अल्ट्रासाऊंड: तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण | baby boy symptoms in third trimester

गर्भावस्था की तीसरी तिमाही, जहां सब कुछ पहले के मुकाबले काफी विकसित हो चुका रहता हैं शिशु भी पूर्णता baby boy या baby girl बन गया होता है। आप चाहे तो तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण से शिशु का लिंग पहचान सकती हैं…

तीसरी तिमाही pregnancy आखिरी तिमाही है जहां शिशु लड़का या लड़की बनकर जन्म लेता हैं। मगर एक सवाल गर्भवतियों के मन में अक्सर आता है कैसे पता लगाएं कि पेट में लड़का है या लड़की – garbh me ladka hone ke lakshan

क्या कोई ऐसा तरीका नहीं, जिससे तीसरी तिमाही में गर्भ में पुत्र या पुत्री पता कर सकें, लड़का है या लड़की जान सकें, अगर है तो कैसे तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण पहचाने

यदि इंटरनेट पर जन्म से पूर्व शिशु का gender check करने के तरीके सर्च करें, जरूर कुछ टेक्निकस तो मिलेंगी, जो दावा भी करते child birth prediction की

मगर सच्चाई ये है… आप कभी उनसे शिशु का लिंग नहीं जान पाएंगी, तीसरी तिमाही में भी नहीं, हां… कुछ सही तरीके भी है लेकिन बहुत कम लोग ही उन्हे जानते हैं क्या आप भी जानना चाहेंगे ? इस पोस्ट को पूरा पढ़े 

Table of Contents

तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण कैसे जानें – third trimester baby boy symptoms

तीसरी-तिमाही-में-एक-लड़का-होने-के-लक्षण

क्या हो अगर मैं कहूं, पेट में लड़का है या लड़की जानने का एक गलत तरीका भी है और सही तरीका भी, आप कौन सा चुनेंगे ?

जरूर… सही तरीका, क्योंकि गलत तरीके से आपको गलत इंफॉर्मेशन ही मिलेंगा। चलिए जानते हैं वो कौन से तरीके हैं जिनका उपयोग करना चाहिए और किनका नहीं… 

गलत तरीके – पेट में लड़का या लड़की जानने के – baby boy in womb symptoms |बेटा होने के 4 लक्षण

क्योंकि ये तरीके गलत है इसका मतलब यह नहीं ये खतरनाक है बल्कि इनसे आपको जो भी पता चलेगा वह पूर्णता सत्य नहीं रहेगा अथवा झूठे होंगे

इसके पीछे कारण यह है क्योंकि ये वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित नहीं कि इनसे गर्भ में शिशु का gender पता किया जा सकता हैं।

पुरानी माओ से जानें पुत्र या पुत्री – gender check baby boy and girl

चेहरे के दाग धब्बे से जाने बेटा या बेटी – beta hone ke lakshan

पुरानी माओ का कहना है यदि गर्भवती के चेहरे पर पिंपल, एक्ने, झुरिया, दाग धब्बे जैसी समस्या हो यह बेटी होने का संकेत है वही चेहरे का निखार बढ़ने पर बेटा होता है।

तापमान में बदलाव से जाने बेटा या बेटी जाने – beta hone ke lakshan

गर्भावस्था में गर्भवती का शरीर ठंडा अत्याधिक प्रतीत होने लगे, यह गर्भ में पुत्र होने का लक्षण है। इसके विपरीत प्रेगनेंसी में अधिक गर्माहट महसूस करना पुत्री होने का लक्षण होता है।

दिल धड़कने की गति लड़का या लड़की – ladka ladki hone ke lakshan

माना जाता है अगर शिशु का दिल 140 बीपीएम से कम धड़क रहा है यह लड़का होता है। यदि 140 बीपीएम से ज्यादा हैं तो लड़की होती हैं।

