, प्रेगनेंसी सिंप्टम्स और देखभाल से जुड़ी जरूरी बाते | 29 week pregnant in hindi

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Here’s quick summary

  • अपका शिशु अब स्माइल (मुस्कुराने) लगा होता है जिसे आप उसकी नींद के समय भी देख सकती हैं। 
  • हिचकियां लेना – कई बार तो शिशु लगातार हिचकियां लेने लगता है जो अपको पेट पर टैप करने जैसा महसूस हो सकता हैं
  • लुनागो (बालों जैसी कोशिकाएं) जो शिशु के शरीर का घेरे हुए हैं अब धीरे-धीरे कम होने लगें हैं

उन्नतिस सप्ताह गर्भावस्था में शिशु का विकास | Baby development by week 29 in hindi


उन्नतिस सप्ताह में शिशु का आकार कितना हैं – baby size at 29 week 

जब आप 29 सप्ताह गर्भवती है शिशु एक बढ़े फुलगोभी के जितना बढ़ गया होता हैं। लंबाई में शिशु 15½ से 16 इंच लंबा हो गया होता है तो वहीं उसका वजन 2½ से 3 पाउंड (1.1 से 1.4 किलोग्राम) बढ़ गया होता है 


शिशु अपने जन्म लंबाई के काफी नजदीक पहुंचा गया है मगर अभी भी इसमें कुछ कमियां हैं। हालांकि, आने वाले सप्ताहों में शिशु दोगुना – तिगुना वजनी होने के फिराक में हैं।




शिशु में फैट कोशिकाएं बढ़ने लगीं हैं – increased fat tissue

शिशु में अब फैट कोशिकाएं बढ़ने लगीं हैं जिस वजह से शिशु की त्वचा से झुरिया के निशान भी हटने लगें होते हैं। वैसे अभी जो सफेद फैट टिशू शिशु की त्वचा में बन रहे है वह दूसरी तिमाही में बने भूरे फैट टिशू से बिल्कुल अलग है।


भूरे रंग के फैट टिशू शरीर के तापमान नियंत्रण में सहायता करता है वहीं सफेद फैट टिशू, जो अभी शिशु में बन रहा है जो आपमें भी मौजूद है वह शरीर के लिए ऊर्जा स्रोत का कार्य करता है।




शिशु की बढ़ रही हरकतें – baby movement

वैसे तो शिशु के लिए 9 महीने पोषित होने वाला, माता का गर्भ अनमोल है। जहां शिशु गर्भ के बाहर जीवन के लिए खुद को तैयार करता है मगर इस समय महिला को अनेक परेशानियों से गुजरना पड़ता हैं। पीठ और घुटनों में दर्द व कसाव भी महसूस होने लगता हैं


यह तब और अधिक तीव्र और उकसाने वाला हो जाता है जब शिशु पहले से ज्यादा विकसित और मजबूत हो गया होता हैं अब तो ये प्रतिक्रिया भी देने लगा होता हैं जैसे – अपनी हरकतों से, साउंड, लाइट पर भी, उस पर भी जो आपने आधे घंटे पहले खाया था



शिशु का विकास

  • अभी से लेकरफुल टर्म होने तक शिशु में लगातार फैट कोशिकाएं और मसल्स विकसित होंगे
  • शिशु की त्वचा मेच्योर और मोटी होने लगी हैं।
  • लुनागो (बालों जैसी कोशिकाएं) जो शिशु के शरीर का घेरे हुए हैं अब धीरे-धीरे कम होने लगें हैं



शिशु में हड्डियों का विकास

शिशु में मुख्य रूप से हड्डियों का विकास दूसरी तिमाही के बाद शुरू होता हैं। इसी दौरान शिशु को ज्यादा मात्रा में कैल्शियम की भी जरुरत पड़ती हैं आवश्यक मात्रा में कैल्शियम नहीं मिल पाने पर वह इसे आपके शरीर से लेने लगता है इसलिए ऐसा ना हो आपको कैल्शियम की आवश्यक मात्रा जरुर लेनी चाहिए। जिससे उसकी हड्डियां मजबूत हो सकें




गर्भ के बाहर जीवन

एक शिशु जो 29 सप्ताह में ही जन्म ले लेता है वैसे तो ये अभी भी प्रिमेच्योर हि है जन्म के बाद इन्हे NICU की स्पेशल केयर की जरूरत होती है तथा कुछ सप्ताह हॉस्पिटल में भी रहना होता है। हालांकि, 29 सप्ताह में जन्में शिशुओं के गर्भ के बाहर जीवन की संभावना 94% होती है।