कैलेंडर से लड़का या लड़की – ladka ladki hone ke lakshan

चाइनीस और मायन कैलेंडर का प्रयोग शिशु का लिंग जानने में किया जाता है। इसके मुताबिक गर्भवती की उम्र और गर्भ धारण का महीना दोनों सम अथवा विषम रहे तो लड़की है। वहीं एक सम दूसरा विषम हो तो लड़का होता हैं।

शरीर में सूजन – गर्भ में पुत्र या पुत्री कैसे पता करें

गर्भावस्था में पैरों अथवा पैर की एड़ीयो में सूजन पुत्र प्राप्ति का संकेत माना जाता है। वही पुत्री होने पर सूजन जैसी समस्या नहीं आती हैं।

टॉयलेट का रंग – गर्भ में पुत्र या पुत्री कैसे पता करें

क्या आपने पेशाब के रंग पर गौर किया, ऐसा कहा जाता हैं गर्भवती के पेशाब का रंग पीला और चमकीला रहना लड़का होने को बताता है। तथा सफेद रंग लड़की पुत्री होने को बताता है।

सपने से जाने लड़का या लड़की – baby boy symptoms in hindi

गर्भवती के सपने भी उसके शिशु का लिंग बता सकती हैं। यदि सपने में पुरुष अधिक दिखाई देते हो तो लड़की होती हैं स्त्रियों का सपने में अधिक दिखना लड़का होने का लक्षण रहता हैं। 

ब्रेस्ट साइज से जाने लड़का या लड़की – baby boy symptoms in hindi

प्रेगनेंसी में जब गर्भवती का दाहिना स्तन बहिने स्तन से थोड़ा बड़ा रहें यह लड़का होने का संकेत है। वहीं इसके विपरीत बहिने स्तन का आकार दाहिने की अपेक्षा बड़ा हो तो लड़की का जन्म होता है।

पेट पर लंबी लाइन – प्रेगनेंसी में पेट पर लकीर का मतलब

जब पेट की भूरी लाइने नाभि के नीचे तक जाती हो, यह गर्भ में बेटी होने को बताता है। वही गर्भवती के पेट की भूरी लाइन नाभि के ऊपर तक जाए तो यह बेटे के जन्म को बताता है। 

पेट का झुकाव – प्रेगनेंसी में बेबी बॉय किस साइड होता हैं


गर्भावस्था में पेट बड़ा तथा नीचे की ओर झुका रहना, बेटा होने का लक्षण है इसके विपरित पेट ऊपर, उठा हुआ रहे तो बेटी होती है। उसी तरह प्लेजेंटा अगर गर्भाशय के राइट साइड बन रहा हो – मतलब प्रेगनेंसी में बेबी का राइट साइड होना – तो लड़के होने की ज्यादा संभावना रहती हैं प्लेजेंटा लेफ्ट साइड बनने पर लड़की होने की ज्यादा संभावना रहती

ज्योतिषी शास्त्र से पता लगाए पेट में लड़का या लड़की – astrology conceving baby | child birth prediction

चाहें आप पहली तिमाही में हो, दुसरी या तीसरी तिमाही, ज्योतिषी शास्त्र से आप तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण जान सकते है।

हालांकि, यह भी वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित नहीं जो शिशु का लिंग जन्म से पहले – तीसरी तिमाही में बता सके। लेकिन इसमें भी कुछ चीजों को ध्यान रख बेबी बॉय या बेबी गर्ल पता लगा सकते हैं…

  • पुरुष और महिला ग्रहों को खोजना
  • पूरातका का महत्व
  • श्रवण घोष का महत्व
  • भोज और खसकर की खोज
  • बृहस्पति गोचर का महत्व

सही तरीका – तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण पता करने के – baby boy symptoms in third trimester

वैज्ञानिक तौर पर देखें तो, विज्ञान के पास बहुत सी ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसकी मदद से गर्भ में शिशु का जेंडर पता किया जा सकता है।

कैसे अल्ट्रासाऊंड में लड़का या लड़की की पहचान करें ?  चलिए पहले कुछ वैज्ञानिक परीक्षणों को देखते हैं जो गर्भ में शिशु का जेंडर जानने के लिए किए गए थे… 

गर्भ में लड़की होने की पहचान – its girl baby 

हाइपरमीश ग्रेविड्रम

यह एक ऐसी कंडीशन है जहां गर्भवती मॉर्निंग सिकनेस जैसी समस्या से अत्याधिक रूप से पीड़ित हो जाती है। पेट की ऐंठन, उल्टी जैसी समस्या भी अधिक होने लगती है।

कुछ वैज्ञानिक परीक्षणों में यह सामने आया, गर्भवतियां जो बेबी गर्ल से प्रेग्नेंट थीं उन्हे पेट की ऐंठन, उल्टी जैसी समस्याएं अधिक ही परेशान करती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार ये प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण होता हैं जो फीमेल फिटस के कारण अधिक प्रोड्यूस होता है।

अत्याधिक भूलना

ना जाने क्यों, कुछ रिसर्च दावा करते हैं गर्भवतियां जिन्होने बेबी गर्ल को जन्म दिया था, उनका मेमोरी टेस्ट किए जाने पर जैसे – सुनना, जोड़ना और सोचने की क्षमता बेबी बॉय जन्म देने वाली गर्भवतियों से कम थी।

गर्भावस्था में यदि आपको भी अधिक भूलने की समस्या हो रही है तो आप अपने प्रेगनेंसी ब्रेन को दोषी मान सकती है जो बेबी गर्ल के कारण हो रहा हैं।

अधिक स्ट्रेस

2019 के एक छोटे से शोध, जिसमें सामने आया गर्भवतियां जो अत्यधिक शारीरिक और मानसिक रूप से पीड़ित रहतीं थीं उन्होंने लड़की को जन्म दिया था।

दूसरे शब्दों में कहा जाए तो कंसीव करने के बाद से जितना आप अधिक स्ट्रेस्ड रहेंगी उतने ज्यादा चांसेस होते बेबी गर्ल होने के, रिसर्चस का मानना है ऐसा इसलिए क्योंकि लड़कियां दुर्गम परिस्थितियों के लिए ज्यादा वल्नरेबल होती लड़कों के मुकाबले,

बेबी इज ब्रिच

प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही, लगभग 32 सप्ताह पार करने के बाद भी अगर शिशु का सिर ऊपर और पैर नीचे हो तब यह बेबी गर्ल होने का संकेत है।

सन 2015 में हुए एक परीक्षण, जिसमें हंगरी देश के 1996 से 2011 तक के ब्रिच बेबी के जन्म को जांचा गया, शोधकर्ताओं ने पाया इसमें अधिकतर लड़कियां ही थी।

गर्भ में लड़का होने की पहचान – baby boy in womb symptoms

कपल्स साथ रहते

यूएस में हुए एक शोध जिसमें 86000 बच्चों के जन्म को जांचा गया 1959 से 1981 इसमें पाया गया लगभग 51.6% माताएं जो कंसीव के बाद अपने साथी के साथ रहती थी। उन्होंने 49% के मुकाबले बेबी बॉय को जन्म दिया था।

हाई कैलोरी डाइट

एक शोध में यह भी पता चला, कंसीव करने के समय और बाद जो गर्भवतीया हाई कैलोरी लेती थी रिसर्च के मुताबिक उन्होंने baby boy को जन्म दिया था।

शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादा कैलोरी इसलिए क्योंकि बेटों को ज्यादा चीजों की जरूरत होती है ज्यादा कैलोरी की भी

अत्याधिक भूख 

वैसे गर्भावस्था में भूख तो सभी महिलाओं को लगती है। लेकिन एक वैज्ञानिक परीक्षण में यह सामने आया जिन गर्भवतीयों ने बेबी बॉय को जन्म दिया वे 10% अधिक कैलोरी कंज्यूम करती थी। उनके मुकाबले जो बेबी गर्ल से प्रेग्नेंट थीं