उन्नतिस सप्ताह में गर्भवती का शरीर | Your body at 29 week pregnant in hindi

नसों का उभरना – vercious vain

29 सप्ताह में आप त्वचा में कुछ नया महसूस कर रही होती हैं खासकर यदि आप उन 20% गर्भवतियों में होंगी, गर्भावस्था में उभरी हुई नसों का दिखना पूरी तरह समान्य है।

ये फुली (उभरी) हुए नसें कई बार ज्यादा ही दिखने लगती है। हालांकि, गर्भवती या शिशु को इससे कोई नुकसान नहीं होता हैं। नसों में सूजन आना गर्भवती में रक्त स्तर में आए बढ़ोतरी व बढ़े हुए गर्भाशय का ही असर होता है 

कुछ गर्भवतियां तो इन उभरी हुईं नसों के कारण हल्का दर्द भी महसूस करती है। हालांकि, डिलीवरी के 1 से 2 माह में ही ये पूरी तरह गायब भी हो जाते है।

यदि आप इससे बचने या कम करने का उपाय ढूंढ रही हैं एक तरीका आप ये कर सकतीं हैं शरीर के रक्त संचरण में किसी तरह की रुकावट न आने दे – ज्यादा देर खड़े या बैठे ना रहे, रोज एक्सरसाइज करें। अधिकांशत: प्रेगनेंसी के ये सिंप्टम्स डिलीवरी के बाद चले जाते हैं।

शिशु की हरकतों को गिने – counting baby movement

गर्भवतियों जो 28 सप्ताह पार कर चुकीं हैं उन्हें अक्सर ये सलाह दे जाती हैं वे शिशु की मूवमेंट्स गिने जैसे – देखें एक घंटे के अंतराल में शिशु कितनी बार लात मारता है इससे आप ये जान सकती हैं अंदर सब सही है या नहीं…

शिशु की मूवमेंट्स गिनने का सबसे अच्छा समय जब आप आराम कर रही हो, क्योंकि अधिकतर शिशु इसी समय ज्यादा हरकत में होते हैं।

आपको शिशु की कोई भी या सभी हरकतों को गिनना हैं जैसे 1 घंटे में शिशु कितनी बार लात मार रहा है सामान्यतः एक स्वस्थ्य शिशु 1 घंटे में कम से कम 10 हरकत करता है इसे आप एक अच्चा संकेत ही माने

उन्नतिस सप्ताह गर्भावस्था के लक्षण | 29 week symptoms of pregnancy in hindi

कब्ज की समस्या – constipation

प्रेगनेंसी में पाचन सम्बन्धी समस्या लगभग सभी गर्भवतियां महसूस करती हैं ये प्रेगनेंसी हार्मोन इमबैलेंस होने के कारण होता है जो आंतो के मसल्स को रिलैक्स कर देता हैं जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है। आप यहां दही का सेवन कर सकते हैं क्योंकि इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन सही रखने में आपकी भरपूर मदद करते हैं।

माइग्रेन – migrane

जब सिर में तेज दर्द होने लगे, आराम के लिए आप एक शांत व अंधेरे कमरे में बैठ सकते हैं अपने माथे और गर्दन के पास ठंडा कंप्रेसर रखें, इससे आपको बहुत आराम मिलेगा। कभी कभार आप acetaminophen की टेबलेट भी ले सकती हैं।

बावासीर – hemoriods

उभरी हुई नसें यदि rectum के पास भी आ गई है यह शरीर में बढ़े रक्त प्रवाह और दबाव की वजह से हुआ होता है इसके कारण आप इरिटेशन और डिस्कंफर्ट भी महसूस कर सकते हैं। इन्हें हल्के गर्म पानी से साफ और सेकाई किया करें तथा अधिक से अधिक पानी पिए

प्रेगनेंसी ब्रेन – pregnancy brain

इसमें कोई शक नहीं आजकल आप कुछ ज्यादा ही खोई खोई रहती हैं, चीजें बहुत जल्दी भूलने लगी हैं। इसका भी कारण प्रेगनेंसी हार्मोन ही है जो आपके मेमोरी पर असर डाल रहा होता है वैसे आपको इसका बुरा नहीं मानना चाहिए क्योंकि डिलीवरी के बाद सब समान्य हो जाएगा।

तेजी से बढ़ते नाखून – fast growing nails

शायद तेज़ी से बढ़ रहे नाखून आपको बहुत प्यारे लग रहें होंगे। प्रेगनेंसी हार्मोन की वजह से ही ये तेज़ी से बढ़ने लगें होते है। जो काफ़ी मजबूत भी हो गए होते हैं।