ज्यादा भूख क्यों ? इसके पीछे कारण शिशु के टेस्टोस्टीरॉन हार्मोन को बताया जाता है जो गर्भवती को अधीक खाने के लिए प्रेरित करता है।

आंतों में डायबिटीज

गैस्टेशनल डायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है जहां खून में ग्लूकोज अधिक मात्रा में हो जाती है। कुछ रिसर्च में पाया गया, जो बेबी बॉय को जन्म देती है उन्हे खासकर गैस्टेशनल डायबिटीज की शिकायत अधिक होती है।

शोधकर्ताओं को अभी भी ज्ञात नहीं बेबी बॉय होने पर इतने ज्यादा मेटाबोलिक चेंजेज क्यों होते हैं। और इसे बहुत से अध्ययनों द्वारा भी समर्थन किया जा रहा है।

तीसरी तिमाही – अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण – baby boy symptoms in 3rd month – usg report

लिंग नहीं तो लड़की

बहुत से पेरेंट्स ऐसा सोचते हैं यदि अल्ट्रासाउंड इमेज में शिशु का लिंग नहीं दिखता है तो वह लड़की होगी…

हालांकि, ऐसा सोचना लाजमी भी है। लेकिन हर बार यह सही नहीं होगा, खासकर जब आप शुरुआती प्रेगनेंसी रहें, क्योंकि शुरुआत में पेनिस और क्लोटरिस दोनों समान दिखते हैं।

कई बार अल्ट्रासाउंड में शिशु का लिंग भी नजर नहीं आता अतः इसका मतलब यह नहीं वह लड़की हैं।

टर्टल साइन

यह एक कछुए के आकार का चिन्ह है जिसे निरीक्षक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में देखकर एक लड़का होने की पुष्टि करता हैं।

यहां शिशु का लिंग दोनों टेस्टिकल के बीच से बाहर निकलता हुआ दिखाई देता है। जो देखने में कछुए के जैसे दिखता हैं।

इरेक्ट पेनिस

अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में शिशु के लिंग में तनाव से भी उसके लड़के होने की पुष्टि की जाती है। यह खासकर तीसरी तिमाही में अल्ट्रासाउंड में दिखाई देते हैं।

यहां आप शिशु के लिंग में तनाव को साफ तौर पर देख सकती हैं। घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि बेबी बॉय में अक्सर ऐसा देखा जाता है।

फ्लो ऑफ यूरिन

अल्ट्रासाउंड में यूरिन के फ्लो से भी शिशु का जेंडर बताया जा सकता है। अगर यूरिन का फ्लो ऊपर से हो तब लड़का होता हैं नीचे से यूरिन फ्लो होने पर लड़की होती है।

तीसरी तिमाही – अल्ट्रासाउंड में लड़की होने के लक्षण – usg report – its girl baby

हैमबर्गर साइन

यह बिल्कुल हैमबर्गर के आकार का साइन होता है जिसे अल्ट्रासाऊंड रिपोर्ट में देखकर एक प्रोफेशनल लड़की होने की पुष्टि करता है।

सेजिटल साइन 

जब शिशु के जनानांग पूर्ण रूप से विकसित नहीं हुए होते है तब उसके पैरो के बीच एक ट्यूबरकल नाम का अंग होता है जिसे मीडलाइन सेजिटल भी कहते हैं।

यहां एक नब भी होता है जो धनु की आकृति का होता है जब ये नब 30° एंगल में प्वाइंट करे इसका मतलब लड़की होती हैं।

Hindiram के कुछ शब्द


तीसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण – baby boy symptoms in third trimester यदि आप नए नए पैरेंट्स बने हैं तथा आप अपने शिशु का लिंग जानने को बेताब है तो आप इन सही तरीके का से जान सकते है। गर्भ में लड़का है या लड़की

Share on:

Leave a Comment