उन्नतिस सप्ताह गर्भावस्था में पेट निकलना | Pregnant belly at 29 week in hindi

29 सप्ताह गर्भवती होने पर महिलाएं आमतौर पर 19 से 25 पाउंड वजन गेन कर चुकी होती हैं। महिलाएं जो जुड़वा बच्चों से गर्भवती होती हैं वे भी लगभग 23 से 38 पाउंड वजन गेन कर गई होती है। 29 सप्ताह में यदि आप हाथों से बड़े हुए पेट को स्पर्श करेंगी तो आप महसूस कर सकती हैं आपका पेट 3.5 से 4 इंच तक बाहर आ गया है।

शिशु की बहुत सारी हरकतों को भी आप 29 सप्ताह गर्भ में महसूस कर रही होंगी। शायद अब शिशु के लिए अंदर जगह कम पड़ने लगा है। हालांकि, अपका शिशु बहुत एक्टिव और ऊर्जावान है। शिशु की हरकतों का अनुमान लगाए तो एक स्वस्थ शिशु 1 घंटे में लगभग 10 बार हरकत करता है।

अगर कुछ समय के लिए शिशु की हरकत महसूस ना भी करें तो घबराए नहीं, थोड़ा पानी पीजिए और आराम करें, जब शिशु नींद से जग जाएगा तो आप उसे दोबारा महसूस करने लगेंगी। फिर भी आपको किसी प्रकार की चिंता है तो उसे अपने निरीक्षक से चर्चा करें

उन्नतिस सप्ताह गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड | Ultrasound in 29 week of pregnancy in hindi

अब तो शायद शिशु के लिए भी अंदर जगह कम पड़ने लगी है इसका मतलब है शिशु बहुत तेजी से बढ़ रहा है। यानी अब उसकी हरकतें (लाते और जकड़ना) भी मजबूत हो गए होते हैं जिन्हें अक्सर आप महसूस किया करती हैं।

एक समान्य शेड्यूल से यदि आप डॉक्टर के पास जाया करती है तो 29 सप्ताह में आपका कोई भी अपोइंटमेंट नहीं होगा, यानी इस सप्ताह आपका कोई भी अल्ट्रासाउंड टेस्ट नहीं होने वाला है। यदि आप जानना चाहें 29 सप्ताह अल्ट्रासाउंड में शिशु कैसा दिखता है – त्वचा के नीचे अब फैट कोशिकाएं बढ़ने और एकत्रित होने लगीं हैं जिसकी वजह से शिशु बहुत एक्टिव भी हों गया होता हैं।

यदि आप जुड़वा बच्चों से गर्भवती हैं तो निश्चित ही दोनों शिशुओं के लिए अंदर जगह कम पड़ने लगी होती हैं।

गर्भावस्था में याद रखने वाली चीजें – 29 week pregnant checklist

  • कोशिश करें जरुरत के अनुसार आप नींद और आराम ले रहें हों
  • न्यूट्रिएंट्स से भरपूर भोजन करें और खूब सारा पानी पिए
  • अपनी कैल्शियम की मात्रा पर ध्यान दें
  • कीगल एक्सरसाइज करें
  • लेबर और शिशु जन्म में पार्टनर की भूमिका और उनके साथ रहने के विषय में चर्चा करें

गर्भावस्था उन्नतिस सप्ताह केयर टिप्स | Self care tips 29 week pregnant in hindi

ब्रैस्ट पैड इस्तेमाल करें – use brest pad

गर्भवतियों में अक्सर देखा जाता हैं तीसरी तिमाही से ही उनके ब्रेस्ट से एक पीले रंग का फ्लूइड बाहर निकालने लगता है इसे Colostrum भी कहते हैं ये वहीं फ्लूइड हैं जिसे पीकर शिशु जन्म के बाद पोषित होता है।

Colostrum में समान्य से ज्यादा प्रोटीन, कम फैट और सुगर होता है जिससे नवजात शिशुओं को इसे पचाने में समस्या नहीं होती हैं।

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (RLS) – Restless leg syndrome

अभी तक तो हार्टबर्न और लेग क्रैंप्स ही आपको परेशान किया करते थे, कभी-कभार इंसोमिय आपकी रातो की नींद उड़ा लेता था। मगर तीसरी तिमाही में अब आप एक नए प्रेगनेंसी सिंप्टम से सामना करने वाली हैं

रेस्टलेस लेग सिंड्रोम (RLS), वैसे कोई नहीं जानता क्यों लेकिन रेस्टलेस लेग सिंड्रोम अक्सर तीसरी तिमाही में ही होते है। इस बात का ध्यान रखें आप आयरन की सही मात्रा ले रही हों

संवेदनशील त्वचा – sensitive skin

प्रेगनेंसी हार्मोन आपकी त्वचा को अधिक संवेदनशील बना देते हैं जो आपके लिए परेशानी की वजह बन सकते हैं गर्भवती को तेज धूप, तापमान, डिटर्जेंट व कई बार कुछ खाद्य पदार्थों से भी एलर्जी होने लगती हैं।

कॉन्ट्रैकशन का ध्यान रखें – recognise contraction

अब आप प्रेगनेंसी के अंतिम समय के काफी नजदीक आ गई है। शरीर भी उस समय के लिए तैयार होने लगा हैं मतलब अब आप कॉन्ट्रैकशन महसूस करने लगी होती हैं, शायद कुछ ज्यादा ही…

ब्रैक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैकशन (Braxton Hicks contraction), अपने डॉक्टर से सलाह लें ताकि नकली और असली कॉन्ट्रैकशन के बीच आप आसानी से अंतर कर पाएं

कैल्शियम की सही मात्रा ले

आपका शिशु कड़ी मेहनत कर रहा है जिससे वह अपनी हड्डियों को मजबूत बना सकें। लेकिन यदि उसके पास कैल्शियम की कमी है तो शिशु कैल्शियम आपके शरीर से लेने लगता हैं। इसलिए ऐसा ना हो, प्रेग्नेंसी में आपको कैल्शियम की जरूरी मात्र लेनी है कैल्शियम आपको बहुत सी चीज़ों में मिल जाएगा जैसे – दूध, दही, अंडे

अट्ठाईस सप्ताह के लिए प्रेगनेंसी डाइट

यदि आप वेजीटेरियन है तो आपको जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन बी12, कैल्शियम, विटामिन डी, डीएचए, आयरन और फोलेट की उचित मात्रा लेना आवश्यक हैं 

  • प्रोटीन युक्त भोजन खाए – जैसे नाइट्स, मूंगफली, दाल
  • यदि आप दूध नहीं पीना चाहती, तो आप दही का सेवन करें 
  • हरी सब्जियां खाये, रेशेदार फल और सब्जियां जरूर सेवन करे

ध्यान देने योग्य बातें 

दूसरी तिमाही में शरीर का रक्त लगभग 45% तक बढ़ जाता है मगर तीसरी तिमाही में शिशु को ज्यादा आयरन की जरुरत होती हैं जिसे यह आपसे लेने लगता है। इसलिए अक्सर देखा जाता है तीसरी तिमाही में ही बहुत-सी गर्भवतियां एनीमिया की शिकार हो जाती है।

  • एनीमिया के प्रभाव – 
  • चक्कर आना
  • आत्याधिक थकान महसूस होना
  • सिर दर्द
  • छोटी-छोटी सांसे

यदि आप एनीमिया के लक्षण देखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

FAQ. प्रेगनेंसी में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर

क्या प्रेगनेंसी में सेक्स कर सकते हैं?

जी हां…, प्रेगनेंसी में संभोग करना पूरी तरह सुरक्षित हैं व इससे शिशु को कोई नुक्सान नहीं होता है, बल्कि शिशु को इन सबका कुछ पता ही नहीं होता 

प्रेगनेंसी में कौन सी गलतियां ना करें?

प्रेगनेंसी में नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहें, ऐसे कार्यों को न करें जिसमें अत्याधिक शारीरिक कसरत की जरूरत हो

प्रेगनेंसी में क्या करना चाहिए?

एक प्रेगनेंसी बहुत से उतार चढ़ावो से भरा होता है इसलिए आपको एक हेल्दी लाइफ स्टाइल अपनाने की जरूरत है, अपने पार्टनर, परिवारजनों और दोस्तों के साथ समय व्यतीत करें

Hindiram के कुछ शब्द

29 week of pregnancy in hindi : प्रेगनेंसी का ये सप्ताह गर्भवती और शिशु दोनों के लिए अनेकों बदलाव लेकर आता है लेकिन अभी सबसे जरूरी होगा आप खुद का और शिशु का ख्याल रखें, हेल्दी डाइट ले, और अधिक से अधिक पानी पिए, यदि आपको किसी प्रकार की शंशा हैं तो अपने निरीक्षक से परामर्श कर सकते हैं।

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